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  • Wheat Rising After Death; The Consumer And The Ration Dealer Made Allegations And Counter Allegations Against Each Other, After Receiving The Complaint, The Logistics Department Started Investigation

मौत के बाद भी उठती रही राशन सामग्री:उपभोक्ता और राशन डीलर ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप, शिकायत मिलने पर रसद विभाग ने शुरू की जांच

अजमेर2 महीने पहले
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उपभोक्ताओं की मौत के बाद भी करीब एक से डेढ़ साल तक राशन सामग्री उठती रही। मामला अजमेर जिले के किशनगढ़ राजारेडी क्षेत्र के रजिया कॉलोनी का है। जहां दो लोगों की मौत के बाद भी उनके नाम से राशन सामग्री का वितरण होता रहा। लोगों का आरोप है कि डीलर उनको सामग्री कम दे रहा था और खुद विभाग से पूरी उठा रहा था, वहीं डीलर का कहना है कि राशन कार्ड के मुताबिक सामग्री वितरण की गई और मृतक का नाम राशन कार्ड से हटवाना उपभोक्ता की जिम्मेदारी है। राशन सामग्री वितरण के इस गड़बड़झाले में जिम्मेदार कौन है, इसके लिए रसद विभाग ने जांच शुरू करी दी है।

केस संख्या : एक
राजारेडी निवासी हजारी नाथ की मृत्यु 10 अक्टूबर 2019 को हो गई थी। रजिया कॉलोनी स्थित दुकान संख्या 20788 के राशन डीलर बलेन्द्र सिंह नाथ की मृत्यु के बाद भी खाद्य सुरक्षा के तहत एपीएल राशन कार्ड पर 10 सदस्यों के प्रति व्यक्ति 5 किलो के हिसाब से 50 किलों गेंहू 21 मई तक उठाता रहा। घर के एक सदस्य की मृत्यु होने पर 9 सदस्यों के रूप में 45 किलों का उठाव होना चाहिए था। लेकिन 29 दिसम्बर 2020 में डीलर ने सिर्फ एक बार 45 किलो गेंहू उठाया। आरोप है कि डीलर कागजों में तो 50 किलों गेंहू उठाता रहा लेकिन परिवार के सदस्यों को 45 किलों गेंहू ही दिया।

केस संख्या : दो
राजारेडी स्थित राजकीय लूणकरण बाहेती स्कूल के पास रहने वाले सूरज देवी गुर्जर की 84 वर्षीय सास बीला देवी का भी निधन वर्ष 2020 में कोरोना काल में हो चुका था। परिवार में 5 के स्थान पर 4 सदस्य होने के बावजूद राशन डीलर 20 मई 2021 तक 25 किलों गेंहू उठाता रहा। जबकि परिवार के सदस्यों को 15 किलों गेंहू का ही वितरण कर रहा था। नियम के मुताबिक मिलना 20 किलों था। इस पर राशन डीलर ने परिवार के एक सदस्य का आधार सीडिंग नहीं होने का कारण बताया। राशन डीलर ने 31 दिसम्बर 2020 में 15 व 19 नंवबर को 20 किलो गेंहू का उठाव किया है।

कम सामग्री मिलने पर विरोध प्रकट करते लोग।
कम सामग्री मिलने पर विरोध प्रकट करते लोग।

कम गेहूं का किया वितरण
मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठाने के अलावा डीलर पर कईं उपभोक्ताओं को गेंहू देने में भी घालमेल करने के आरोप लगे हैं। खाद्य सुरक्षा में शामिल उपभोक्ता मनोज प्रजापत को प्रति व्यक्ति 5 किलो गेंहू के हिसाब से कुल 20 किलो मिलना चाहिए। लेकिन डीलर ने केवल 15 किलो ही दिया। इसी तरह उपभोक्ता विश्राम नाथ, रतन नाथ, देव नाथ अन्य 50 से ज्यादा उपभोक्ताओं के नाम पर डीलर ने पूरा गेंहू उठाया है। लेकिन उपभोक्ताओं को 5 से 10 किलो कम वितरण किया।

राशन डीलर बोला-यह उपभोक्ता की जिम्मेदारी
राशन डीलर बलेन्द्र सिंह का कहना है कि किस परिवार में किस व्यक्ति की मृत्यु हुई है। उसकी जानकारी हमें कैसे होगी। यह तो मृतक के परिवार के सदस्य बताएंगे। 21 मई तक मृतक के नाम से परिवार के सदस्य भी गेहूं लेकर जाते रहे। लेकिन उन्होंने मौत की जानकारी नहीं दी। जबकि वे अगर हमें बताते तो मृत व्यक्ति के नाम से मैं राशन का वितरण नहीं करता। अन्य उपभोक्ताओं को राशन कम देने की बात है तो जिसका आधार सीडींग नहीं हुआ, उनका नुकसान ना हो, इसलिए उन्हें कम राशन दिया था। मैने भलाई करके गलती की है क्या।

'शिकायत मिली,कार्रवाई होगी'
रसद विभाग की प्रवर्तन निरीक्षक शीला बेनीवाल ने कहा कि मृत व्यक्ति के नाम पर राशन उठाने व अन्य लोगों को कम राशन देने की डीलर बलेन्द्र सिंह की शिकायत मिली है। जिसकी जानकारी उच्च अधिकारी को देने के साथ ही मामले की जांच करवा कर राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

(रिपोर्ट: गुलशन शर्मा)