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काैंसिल के सदस्य ने सभी बार एसोसिएशन सदस्याें काे चेताया:राजनीतिक नियुक्ति वाले सरकारी वकीलों काे हटाने की सुगबुगाहट के बीच विराेध के स्वर शुरू

अजमेर6 दिन पहले
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प्रदेश के जिला एवं सैशन न्यायालयाें में राज्य सरकार व अभियाेजन की ओर से पैरवी के लिए राजनीतिक प्रभाव से नियुक्त हाेने वाले सरकारी वकीलों काे हटाने की सुगबुगाहट चल रही है। रेग्यलर कैडर के जरिये चयनित हुए अभियाेजन विभाग के सहायक लाेक अभियाेजक व प्रमाेशन पाकर अभियाेजन अधिकारी बने सरकारी वकीलों काे ऐसे राजनीतिक नियुक्ति वाले वकीलों की जगह नियुक्ति की चर्चाओं के बीच विराेध के स्वर भी शुरू हाे गए हैं। इसे सीधे ताैर पर प्रदेश की बार काैंसिल व बार एसोसिएशन से जुड़े सदस्य वकीलों के हिताें केे विपरीत बताया जा रहा है।

हालांकि अब तक सरकारी स्तर से राजनीतिक नियुक्ति वाले सरकारी वकीलों की सेवाएं समाप्त करने बाबत किसी आदेश की जानकारी नहीं मिली है। राजस्थान बार काैंसिल के वरिष्ठ सदस्य डाॅ महेश शर्मा की ओर से इस संबंध में प्रदेश की सभी बार एसोसिएशन काे इस बाबत भेजे गए पत्र की चर्चा है।

बताया जा रहा है कि डाॅ. शर्मा ने इस पत्र के जरिये सभी बार एसोसिएशन काे चेताया है कि राजस्थान सरकार वकील कोटे के लाेक अभियाेजकाें के स्थान पर सत्र न्यायालय एवं समकक्ष न्यायालयों में सरकारी कर्मचारियों यानी अभियाेजन विभाग के सहायक लाेक अभियाेजक से पदोन्नत कार्मिकाें काे नियुक्ति देने पर विचार कर रही है।

इसका उद्देश्य यह है कि अदालती कार्रवाई में सरकार के पक्ष पर बार के स्थान पर सरकारी कार्मिकाें व मुलाजिमाें का हस्तक्षेप बढ़ सके। उन्हाेंने इसका विराेध करते हुए कहा है कि अगर ऐसा हाेता है ताे सरकारी खजाने पर भार चार गुना बढ़ जाएगा इसीलिए वित्त विभाग ने भी इस पर आपत्ति की है।

अफवाह प्रतीत हाेती है, सही हुई ताे संघर्ष करेंगे

लोक अभियोजक विवेक पाराशर के अनुसार राजस्थान सरकार द्वारा राजनीतिक नियुक्तियों से बनने वाले लोक अभियोजक राजकीय अभिभाषक के स्थान पर रेगुलर कैडर से चयन होकर आने वाले सरकारी वकीलों को नियुक्त किए जाने की चर्चा वैसे तो मात्र एक अफवाह ही प्रतीत होती है।

इसके बावजूद अगर वकील काेटे से सरकारी वकील नियुक्ति की गतिविधि में फेरबदल किया जाता है ताे प्रदेश के सभी लाेक अभियोजक व अपर लोक अभियोजक तथा वकील काेटे के सरकारी वकील मिलकर एक प्रदेश स्तरीय संगठन बनाकर संघर्ष करेंगे। राजनीतिक दलों का उनके राजनीतिक कार्यकर्ताओं काे योग्यतानुसार प्रतिनिधित्व देना भी उनका दायित्व है।

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