शहीद की मूर्ति का अनावरण:बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष का कांग्रेस पर निशाना, कहा-उन्हे परिवारवाद से निकलने की जरूरत

बहरोड़5 दिन पहले

बहरोड़ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधा। पूनिया ने कहा कि कांग्रेस ऐसे समय में चिंतन कर रही है। जब राजस्थान दंगों की आग में जल रहा है। अपराधों की राजधानी हो गया है। बेरोजगार पूरी तरह से त्रस्त है। किसान कर्ज माफी के छलावे से ग्रस्त है। अस्पताल बीमार है, स्कूल लाचार है। भ्रष्टाचार का तांडव सर चढ़कर बोल रहा ह। बिजली का संकट है और पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच रही है। कांग्रेस का 5 सितारा होटल में चिंतन कर रही है।

कांग्रेस के पास ना मुद्दा ना दिशा-पूनिया
प्रदेश अध्यक्ष पूनिया ने कांग्रेस के आला नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि जब तक कांग्रेस परिवारवाद से बाहर नहीं आएगी। तब तक कोई भी संजीवनी फार्मूला काम नहीं आएगा। उन्होंने कहा न तो कांग्रेस के पास मुद्दा है, न दिशा है और न ही नेतृत्व है। ऐसे में नहीं लगता कि कोई भी फार्मूला कांग्रेस पार्टी को संजीवनी दे पाएगा।

सोनिया जी से गुजारिश इस्तीफा स्वीकार करें-पूनिया
पूनिया ने कहा कि अब सोनिया गांधी जी राजस्थान में आई है। पिछले दिनों हमने गहलोत जी का एक वक्तव्य सुना था। जिसमें उन्होंने कहा कि मेरा इस्तीफा सोनिया जी के पास पड़ा हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मेरी सोनिया जी से गुजारिश है। कि इस्तीफा स्वीकार करें और राजस्थान में गहलोत से छुटकारा दिलाए। दरअसल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और सांसद महंत बालक नाथ योगी मुंडावर और बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे। यहां उन्होंने कई धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और शहीदों की मूर्ति का अनावरण किया।

सत्ता में आने का दावा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि इस बार खूबियों के आधार पर भाजपा सत्ता में आएगी। भाजपा के सभी मोर्चे और इकाइयां सक्रिय हैं। कार्यकर्ताओं की ताकत के बल पर प्रदेश में आगामी सरकार भाजपा बनाएगी। उन्होंने कहा कि हमेशा प्रदेश का नियम रहा है, एक बार भाजपा तो दूसरी बार कांग्रेस की सरकार बनती है।

शहीद की मूर्ति का अनावरण
गांव मोहम्मदपुर में शहीद मंतूराम की मूर्ति का अनावरण करते हुए पूनिया ने कहा कि वीर शहीदों की शहादत से आज हम सुरक्षित हैं। देश को हमारी सेना के जवान व किसान पर गर्व है। कारगिल युद्ध में जब दुश्मन चोटी पर था, तो हमारे जवान नीचे थे। उस स्थिति में भी हमारे जवानों ने दुश्मन को पराजित किया। यह उनकी वीरता से हो पाया। हमें उनके परिवारों का सम्मान करना चाहिए।

भारत-पाकिस्तान युद्ध में दिखाया था शौर्य
दरअसल शहीद मंतूराम 30 जून 1954 में भारतीय सेना में भर्ती हुए। भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान तंगधार सेक्टर में पाकिस्तान की पोस्ट पर कब्जा किया। इसी दौरान राजपूत बटालियन में शौर्य और वीरता का परिचय दिया। इस युद्ध में लांस नायक मंतूराम शहीद हो गए थे।

कई लोग रहे मौजूद
इस दौरान सांसद बालकनाथ, पूर्व मंत्री प्रेम सिंह बाजोर, हेमसिंह भड़ाना, विधायक संजय शर्मा, मनजीत चौधरी, जिलाध्यक्ष बलवान यादव, संजय नरूका, मोहित यादव, एडवोकेट रोहताश यादव, कमल यादव, देशराज खरेरा, राजू सेठ, जलेसिंह रावत ओर शहीद के परिजन मौजूद रहे।

खबरें और भी हैं...