आईएआरडी साफ्टवेयर:ऐसे स्थानाें काे चिह्नित करेंगे, जहां बार-बार हाेते हैं एक्सीडेंट

अजमेर9 महीने पहले
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सड़क दुर्घटनाओं काे कम करने के उद्देश्य से इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईएआरडी) सॉफ्टवेयर से उन स्थानों को चिह्नित करने के प्रयास शुरू किए गए हैं, जहां सबसे अधिक सड़क हादसे होते हैं। साफ्टवेयर का उपयाेग जिला पुलिस 15 मार्च से शुरू करेगी। इसके तहत सड़क हादसे की सूचना मिलते ही संबंधित थाने या चाैकी का स्टाॅफ घटनास्थल पर पहुंच कर, वहां की फाेटाे, वीडियाे और दुर्घटना स्थल की वास्तविक लाेकेशन और समय के बारे में जानकारी साफ्टवेयर पर अपलाेड करेंगे। इसका फायदा यह हाेगा कि ऐसे स्थान जहां बार-बार और समान समय में एक्सीडेंट हाेते हैं, उन्हे चिह्नित किया जाएगा और इस समस्या के निराकरण के लिए कार्यवाही की जाएगी।

देश के छह राज्याें में पायलट प्राेजेक्ट
इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस के लिए छह राज्यों में सड़क हादसे का डाटा जुटाया जा रहा है। इन छह राज्यों में राजस्थान भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक देश में घटित होने वाली दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों को एकत्रित करने और उनका विश्लेषण और रियल टाइम पर्यवेक्षण करने की दृष्टि से आईएआरडी के माध्यम से जानकारी संकलित की जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से आईआईटी और नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर एनअाईसी के सहयोग से प्रथम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राजस्थान काे भी शामिल किया है। जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

33 थानाें में 15 से हाेगा साफ्टवेयर का उपयाेग
जानकारी के अनुसार राज्य में 15 मार्च 2021 से सॉफ्टवेयर पर सड़क दुर्घटनाओं की एंट्री किया जाएगा। अजमेर के 33 थानों को सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर उसमें लॉगिन करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यातायात पुलिस उप अधीक्षक पार्थ शर्मा के अनुसार थानाें के स्टाॅफ काे साफ्टवेयर में सड़क हादसाें से संबंधित एंट्री करनी हाेगी। सॉफ्टवेयर से मिली जानकारी का विश्लेषण कर हादसे रोकने के लिए कार्य योजना तैयार होगी।

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