भिवाड़ी में फैल रहा वायरल बुखार:रोजाना 800 मरीज पहुंच रहें अस्पताल, डॉक्टरों का अभाव बन रहा परेशानी

भिवाड़ी7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

मौसम के बदलाव के साथ ही भिवाड़ी उप जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में एकाएक बढ़ावा देखने को मिल रहा है, जिला स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह 7 बजे से ही मरीजों की लंबी कतार देखी जा सकती है। इनमें ज्यादातर झुग्गी झोपड़ियों में या कॉलोनियों में रहने वाले मजदूर तबके के लोग शामिल हैं।

इन दिनों मौसम के बदलाव के चलते खांसी जुखाम वायरल बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं, उप स्वास्थ्य केंद्र पर रोजाना 700 से 800 के बीच ओपीडी आ रही है, इन मरीजों में ज्यादातर मरीज वायरल बुखार से ही पीड़ित है। सभी मरीजों को अस्पताल से निशुल्क दवाइयां दी जा रही है एवं मौसम परिवर्तन के चलते सावधानी बरतने के दिशा निर्देश भी डॉक्टरों के द्वारा दिए जा रहे हैं। रविवार को भी उपजिला स्वास्थ्य केंद्र पर 254 ओपीडी दर्ज की गई है ।

भिवाड़ी उप जिला स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. केके शर्मा ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 700 से 800 के बीच ओपीडी आ रही है, जिनमें से ज्यादातर मरीज खांसी जुखाम एवं वायरल बुखार से पीड़ित है सभी मरीजों को दवाइयां देकर ठीक किया जा रहा है, वायरल बुखार के साथ-साथ स्किन इंफेक्शन के मरीज भी देखे जा रहे हैं।

उप जिला स्वास्थ्य केंद्र पर करीब 476 तरीके की दवाइयां उपलब्ध है। सर्जिकल मेडिसिन को भी लगाएं तो कुल 576 तरीके की दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध है, कुछ दवाइयां ज्यादा इस्तेमाल होने के कारण कभी कभार खत्म हो जाती है तो उन्हें निरोगी राजस्थान योजना के तहत जमा कराए गए फंड में से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र अलवर से खरीद लिया जाता है। डॉक्टरों की मंशा यह रहती है कि किसी भी मरीज को बाहर से दवाई ना लेनी पड़े, कभी-कभी बच्चों की एंटीकोल्ड दवाई खत्म हो जाती है। उसका भी इंतजाम अस्पताल अपने स्तर से करने की कोशिश करता है ।

डॉक्टरों के अभाव में करना पड़ता है रैफर
अस्पताल में कुल 22 डॉक्टरों की पोस्ट स्वीकृत हैं, जिनमें से 15 डॉक्टर ही कार्यरत है अस्पताल में लंबे समय से फिजिशियन, सर्जन व हड्डी रोग विशेषज्ञ के पद खाली चल रहे हैं। इन तीनों की ही भिवाड़ी की जनसंख्या को देखते हुए अत्यधिक आवश्यकता है। करीब 1 साल पहले सर्जन के पद पर डॉ. विनोद यादव को लगाया गया था, लेकिन वह भी करीब 6 महीने पहले ट्रांसफर करा कर चले गए।

डॉक्टरों की कमी की वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भिवाड़ी में बड़ा औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण अनेक राज्यों से लाखों लोग आकर यहां पर रहते हैं ये सभी लोग इलाज कराने के लिए भिवाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और ईएसआईसी हॉस्पिटल पर ही निर्भर है दुर्घटनाग्रस्त हुए मरीजों को रेफर करने के अलावा और कोई भी उपाय डॉक्टरों के पास नहीं है या फिर ज्यादा पैसे खर्च कर निजी अस्पतालों में गरीब लोगों को इलाज करवाना पड़ता है।

खबरें और भी हैं...