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  • 15 Years Ago, Bribe Was Sought In The Name Of Opening The Transfer Of Land, Now Along With Punishment, A Fine Of 20 Thousand Rupees Also

2 हजार की रिश्वत में 4 साल की जेल:15 साल पहले जमीन का नामांतरण खोलने के नाम पर मांगी थी रिश्वत, अब सजा के साथ 20 हजार रुपए का जुर्माना भी

अलवरएक महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

अलवर में एसीबी कोर्ट ने 15 साल पहले 2 हजार रुपए की रिश्वत लेने वाले पटवारी के मामले में अब 4 साल की जेल की सजा सुना दी है। वहीं 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। किशनगढ़बास हल्का नयागांव के तत्कालीन पटवारी फतेहाबाद निवासी श्रीराम जाटव को नामांतरण खोलने की एवज में 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने ट्रैप किया था। इस मामले में उसे चार साल की सजा सुनाई गई है। सहायक निदेशक अभियोजन एसीबी अशोक कुमार भारद्वाज ने बताया कि किशनगढ़बास तहसील के दौलतपुरा निवासी कृष्णचंद्र यादव ने 11 सितंबर 2006 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो चौकी पर शिकायत दर्ज करवाई की उसके पिता की मृत्यु के बाद इंतकाल खुलवाने के लिए हल्का पटवारी श्रीराम से सम्पर्क किया। जिस पर पटवारी ने कई महीनों काम नहीं किया। बाद में नामांतरण खोलने के लिए रिश्वत मांग ली। इयके बाद परिवादी नेएसीबी को शिकायत कर दी। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवा कर 12 सितंबर 2006 को ट्रैप कार्यवाही को अंजाम दिया गया। इस मामले में अब कोर्ट ने आरोपी पटवारी को चार साल की सजा व 20 हजार रुपए का जुर्माना आदेश सुनाया है।

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