हालात बिगड़ रहे:बीसियों मरीजों को लौटाया जा रहा; अब जेएलएन में बेड और ऑक्सीजन सप्लाई जल्द बढ़ाना हुआ जरूरी

अजमेर6 महीने पहलेलेखक: मनीष सिंह चौहान
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ऋषि घाटी मोक्षधाम में गुरुवार की रात 4 शवों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। इसमें एक कोविड संक्रमित शव था।  फोटो | रमेश डाबी - Dainik Bhaskar
ऋषि घाटी मोक्षधाम में गुरुवार की रात 4 शवों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। इसमें एक कोविड संक्रमित शव था। फोटो | रमेश डाबी
  • जेएलएन की क्षमता 650 से 1000 बेड हो तो मिले राहत, अभी बाइपेप व वेंटिलेटर लगे मरीजाें को हाई फ्लाे नेजल व नॉन रीब्रीथिंग फेस मास्क से दे रहे
  • ऑक्सीजन, इससे 10 गुणा अधिक हाे रही है खपत

दूसरी लहर में कोरोना जिस तरह से कहर बरपा रहा है और बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं, उसे देखते हुए अब समय आ गया है कि जेएलएन की कोविड बेड क्षमता 650 से बढ़ाकर 1000 कर दिया जाए। अभी जेएलएन को 2500 ऑक्सीजन सिलेंडर की प्रतिदिन जरूरत है। क्षमता बढ़ाने पर इतनी ही ऑक्सीजन की और जरूरत पड़ेगी। जिला प्रशासन हिंदुस्तान जिंक सहित जिले की अन्य बड़ी औद्योगिक इकाइयों से ऑक्सीजन और सिलेंडर की व्यवस्था कर सकता है।

जेएलएन में भर्ती 650 काेविड संक्रमित मरीजाें पर प्रतिदिन 2,500 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत राउंड द क्लाक हाे रही है। इन संक्रमिताें में 200 बेड वेंटिलेटर व बाइपेप के मरीजाें के लिए रिजर्व किए गए हैं। अकेले इन मरीजाें पर ही राेजाना 2000 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत हाे रही है। जबकि काेविड के बाकी 440 मरीजाें पर तकरीबन 484 ऑक्सीजन सिलेंडर खर्च हाे रहे हैं।

अस्पताल काे फिलहाल 650 मरीजाें की क्षमता के हिसाब से राेजाना करीब 2500 सिलेंडराें की सप्लाई मिल रही है। जेएलएन में बेड की क्षमता बढ़ाई जा सकती है अगर करीब 2500 और सिलेंडराें की व्यवस्था कर ली जाए। हालांकि, राेजाना जिस तरह से बड़ी संख्या में मरीजाें काे लाैटाया जा रहा है, उससे अब इस बात की जरूरत महसूस हाे रही है कि बेड की क्षमता करीब 1000 तक तत्काल की जानी चाहिए।

ऐसे मरीज जाे वेंटिलेटर और बाइपेप पर नहीं है उन्हें प्रति मिनिट 5 से 6 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। विशेषज्ञाें का मानना है कि वेंटिलेटर और बाइपेप के मरीजोंकाे दस गुणा अधिक यानी करीब 50 से 60 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनिट जरूरत पड़ती है। काेराेना के मरीजाें काे दरअसल हाई फ्लाे नेजल ऑक्सीजन एचएफएनओं थेरेपी से ऑक्सीजन दी जा रही है। इसी कारण जेएलएन में प्रतिदिन सप्लाई हाे रहे ढाई हजार ऑक्सीजन सिलेंडर में से अकेले काेविड के वेंटिलेटर व बाइपेप, आरबीएम पर मरीजाें पर ही दाे हजार ऑक्सीजन सिलेंडर खर्च हाे जाते हैं।

जेएलएन में 1428 बेड की क्षमता है
640 काेविड के लिए आरक्षित {एक सिलेंडर में 7 हजार लीटर ऑक्सीजन वेंटिलेटर व बाइपेप वाले 200 बेड वेंटिलेटर व बाइपेप पर फेस मास्क से 25 से 30 ली. प्रति मिनट खपत काेराेना मरीजाें के लिए 50 से 60 ली. प्रति मिनट ऑक्सीजन प्रतिदिन 2,500 सिलेंडर यानी कुल 1 करोड 75 लाख लीटर ऑक्सीजन आ रही है वेंटि, बाइपेप के 200 मरीजों पर 24 घंटे में प्रति मरीज 72 हजार ली. ऑक्सीजन की खपत 50 लीटर प्रति मिनट यानी 60 मिनट में 3,000 ली. ऑक्सीजन खर्च जाे बाइपेप-वेंटिलेटर पर नहीं हैं उन्हें 5 ली. प्रति मिनट, एक घंटे में 300 ली. और 24 घंटे में 7200 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है।

24 घंटे में ऐसे मरीजाें पर 1.1 सिलेंडर प्रति व्यक्ति जेएलएन में खर्च हाे रहा है। ऐसे मरीज 440 हैं, इन पर राेजाना सिलेंडर खप रहे हैं।

जेएलएन में ऑक्सीजन डिस्ट्रीब्यूशन की स्थिति
जेएलएन में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए तीन पाॅइंट बने हुए हैं। प्रत्येक पाॅइंट पर 64-64 की कतार से 192 ऑक्सीजन सिलेंडर एक साथ लगाए जाते हैं। प्रत्येक 55 मिनट में जेएलएन में 150 ऑक्सीजन सिलेंडर खर्च हाेते हैं। यह ऑक्सीजन सिलेंडर बेड पर सीधे लाइन के जरिए 430 पाॅइंट से हाेते हुए जाते हैं।

55 मिनट में भर रहे 50 सिलेंडर
जेएलएन में पर्वतपुरा बाइपास, सिलाेरा, रास व जयपुर से तकरीबन तीन हजार से अधिक सिलेंडर प्रतिदिन सप्लाई हाे रहे हैं। प्लांट पर वहां की क्षमता के अनुसार सिलेंडर काे भरा जाता है। पर्वतपुरा प्लांट से 55 मिनट में 50 ऑक्सीजन सिलेंडर भरे जा रहे हैं।

जेएलएन की स्थिति
जेएलएन में 650 रिजर्व बेड में से 450 पर ऑक्सीजन व वेंटिलेटर की सप्लाई है। 330 बेड ऑक्सीजन सपाेर्ट वाले हैं। यहां प्रतिदिन 60 से 65 मरीजाें काे डिस्चार्ज किया जा रहा है। इन मरीजाें में 30 प्रतिशत 60 साल से अधिक की उम्र के हैं।

एक हजार बेड रिजर्व करें, तो किसी काे नहीं लाैटना पड़े
जेएलएन में काेविड के मरीजाें काे वापस लाैटाया जा रहा है। यदि जिला प्रशासन यहां पर 1428 बेड में से 1000 बेड काेविड के लिए रिजर्व कर दें ताे किसी मरीज काे यहां से लाैटना नहीं पड़ेगा। यह जरूर है कि यहां पर ऑक्सीजन की सप्लाई तकरीबन 5 हजार सिलेंडर प्रतिदिन करनी पड़ेगी। इसके लिए सिलेंडर भी अतिरिक्त चाहिए हाेंगे।

जेएलएन काे 1000 बेड का सुपर काेविड बनाए जाने के लिए प्रशासन काे जाे राेजाना 2500 ऑक्सीजन सिलेंडराें की जरूरत पड़ेगी उसकी व्यवस्था हिंदुस्तान जिंक से की जा सकती है। कंपनी फिलहाल उदयपुर काे 5 टन ऑक्सीजन राेजाना दे रही है। जिला प्रशासन कंपनी प्रबंधकाें से बात कर अजमेरवासियाें काे एक बड़े खतरे से बचा सकते हैं।

इसके अलावा श्री सीमेंट सहित अन्य बड़े उद्याेगाें से भी और ऑक्सीजन ली जा सकती है। जिला प्रशासन रेलवे सहित अन्य उद्याेगाें से भी सिलेंडर ले सकता है। जेएलएन के पास अभी करीब 2800 सिलेंडर हैं। प्रशासन करीब 1400 सिलेंडर अधिग्रहित भी किए थे।

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