पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

सुसाइड:लॉकडाउन में बस की किश्तें चढ़ती गईं, उधारी भी नहीं लौटी, युवक ने लगाई फांसी

बानसूरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • बानसूर में भूपसेड़ा गांव के मृतक ने साझे में खरीदी थी ‌22 लाख की बस, 42 हजार की किश्त भरते थे दोनों
  • सुसाइड नोट में लिखा-लॉकडाउन में गाड़ी नहीं चली, साझेदार किश्त मांगता है

लॉकडाउन में बस की किश्तें नहीं भर पाने और कामकाज बंद होने से डिप्रेशन में आए ग्राम भूपसेड़ा के एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। अपने बक्से में छोड़े सुसाइड नोट में मृतक संजय (35) पुत्र रामेश्वर यादव ने लिखा कि अप्रेल से गाड़ी नहीं चल रही। साझेदार 42 हजार रुपए महीने की किश्त के लिए लगातार फोन कर रहा है। जिन लोगों ने उससे उधार ले रखा है वे भी रुपए नहीं लौटा रहे। इसलिए तंग आकर आत्महत्या कर रहा हूं। भगत की ढाणी के पास पेड़ पर लटके मिले शव की जेब से कीटनाशक भी बरामद हुआ है।

पुलिस थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने शव मिलने का मामला दर्ज किया है। मृतक भगत की ढाणी का रहने वाला था। वह शनिवार शाम 7 बजे घर से निकला था। सुबह उसका शव खेत में पेड़ पर लटका होने की सूचना पर परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों ने शव मिलने का मामला दर्ज कराया है। उधर, परिजनों ने बताया कि संजय के पिता रामेश्वर और बड़े भाई महेंद्र की बीमारी से मौत हो चुकी है। दूसरे नंबर का भाई राम सिंह सेना में है। तीसरा भाई अशोक है। मृतक सबसे छोटा था। चारों भाइयों के पास कुल 6 बीघा जमीन है।

घर की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। सब अलग-अलग रहते हैं। तंगी से डिप्रेशन में आकर उसने जान दे दी।

बस नहीं चली, 2.10 लाख की किश्त पार्टनर ने भरी
मृतक के पार्टनर ईकरोटिया गांव चौराया निवासी भवानी जाट ने बताया कि राजस्थान लोक परिवहन बस दोनों ने तीन-तीन लाख रुपए मिलाकर खरीदी थी। शेष 16 लाख रुपए का लोन करवाया था। हर माह इसकी 42 हजार रुपए की किश्त भर रहे थे। बस की 48 किश्त करवाई थी।

मार्च तक दोनों ने मिलकर किश्त जमा कराई। मगर अप्रेल में लॉकडाउन हो गया तो बस चलना बंद हो गई। संजय सवारियों से होने वाली कमाई से ही किश्त देता था। वह रुपए नहीं दे पाया तो अप्रेल से जुलाई तक की करीब 2.10 लाख की किश्त उसने जेब से भरनी पडी।

दाह संस्कार के बाद खोला बक्सा तो सुसाइड नोट मिलाघर जाकर मृतक संजय का बक्सा खोलकर देखा तो उसमें सवारी बस व एलआईसी की रसीद के साथ एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें लिखा है कि वह ईकोरोटिया गांव चौराया निवासी भवानी जाट के साथ राजस्थान लोक परिवहन बस में आधा साझीदार है। यह बस दोनों ने फरवरी 2018 में तीन-तीन लाख रुपए मिलाकर खरीदी थी।

लॉकडाउन होने के बाद अप्रेल से बस नहीं चल रही थी। किश्त भरने के लिए साझेदार उससे रोजाना पैसे मांगता था। तीन लोगों ने उससे करीब तीन लाख रुपए ले रखे, वे भी रुपए नहीं लौटा रहे थे। किश्त चढ़ती जा रही है, इसलिए उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा है। इसलिए मर रहा हूं।

उधारी वालों के लिए लिखा कि उसकी मौत के बाद रकम भाई के बेटे अनिल को सौंप दें। परिजनों ने बताया मृतक ने जो तीन जनों को पैसे दे रखे हैं उन्हें दाह संस्कार में आकर कबूल भी कर लिया।

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज उन्नति से संबंधित शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में भी कुछ समय व्यतीत होगा। किसी विशेष समाज सुधारक का सानिध्य आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करेगा। बच्चे त...

और पढ़ें