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असरुद्दीन के घर पहुंचा भास्कर:दिमाग में जिहादी जहर और गांव में सीधा-सादा किसान बना हुआ था असरुद्दीन, पत्नी बोली-उससे भोला इंसान कोई नहीं

भिवाड़ी21 दिन पहलेलेखक: देवेंद्रपाल सिंह
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भिवाड़ी. बैंगनहेड़ी गांव में स्थित असरुद्दीन के घर पर जमा लोग। - Dainik Bhaskar
भिवाड़ी. बैंगनहेड़ी गांव में स्थित असरुद्दीन के घर पर जमा लोग।
  • बैंगनहेड़ी में असरुद्दीन का घर सबसे अच्छा, राेते-बिलखते मिले परिजन

बैंगनहेड़ी गांव में मुख्य आबादी से पहले ही कुछ लोग खेतों में घर बनाकर रह रहे हैं। इनमें ही एक घर असरुद्दीन का है। आसपास बने मकानों में सबसे बेहतर मकान उसी का है। राष्ट्रविरोधी गतिविधि चलाने के मामले में गिरफ्तारी के बाद भास्कर असरुद्दीन के घर पहुंचा। यहां महिलाओं और बच्चों की भीड़ असरुद्दीन की पत्नी उसमानी को घेरे खड़ी थी। उसमानी रोए जा रही थी।

भास्कर रिपोर्टर को देखते ही पूछने लगी-मेरे आदमी को क्यों पकड़ ले गए। चारपाई पर बैठकर उसके दो बेटे और बेटी भी हमें देखकर फफक पड़े। परिचय देने पर वह संभलकर बात करने लगती है। बोली- तीन महीने पहले ही ससुर का इंतकाल हुआ है। अब ये संकट आ गया। चार भाईयों में असरुद्दीन सबसे छोटा है। तीन भाई परिवार व मां के साथ किशनगढ़बास के झरेंडिया गांव में रहते हैं। असरुद्दीन यहां रहकर पुश्तैनी जमीन पर खेतीबाड़ी करता है। वह मुख्य रूप से प्याज की किसानी करता है।

एक साल पहले भी असरुद्दीन के घर पहुंची थी टीम, तब सिम निकलवा लौट गई
उसमानी और मौके पर मिले उसके भाई उसमान ने बताया कि एक साल पहले भी एक टीम यहां आई थी। तब उनका कहना था कि उसके मोबाइल नंबर से पाकिस्तान बात होती है। वे लोग सिम निकलवाकर चले गए थे। असरुद्दीन ने पिता की मौत के बाद जमीन बगैरा के काम कराने के लिए फिर से वो सिम चालू कर ली थी क्योंकि उसी सिम से आधार वगैरह लिंक था।

परिवार की मानें तो सिम शुरु करने के बाद ही यह समस्या पैदा हुई। पाकिस्तान में बात करने के बारे में उसमानी का कहना था कि झरेंडिया गांव की एक लड़की पाकिस्तान में है। जिससे वह कभी-कभी खेती-बाड़ी के बारे में बातें करता था। उसे अपने खेत और हरियाली दिखाता था।

बकौल उसमानी- उससे सीधा इंसान नहीं कोई। अपने काम से काम रखता है। उसे किसी ने फंसा दिया। पड़ोस की महिलाएं भी यही बताने लगी और कहा कि असरुद्दीन तो अपनी किसानी में मशगूूल रहता था। उसमानी रोते हुए कहती है कि पुलिस आई थी, आते ही मोबाइल कब्जे में लिया। घर में रखी बच्चों की कुछ किताबें उठाई और असरुद्दीन को साथ ले गई।

घर की तलाशी लेना चाहते थे। हमने कहा कि पूरा घर खुला है। उन्होंने सब जगह देखा, लेकिन कुछ नहीं मिला। असरुद्दीन के 14 साल के बड़े बेटे ने बताया कि भाई-बहन के साथ मदरसे में पढ़ने जाता है। उनकी 6-7 किताबें पुलिस ले गई। पिता पर उर्दू, अरबी पढऩे नहीं आती। उसमानी की मानें तो उसके पति का बैंक में कोई खाता तक नहीं, ना ही वो कोई नशा करता।

अपनी पीड़ा बता बिलखते हुए उसकी पत्नी उसमानी।
अपनी पीड़ा बता बिलखते हुए उसकी पत्नी उसमानी।

मेवात में आईएसआई एजेंट पकड़ा जा चुका, स्लीपर सैल की आशंका
राजस्थान और हरियाणा में फैला मेवात जमातों को बड़ा केन्द्र हैं। यहां देश और विदेश की जमातें बड़ी संख्या में आती हैं। नकली नोटों की खेप के अलावा देशद्रोही गतिविधियों के मामले भी पकड़े जाते रहे हैं। डेढ़ दशक पहले दोहा गांव से आईएसआई एजेंट भी पकड़ा था।

इसके बाद भरतपुर के सीकरी इलाके से संदिग्ध एजेंट पकड़ा गया। नगीना इलाके के गुमट बिहारी गांव में भी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का मामला चर्चा में रहा था। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि बैंगनहेड़ी में पकड़ा असरुद्दीन स्लीपर सैल की तरह इस्तेमाल हो रहा था।