नरसिंह चतुर्दशी:100 वर्षों पुरानी परंपराओं का हुआ निर्वहन, स्वर्ण जड़ित मुखौटा पहन खंभ फाड़ने की लीला का हुआ मंचन

पुष्कर2 दिन पहले

नरसिंह चतुर्दशी के अवसर पर तीर्थ नगरी पुष्कर में प्राचीन नरसिंह मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं शाम को कस्बे के पुराना रंगजी मंदिर में 100 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही परंपराओं का निर्वहन किया गया। वर्षों से चली आ रही परंपराओं के अनुसार नरसिंह चतुर्दशी के अवसर पर नरसिंह लीला का मंचन किया जाता है।

इस दौरान कस्बे के युवा राक्षस और देवताओं के मुखोटे पहन लीला का मंचन करते हैं। लीला के क्रम में स्वर्ण जड़ित मुखौटा पहनकर भगवान नरसिंह का स्वरूप धारण कर खंब फाड़ने की लीला का भी मंचन किया गया। इसके बाद भक्त प्रहलाद को भगवान नरसिंह अपनी गोद में बैठाया। इसके पश्चात भगवान नरसिंह की विशेष आरती की गई।

शनिवार शाम 7:30 बजे आयोजित हुए इस कार्यक्रम को देखने के लिए पुष्करवासी कस्बे बरसे पुराना रंगजी मंदिर पहुंचे। जहां आरती के बाद श्रद्धालुओं को ककड़ी और ठंडाई का विशेष प्रसाद वितरित किया गया। गौरतलब है कि श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ इस आयोजन को 105 वर्षों से आयोजित करता आ रहा है ।

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