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पर्ची पर वो ही अमित डागर और टेकचंद के नाम:पुलिस जिस गैंग के पीछे थी, उसने ही एक करोड़ रुपए की रंगदारी के लिए बेकरी पर की फायरिंग

भिवाड़ी9 दिन पहले
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घटाल में स्क्रैप व्यापारी के यहां 25 अगस्त को 5 करोड़ की रंगदारी के लिए ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाली जिस गैंग के पीछे भिवाड़ी पुलिस 20 दिन से लगी हुई थी, उसके ही गुर्गे सोमवार को हरीश बेकरी पर फायरिंग कर शहर में दहशत फैला कर गए थे। पुलिस घटना के बाद गैंग और रंगदारी की रकम के संबंध में चुप्पी साधी रही लेकिन सामने आया है कि बेकरी संचालक से एक करोड़ की रंगदारी की मांग की गई है।

यहां भी एक पर्ची छोड़ी गई, जिस पर उन्हीं बदमाशोंं के नाम है, जिनके नाम स्क्रैप व्यापारी के यहां थमाई गई पर्ची पर थे। दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद शहर का आमजन खौफ के साए में है। असुरक्षा की भावना लोगों के जेहन में किस कदर है, इसका निचोड़ मंगलवार को भिवाड़ी आए आईजी के सामने भी आ गया। उन्होंने खुद स्वीकार किया कि लोगों के मन में असुरक्षा का भाव है। पुलिस भले ही बदमाशों को जल्द पकड़ लेने का दावा कर रही हो लेकिन 20 दिन में एक ही गैंग के शहर के दो हिस्सों में दिनदहाड़े तमंचे से दहशत फैलाकर बेखौफ निकल जाने से कानून व्यवस्था सवालों में है।

25 अगस्त को घटाल स्थित स्क्रैप व्यापारी के गोदाम पर कार में सवार होकर आए बदमाशों ने 5 करोड़ की रंगदारी के लिए फायरिंग की थी। यहां गार्ड को दी गई पर्ची में दस दिन का वक्त और अमित डागर व टेकचंद नाम लिखे थे। पुलिस इसके बाद से ही फायरिंग करके भागे बदमाशों को चिन्हित करने के प्रयास में जुटी थी।

दिल्ली की मंडोली जेल में बंद कुख्यात कौशल गैंग के राइट हैंड अमित डागर को भी प्रोडक्शन वारंट पर लाने की कवायद में जुटी थी। लेकिन पुलिस जब तक इस वारदात से पर्दा उठा पाती, उससे पहले ही इसी गैंग के 5 गुर्गों ने बेखौफ अंदाज में हरीश बेकरी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर शहर की कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी।

पुलिस स्क्रैप व्यापारी की वारदात में भी जल्द बदमाशों को दबोचने का दावा कर रही थी लेकिन गैंग के गुर्गे शहर में घुसकर दिनदहाड़े फायरिंग कर फिर फरार हो गए। भले ही पुलिस के अफसर बदमाशों के इस चैलेंज को स्वीकार कर जल्द परिणाम देने का दावा कर रहे हो लेकिन दोनों वारदातों में जिस गैंग का नाम आ रहा हैं, उनसे पार पाना इतना आसान भी नहीं है।

रंगदारी का टेकचंद कनेक्शन गहरा, दो राज्यों की पुलिस पहले ही पीछे
पर्ची में जिन दो बदमाशों के नाम आए हैं उनका लिंक हरियाणा-एनसीआर की कुख्यात कौशल गैंग से है। दोनों इसी के गुर्गे हैं। रंगदारी में टेकचंद बड़ा नाम है, जो फरीदाबाद इलाके के खेड़ीकलां गांव का है। इसके ऊपर से 25 से 30 हत्या, रंगदारी, हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराधों के मामले दर्ज हैं।

टेकचंद पैरोल पर जेल से बाहर आया था और उसके बाद से ही फरार चल रहा है। इसके पीछे हरियाणा और उत्तरप्रदेश की पुलिस पहले से ही है। इसके तार पश्चिमी उत्तरप्रदेश के रणदीप भाटी गैंग से भी हैं। भाटी गैंग के साथ मिलकर टेकचंद करोड़ों रुपए की रंगदारी (गुंडा टैक्स) उगाही का लक्ष्य एनसीआर में रखता बताया।

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