​​​​​​​परेशानी:रात में सुनसान हाे जाते हैं शहर के रास्ते 5000 में से 1500 स्ट्रीट लाइट खराब

भिवाड़ी4 महीने पहले
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  • जून में 42.78 लाख का जुर्माना लगा, कंपनी की लापरवाही भुगत रहे शहरवासी

शहर की सड़काें पर रात काे अंधेरा रहता है। नगर परिषद के रिकाॅर्ड के अनुसार ही 5000 में से करीब 1500 लाइट खराब पड़ी हैं। शहर में शाम हाेते ही निकलने पर सुनसान माहाैल हाे जाता है क्याेंकि शहर के मुख्य मार्गाें के साथ ही आवासीय क्षेत्र में भी स्ट्रीट लाइट बंद रहती हैं।

शहर की स्ट्रीट लाइट में शिकायताें की शुरुआत जुलाई 2018 से हुई, तभी कंपनी पर पहली बार बड़ा जुर्माना लगाया गया। लेकिन इसके बाद भी कंपनी का कामकाज सुधरने की वजह बिगड़ता ही चला गया। तभी से लगातार कंपनी का काम मानकाें के विपरीत चल रहा है। एक दिन लाइट बंद रहने पर कंपनी पर 25 रुपए का जुर्माना लगता है। कंपनी हर बार अपना बिल नगर परिषद काे साैंपती है और परिषद जुर्माने की राशि काटकर कंपनी काे भुगतान कर देती है। लेकिन इस बीच शहर की सड़काें पर छाए अंधेरे काे दूर करने का काेई इंतजाम नहीं निकला है।

मार्च से जून के बीच ही कंपनी पर 42.78 लाख का जुर्माना लगा है। जुर्माने की इस राशि से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कंपनी की अधिकांश स्ट्रीट लाइट इस अवधि में खराब ही बनी रहीं। अभी भी नगर परिषद द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार जुलाई अगस्त में जुर्माने की राशि 25 लाख से ऊपर रह सकती है। नगर परिषद भले ही जुर्माना लगाकर कंपनी काे कम भुगतान करे लेकिन इसका खामियाजा शहरवासियाें काे अंधेरे में रहकर ही चुकाना हाेता है। नप ने करीब डेढ़ कराेड़ रुपए का जुर्माना काटकर कंपनी काे करीब 5 कराेड़ रुपए का भुगतान किया है। जुलाई 2018 से अक्टूबर 2019 तक शहर के विभिन्न मार्गाें से 175 स्ट्रीट लाइट की चाेरी हाे गई। चाेरी गई लाइट की जगह कंपनी काे नई लाइट लगानी थी लेकिन उन जगहाें पर अभी तक नई लाइट नहीं लगी है। उन स्थानाें पर अभी तक अंधेरा रहता है। चाेरी गई लाइट के मामले में फूलबाग और यूआईटी थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया जिसमें अब एफआर लग चुकी है।

कंपनी के काम का लगातार सर्वे कराया जाता है, खराब लाइट मिलने पर जुर्माना काटा जाता है। पुरानी कंपनी के काम से संतुष्टि नहीं थी, इसलिए नए टेंडर जारी कर नई कंपनी काे करीब एक हजार नई लाइट लगाने की जिम्मेदारी दी है। जिसके बाद शहर में सड़काें पर राेशनी की स्थिति सुधरेगी।
-मुकेश कुमार शर्मा, आयुक्त, नगर परिषद

धीरे-धीरे काम बिगड़ा, जुर्माना बढ़ा, सुधार नहीं हो रहा
शहर की सड़काें पर स्ट्रीट लगाकर रखरखाव का काम ईईएसएल काे मिला ताे शुरुआत में काम ठीक रहा। लेकिन बाद में धीरे-धीरे काम बिगड़ता चला गया। इसके बाद नगर परिषद ने भी जुर्माना लगाना शुरू कर दिया। एक अप्रेल 2017 से एक दिसंबर 2017 के बीच 28050 रुपए का जुर्माना लगा, इसके बाद एक जनवरी 2018 से जून 2018 तक 11750 रुपए का जुर्माना लगा। जुलाई 2018 से अक्टूबर 2019 तक 3.87 लाख रुपए का जुर्माना लगा। इसी अवधि में 175 लाइट चाेरी हाे गई, इनके रखरखाव का 7.54 लाख रुपए भी नप ने भुगतान में से काटे।

11 फरवरी 2020 काे 10.80 लाख का जुर्माना लगाया। 24 फरवरी 2020 काे 5.54 लाख का जुर्माना लगाया। चार मार्च 2020 काे 9 लाख, पांच मार्च 2020 काे 1.93 लाख, 17 मार्च 2020 काे 4.7 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। 30 जून 2020 काे 2.18 लाख, 4 अगस्त 2020 काे 2.71 लाख, 29 सितंबर 2020 काे 15.94 लाख का जुर्माना लगाया। 31 अक्टूबर 2020 काे 42.34 लाख का जुर्माना लगा। मार्च 2021 से जून तक 42.78 लाख का जुर्माना लगाया गया।

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