103 वर्षीय चमन मुनि ने किया देह त्याग:लोगों ने नम आंखों से दी विदाई, जनप्रतिनिधियों ने किए पुष्प चक्र अर्पित,17 वर्ष की उम्र में आए थे गांव

भिवाड़ी19 दिन पहले
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कोटकासिम क्षेत्र के नशोपुर गांव के मंदिर में रहने वाले 103 वर्षीय महात्मा चमन मुनि ने शनिवार को अपनी देह त्याग दी थी। जिनका रविवार को भारी जन समुदाय के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। रविवार को अंतिम संस्कार में विशाल जनसमुदाय तथा अनेक नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा मुनि की पार्थिव देह को अग्नि के सुपुर्द कर दिया।

नशोपुर के रहने वाले अजय शर्मा व शिवलाल आर्य ने बताया की महात्मा चमन मुनि चारों वेदों व शास्त्रों के ज्ञाता थे। मुनि 17-18 वर्ष की आयु में नशोंपुर गांव आए थे और तभी से प्रतिदिन दोनों समय वेद पाठ करते और शुद्ध देसी घी से हवन किया करते थे व खाने में अल्पाहार लिया करते थे। वे चारों वेद और शास्त्रों के पूर्ण ज्ञाता थे।

17 सितंबर को 103 वर्ष की अधिक आयु में इस नश्वर संसार को त्याग दिया। पूरे नसोपुर गांव को धर्म के साथ साथ अध्यात्म से जोड़ने वाले ऐसे महान ज्ञानी पुरुष की कमी इस गांव को हमेशा अखरेगी।

अंतिम संस्कार के समय आर्य समाज व अनेक संत महापुरुषों सहित क्षेत्र के ग्रामीण तथा किशनगढ़ बास के पूर्व विधायक रामहेत यादव, तिजारा पूर्व विधायक मामन सिंह यादव, भाजपा नेता अनूप यादव सहित अनेक गणमान्य लोगों ने पुष्प चक्र भेंट कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए व अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनकी पवित्र देह को पंचतत्व में विलीन कर दिया गया।

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