डीएपी की किल्लत:बीबीरानी में किसानों ने लगाया जाम, सहकारी समितियों से बेरंग लौट रहे किसान

कोटकासिमएक महीने पहले
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बीबीरानी में खाद की दुकान के सामने हंगामा करते किसान व ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
बीबीरानी में खाद की दुकान के सामने हंगामा करते किसान व ग्रामीण।
  • किसानों ने डीएपी खाद की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया

क्षेत्र के बीबीरानी कस्बे में किसानों व युवाओं ने संजय खाद बीज की दुकान पर डीएपी खाद की कालाबाजारी करने का आरोप लगाते हुए बार-बार रोड़ पर बैठे और वाहन रुकवाकर जाम लगाने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ समय के लिए वाहनों की लंबी कतार लग गई जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना पर कृषि विभाग के अधिकारी व पुलिस प्रशासन पहुंचा जहां खाद बीज विक्रेता के गोदाम की जांच की जिसमे उसके यहां करीब 52 कट्टे खाद के मिले जिन्हें पुलिस प्रशासन ने किसानों को वितरित कराया।

सहकारी समितियों से किसान लौट रहे बैरंग

कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में सरसों की बुवाई कर रहे किसानों के सामने डीएपी खाद नहीं होने से किसानों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दर्जन भर से अधिक सहकारी समितियों पर डीएपी खाद की उपलब्धता नहीं है। जबकि निजी क्षेत्र के विक्रेता जमकर मनमानी कर रहे हैं। समितियों द्वारा किसानों को डीएपी उपलब्ध कराया जाता है मगर इस बार किसानों को कई सप्ताहों से डीएपी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

हरसौली कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों की सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं होने के कारण किसानों ने आक्रोश जताया। किसान सरजीत, सूबेसिंह चौधरी, अनिल चौधरी, जलसिह, मुकेश शर्मा, तेजराम चौधरी व संतराम आदि का कहना है कि डीएपी की उपलब्धता नहीं होने के कारण सरसों बुवाई में देरी हो रही है।

किंतु सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण बुआई में देरी हो रही है। किसानों ने बताया कि रबी की फसल की बुवाई का समय शुरू हो चुका है और हर किसान इस उम्मीद के साथ फसल को बोता है कि इस बार उसकी पैदावार पिछले साल की अपेक्षा और अधिक होगी। परंतु फसल बोने से पहले ही किसानों के सामने डीएपी खाद की किल्लत बनी हुई है। डीएपी खाद की उपलब्धता नहीं होने से सरसों की बुवाई में देरी हो रही है। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र डीएपी खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।

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