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पार्षदों के साथ एक दिलचस्प वाकया:जहां पार्षद जाना चाहते थे वहां उन्हें बुलाया नहीं गया और जहां बुलाया गया वहां वे जाना नहीं चाहते थे

अजमेरएक महीने पहले
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  • मुख्यमंत्री गहलोत की वीसी का भाजपा पार्षदों ने किया बहिष्कार
  • वहीं जेएलएन में नहीं बुलाने पर कांग्रेसी पार्षद नाराज

गुुरुवार को नगर निगम के पार्षदों के साथ एक दिलचस्प वाकया हुआ। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ऑनलाइन कॉन्फ्रेंसिंग में पार्षदों को बुलाया गया। इसमें कोई पार्षद जाना नहीं चाहता था क्योंकि सिर्फ मुख्यमंत्री का संबोधन ही सुनने की व्यवस्था थी। दूसरी ओर पार्षद जवाहर लाल नेहरू अस्पताल जाना चाहते थे जहां पार्षदकोष से खरीदे गए कंसन्ट्रेटर अस्पताल प्रशासन को सौंपे जाने थे, लेकिन यहां उन्हें बुलाया नहीं गया।

प्रदेश के निकायाें के जनप्रतिनिधियाें व प्रशासनिक अधिकारियाें से सीधा संवाद करने के लिए मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा व अन्य के साथ गुरुवार काे वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग का आयाेजन किया गया। इस वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग का नगर निगम के पार्षदाें ने शुरू हाेने के बीस मिनट बाद ही बहिष्कार कर दिया। भाजपा पार्षदाें ने इसे कांग्रेस की काॅन्फ्रेंस करार दिया। वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग में नगर निगम का एक भी अधिकारी माैजूद नहीं था। इससे भी खफा हाेकर पार्षद बाहर निकल गए।

तकरीबन दाे घंटे चली वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग में केवल 13 पार्षद ही माैजूद रहे। इसमें भी कई निर्दलीय पार्षद शामिल थे। कांग्रेस भी के कई पार्षद इस वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग में पूरे शामिल नहीं हुए। नगर निगम प्रशासन की ओर से पार्षदाें के लिए गुरुवार दाेपहर 12 बजे मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत की वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग के लिए गांधी भवन सभागार में व्यवस्था की गई। यहां पर साढ़े बारह बजे तक काेई अधिकारी माैजूद नहीं था। वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग में भी केवल सीएम गहलाेत ही बाेल रहे थे। निकाय के किसी भी जनप्रतिनिधि से काेई संवाद नहीं किया गया।

इसी से खफा हाेकर पार्षदाें ने वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग का बहिष्कार कर सभागार से बाहर निकल गए। पार्षद देवेन्द्र शेखावत व अन्य ने बताया कि उन्हें बीती रात 9 बजे सूचना मिली थी कि गुरुवार काे वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग हैं। उस समय लगा कि निकाय प्रतिनिधियाें से संवाद करने के लिए वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग रखी गई है, लेकिन यहां आकर पता चल रहा है कि यह ताे कांग्रेस की काॅन्फ्रेंसिंग है।

सीएम गहलाेत केवल अपनी सरकार व काेविड में किए गए कार्यों का महिमा मंडन कर रहे हैं। इस माैके पर पार्षद देवेन्द्र सिंह शेखावत, रजनीश चाैहान, विक्रम तंबाेली, अंजना शेखावत, डिंपल शर्मा, हेमंत सुनारीवाल, नीतू मिश्रा, राधिका गुर्जर, महेन्द्र राव, शीलम, नलिनी शर्मा, कुसुमलता साेगरा आदि माैजूद थे, जाे बाद में बहिष्कार करके बाहर आ गए। सभागार से बाहर आए पार्षदाें ने बताया कि वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग में विचाराें का आदान-प्रदान हाेता है, लेकिन यहां पर ऐसा नहीं है। मुख्यमंत्री गहलाेत किसी से भी बात नहीं कर रहे हैं।
वैक्सीनेशन का बखान
पार्षद देवेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा यहां प्रदेश में हुए वैक्सीनेशन का बखान कर रहे हैं, जबकि धरातल पर स्थिति अलग है। बीते पांच दिनाें से शहर में वैक्सीनेशन की एक डाेज नहीं है। युवा वैक्सीनेशन के लिए भटक रहा है। अस्पतालाें में मरीजाें के लिए पलंग नहीं है। इन सबकी व्यवस्था व माैके पर आकर अस्पतालाें काे देखने की बजाए वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग में अपना महिमा मंडन कर रहे हैं।
केवल 13 पार्षद ही रहे माैजूद
अजमेर नगर निगम में 80 पार्षदाें का बाेर्ड है, इनमें 48 भाजपा, 18 कांग्रेस, 13 निर्दलीय व 1 रालाेपा की पार्षद है। वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग में केवल 13 ही पार्षद माैजूद रहे। इसमें भी कई निर्दलीय शामिल थे। वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग में पार्षद द्राैपदीदेवी, रश्मि हिंगाेनिया, हितेश्वरी टांक, श्याम प्रजापति, नरेश सत्यावना, आरीफ खान, हमीद, अनिता चाैरसिया, श्रवण कुमार, नरेश सारवान, नकुल खंडेलवाल व काैशल काेमल माैजूद रहे।

वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग का लिंक भेज देते, घर पर देख लेते
भाजपा व अन्य पार्षदाें ने वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग का बहिष्कार करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि गहलाेत स्वयं ताे अपने घर में बैठे हैं और हमें यहां पर चिलचिलाती धूप में सुनने के लिए बुला लिया। जब किसी से संवाद ही नहीं करना था, ताे सरकार काे सभी निकायाें के पास सीधे लिंक भेज देते, ताकि हम घर पर ही बैठकर सुन लेते। आज ताे रिकाॅर्डिंग की भी व्यवस्था है, वही शेयर कर देते।

पार्षद फंड से जेएलएन काे 26 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर सौंपे, पर पार्षदों को ही नहीं बुलाया

जवाहरलाल नेहरू अस्पताल प्रशासन काे काेविड मरीजाें के लिए 46 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर गुरुवार काे भेंट किए गए। नगर निगम के सभी 80 पार्षदाें के फंड से 26 व सांसद भागीरथ चाैधरी के फंड से 20 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मंगवाए गए थे। नगर निगम पार्षदाें ने अपने काेष से इन ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर के लिए 1-1 लाख रुपए तक की राशि स्वीकृत की थी। तकरीबन 25 लाख की लागत से दस लीटर की क्षमता वाले ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर गुरुवार काे जेएलएन मेडिकल काॅलेज पहुंच गए।

इनके अलावा सांसद भागीरथ चाैधरी ने भी अपने काेष से 20 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर गुरुवार काे ही जेएलएन अस्पताल प्रशासन काे साैंपे, यानी 46 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर काेविड-19 के मरीजाें के लिए दिए गए हैं। इन ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर में सबसे बड़ी राशि व सहयाेग नगर निगम के 80 पार्षदाें का है। लेकिन गुुरुवार काे कंसन्ट्रेटर अस्पताल प्रशासन काे साैंप जाने के दौरान कार्यक्रम में किसी भी पार्षद काे बुलाया नहीं गया। इसके विरोध में कांग्रेसी पार्षद आज दोपहर 12 बजे नगर निगम परिसर में विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
पार्षद फंड से एक-एक लाख रुपए तक देने का प्रस्ताव रखा गया था

गत दिनाें पार्षद गजेन्द्र सिंह रलावता ने यह प्रस्ताव रखा था कि सभी पार्षद अपने फंड से एक-एक लाख रुपए तक चिकित्सा विभाग काे अाॅक्सीजन कंसन्ट्रेटर खरीदने के लिए दें। इस प्रस्ताव काे मंजूरी मिलने के बाद यह ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर आए। गुुरुवार काे एक कार्यक्रम में यह अस्पताल प्रशासन काे साैंपे गए, लेकिन कार्यक्रम में किसी भी पार्षद काे बुलाया नहीं गया।

यहां महापाैर ब्रजलता हाड़ा या काेई निगम का अधिकारी भी माैजूद नहीं था। केवल सांसद भागीरथ चाैधरी, विधायक वासुदेव देवनानी, अनिता भदेल, अरविंद यादव व अन्य भाजपा कार्यकर्ता माैजूद थे। इस मामले की जानकारी पार्षदाें काे लगने पर उन्हाेंने विराेध जताया है।

यह कार्यक्रम पूरी तरह से भाजपाई था। हमने प्रयास करके राशि एकत्र की और अाॅक्सीजन कंसन्ट्रेटर मंगवाए। लेकिन इस कार्यक्रम की हमें ही जानकारी नहीं दी गई। यहां केवल भाजपा के ही पदाधिकारी माैजूद थे। महापाैर तक नहीं थीं, क्या उपमहापाैर पूरे निगम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हम इसका विराेध करेंगे।
-गजेन्द्र सिंह रलावता, पार्षद, कांग्रेस

जेएलएन प्रशासन को ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर सौंपते सांसद व विधायक।
जेएलएन प्रशासन को ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर सौंपते सांसद व विधायक।
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