कोरोना टीकाकरण:60 दिन रक्तदान नहीं कर सकेंगे युवा, हो सकती है ब्लड की कमी

अजमेर6 महीने पहले
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  • जेएलएन के ब्लड बैंक में सिर्फ 350 यूनिट का स्टॉक, नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल का आदेश-वैक्सीन के आखिरी डोज के 28 दिन बाद तक रक्तदान नहीं,

कोरोना संक्रमण के इस कठिन समय में वैक्सीनेशन ही जहां एकमात्र इलाज नजर आ रहा है, वहीं रक्तदान के लिहाज से वैक्सीनेशन की वजह से अगले दो तीन महीने संकटकालीन हो सकते हैं। दरअसल मई में 18 से 45 आयु वर्ग के लिए कोविड टीकाकरण शुरू होने जा रहा है।

इस आयु वर्ग की जनसंख्या ही सबसे ज्यादा है और स्वैच्छिक रक्तदान में भी इनका विशेष योगदान होता है। खास बात यह है कि टीका लगने के बाद करीब 60 दिन तक कोई रक्तदान नहीं कर सकता।

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि मई-जून में रक्तदान अत्यंत कम होता है, क्योंकि भीषण गर्मी में कैंप नहीं हो पाते हैं। ऐसे में टीका लगवाने से पहले अधिक से अधिक लोग रक्तदान करें, ऐसी अपील सभी जेएलएन सहित सभी ब्लड बैंक व इससे जुड़ी संस्थाओं की ओर से की जा रही है।

इस संदेश को अधिकतम युवाओं तक पहुंचाना जरूरी है। हालांकि अजमेर रीजन थैलेसीमिया सोसायटी के सहयोग से रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।

जेएलएन में स्टॉक कम
350 यूनिट का स्टॉक है इस वक्त जेएलएन अस्पताल में
40-50 यूनिट ब्लड इश्यू किया जाता है रोजाना
7-10 दिन का ही है मौजूदा स्टॉक
रोटेशन बना रहे तो यह स्टॉक कम नहीं है, लेकिन आगे रक्तदान नहीं हुआ तो बेहद कमी आ जाएगी।
पहली और दूसरी डोज में करीब 42 दिन का अंतराल रहेगा और इसके भी 28 दिन बाद तक वैक्सीनेटेड व्यक्ति का रक्त नहीं लिया जा सकता।

रक्त की इनको सबसे ज्यादा जरूरत
• गर्भवतियों में रक्त की कमी होने पर, डिलीवरी के वक्त, पहले और बाद में
• सिजेरियन के दौरान गर्भवतियों के लिए
• थैलीसीमिक बच्चों को पूरे साल रक्त की जरूरत होती है।
• ट्रोमा या रोड एक्सीडेंट के केस

दो माह नहीं दे पाएंगे, अभी करें रक्तदान
जेएलएन ब्लड बैंक के सहायक प्रभारी दिनेश बिलवाल ने बताया कि 18 से 45 आयु वर्ग के लिए वैक्सीनेशन अगले महीने से शुरू हो जाएगा और इसके चलते लगभग दो महीने तक रक्तदान नहीं कर पाएंगे। उन्होंने अपील की है कि वैक्सीनेशन से पहले ज्यादा से ज्यादा लोग रक्तदान के लिए आगे आएं ताकि आने वाले समय में संकट खड़ा नहीं हो।

ब्लड बैंक की ओर से यह भी है सुविधा : जेएलएन ब्लड बैंक के जनसंपर्क अधिकारी मयंक शर्मा ने बताया कि ब्लड संग्रहण में कोविड गाइड लाइन की पूरी पालना की जा रही है। अगर कोई व्यक्तियों का समूह या संस्था चाहे तो ब्लड कलेक्शन के लिए विशेष वाहन की भी सुविधा है।

रक्तदान बहुत जरूरी
संकट से पहले चेते अजमेर रीजन थैलेसीमिया सोसायटी के अध्यक्ष ईश्वर पारवानी ने बताया कि कोरोना काल में वैसे भी बहुत सी समस्याएं है और इस समय वैक्सीनेशन के चलते रक्तदान की रफ्तार कम हो रही है। इसलिए युवा वर्ग को वैक्सीनेशन से पहले रक्तदान करना चाहिए इससे हजारों जीवन बच सकते हैं।

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