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सावों पर काेराेना का साया:22 जनवरी से मार्च तक 10 सावे, तीसरे साल भी शादियाें से जुड़े व्यवसायों पर पड़ेगा असर, मेहमानों की संख्या सीमित

अलवर5 महीने पहलेलेखक: मनोज मुद्गल
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अलवर. मैरिज हाेम की फाेटाे। - Dainik Bhaskar
अलवर. मैरिज हाेम की फाेटाे।

करीब सवा महीने बाद 22 जनवरी से शादी समाराेह फिर शुरू हाेंगे। इस दिन से मार्च के महीने तक कुल 10 सावे हैं। इन सावाें पर काेराेना का साया मंडरा रहा है। राज्य सरकार ने काेराेना के लगातार बढ़ते केसाें काे देखते हुए कई पाबंदियां लगा दी हैं। राज्य सरकार की ओर से 9 जनवरी काे जारी नई गाइडलाइन के तहत 30 जनवरी तक नगर परिषद व नगर पालिका क्षेत्र में हाेने शादी समाराेह में मेहमानाें की संख्या 50, जबकि अन्य ग्रामीण इलाकाें में हाेने वाली शादी समाराेह में शामिल हाेने वाले मेहमानाें की संख्या 100 तक सीमित कर दी गई है। इससे शादी वाले परिवाराें में ऊहापाेह की स्थिति पैदा हाे गई है। मेहमानाें की संख्या घटने से शादियाें से जुड़े व्यवसायाें पर असर पड़ेगा। इससे लगातार तीसरे साल अर्थव्यवस्था प्रभावित हाेगी।

आमताैर पर करीब 500 मेहमानाें वाली ठीक-ठाक शादी में मैरिज हाेम, हाेटल, धर्मशाला, कैटरिंग, टैंट, बैंड, बैंड, हलवाई, फ्लावर डेकाेरेशन, घाेड़ी, झाड़ गिलास/ लाइट, फाेटाेग्राफर, डीजे, वाहन आदि के इंतजाम पर लगभग 9-10 लाख रुपए खर्च हाेते हैं। मेहमानाें की संख्या 100 किए जाने से यह खर्चा करीब 4 से 5 लाख रुपए आएगा, जबकि मेहमानाें की संख्या 50 हाेने पर खर्चा करीब 3 से 4 लाख रुपए तक आएगा। शादी वाले परिवार मेहमानाें की सूची छाेटी करने लगे हैं। शादी के कार्यक्रम सीमित किए जा रहे हैं।

बुकिंग कैंसिल हाेने लगी हैं या कम आवश्यकता बताई जा रही है। शादी के कार्ड छपवाने के बजाय आॅनलाइन सूचना दी जा रही है। एंटरटेनमेंट के खर्च कम हाे रहे हैं। हालांकि काेराेना से बचाव जरूरी है, लेकिन इससे अर्थव्यवस्था पर पड़े असर से हर व्यक्ति प्रभावित हाेगा।

जनवरी से मार्च तक हैं ये सावे

पं. शिब्बूराम शास्त्री ने बताया कि बंशीधर पंचांग के अनुसार जनवरी से मार्च तक 10 सावे हैं। इनमें जनवरी में दाे सावे 22 व 23 जनवरी काे हैं। फरवरी माह में 7 सावे हैं। इसमें 5 फरवरी काे बसंत पंचमी का अबूझ सावा है। इसके अलावा 6, 10, 18, 19, 20 व 21 फरवरी का सावा है। मार्च महीने में 4 तारीख काे फुलेरा दाेज का अबूझ सावा है।

शादी समाराेह से सीधे जुड़े व्यवसाय

हाेटल/ धर्मशाला/ बैंक्वेट हाॅल/ मैरिजहाेम/ मैरिज गार्डन/ रिसाेर्ट, बैंड, हलवाई, कैटरिंग, फ्लाॅवर डेकाेरेशन, घाेड़ी, झाड़ गिलास/ लाइट, फाेटाेग्राफर, डीजे, टैंट व बस-वाहन वाले।

शादियाें से जुड़े व्यवसायियाें की उपलब्धता

हाेटल/धर्मशाला/बैंक्वेटहाॅल/ मैरिजहाेम/ मैरिज गार्डन/ रिसाेर्ट-163, बैंड-40, फाेटाेग्राफर-1500, डीजे-60, हलवाई-400, कैटरर्स-100, निजी बस-400

500 मेहमानाें की शादी का खर्च करीब ‌~9 लाख

एक शादी में 500 मेहमानाें के शामिल हाेने पर सामान्य ताैर पर करीब 8.75 लाख खर्चा आता हैं। मेहमानाें की संख्या घटकर 100 हाेने पर शादी में खर्च घटकर करीब 4 से 5 लाख रुपए रह जाएगा। इससे हाेटल/धर्मशाला/ बैंक्वेटहाॅल/ मैरिजहाेम/ मैरिज गार्डन/ रिसाेर्ट, बैंड, हलवाई, कैटरिंग, फ्लाॅवर डेकाेरेशन, घाेड़ी, झाड गिलास/ लाइट, फाेटाेग्राफर, डीजे, टैंट व्यवसायियों पर सीधा असर पड़ेगा है। इससे 50 प्रतिशत व्यवसाय रह जाएगा।-अतुल शर्मा, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजस्थान टैंट डीलर्स किराया व्यवसायी समिति

राजस्थान टैंट डीलर्स किराया व्यवसायी समिति के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल शर्मा का कहना है कि 500 मेहमानाें की शादी में आमताैर पर करीब 8.75 लाख रुपए खर्च आता है। इसमें मैरिज हाेम किराया 1.50 लाख रुपए, खाना प्रति व्यक्ति 1000 रुपए के अनुसार 5 लाख रुपए, बैंड, घाेड़ी व झाड़/ गिलास 50 हजार रुपए, फाेटाेग्राफर 50 हजार, डीजे 20-25 हजार रुपए, एंटरटेनमेंट 50 हजार रुपए, बारात की बस का किराया 10 से 50 हजार रुपए। वहीं, 100 मेहमानाें की शादी में करीब 5 लाख रुपए खर्च हाेते हैं।

मैरिज हाेम किराया 1.5 लाख रुपए, खाना 1000 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से 1 लाख रुपए, बैंड, घाेड़ी, झाड़/गिलास 50 हजार रुपए, बस किराया 10 से 20 हजार रुपए। मेहमानाें की संख्या 50 हाेने पर 3 से 4 लाख रुपए तक खर्च हाेते हैं। इनमें मैरिज हाेम का किराया 1 से 1.5 लाख रुपए, खाना 1000 रुपए प्रतिव्यक्ति के हिसाब से 50 हजार रुपए, बैंड, घाेड़ी, झाड/ गिलास 30-40 हजार रुपए, फाेटाेग्राफर 20 हजार रुपए, एंटरमेंट पर 30 हजार रुपए, डीजे 20 हजार रुपए, बस का किराया 7 से 40 हजार रुपए रहता है।

बैंडवालाें काे मेहमानाें से रखें अलग

सरकार काे बैंडवालाें की संख्या मेहमानाें की संख्या से अलग रखनी चाहिए। शहर में 40 बैंड है। पैकेज में न्यूनतम 15 बैंड वाले, 2 ठेली वाले, 1 गाना गाने वाला, 5 लाइट वाले और 1 घाेड़ी वाला शामिल हाेता है। एक शादी में 4 बार बैंड चाक/निकासी/बारात/सेडचाैला के समय बजाई जाती है। सरकार द्वारा काेराेना के नाम पर शादी में सख्ती की जाती है ताे शादी में केवल एक बार बारात के समय ही बैंड बजेगी।-महेंद्र राजाेरिया, अध्यक्ष, बैंड शहर समिति

3 की जगह 1 दिन की कर दी शादी

केस 1-हसनखां मेवात नगर निवासी रमेश के बेटे की 22 जनवरी काे शादी है। पाबंदी लगने से पहले उनके यहां शादी का 3 दिन का कार्यक्रम तय था। अब उन्हाेंने शादी कार्यक्रम 3 के बजाय एक दिन का कर दिया है। सुबह लग्न, फिर चाक-भात व शाम काे शादी का कार्यक्रम है। मेहमानाें की सूची फिर से बनाई जा रही है। जिसे लग्न में बुला रहे हैं, उसे शाम काे बारात में नहीं बुलाएंगे।

केस 2-मन्नाका राेड निवासी महावीर के यहां 5 फरवरी काे बेटी की शादी है। पहले दाे दिन का कार्यक्रम था। अब बदलाव करते हुए एक दिन में ही शादी के सभी कार्यक्रम किए जाएंगे। सुबह चाक-भात व शाम काे शादी हाेगी।

केस 3-भिवाड़ी निवासी दिनेश तंवर ने बताया कि उनके भतीजे की शादी करीब एक साल पहले तय हाे चुकी है। शादी तय होने के बाद हमारे द्वारा हालात सही होने का इंतजार किया गया, तब मुहूर्त निकलवाया गया। सारी तैयारी हाे चुकी है, ऐनवक्त पर कोरोना आ चुका है, अब सरकारी गाइडलाइन के अनुसार ही आयोजन करना पड़ेगा।

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