इंस्पायर अवार्ड:निजी स्कूलाें के 1815 व सरकारी के 7004 बच्चों ने किया आवेदन

अलवर2 महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।

बच्चाें काे विज्ञान की नई तकनीकी से रूबरू कराने के लिए केंद्र व राज्य सरकार नए-नए तरीके ईजाद कर रही है, लेकिन अलवर में निजी स्कूलाें का ध्यान इन बाल वैज्ञानिकाें की तरफ नहीं है। जिले में अब तक इंस्पायर अवार्ड के लिए निजी स्कूलाें के 1815 बच्चाें ने ही आवेदन किए हैं, जबकि सरकारी स्कूलाें में आवेदन करने वाले बच्चाें की संख्या 7004 है।

अलवर में सरकारी व निजी स्कूलाें के लिए 13804 बच्चाें के नामांकन का टारगेट तय किया गया था पर 8819 ने ही आवेदन किया है। आवेदन करने में अलवर का राजस्थान में जयपुर के बाद दूसरा स्थान है। पिछले साल आवेदन करने वालाें की संख्या 11 हजार से भी ज्यादा थी। इस सत्र के आवेदन की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर है। इंस्पायर अवार्ड के आवेदनाें के लिए निजी स्कूल रुचि नहीं ले रहे हैं।

बानसूर में 71, बहराेड़ में 137, कठूमर में 462, किशनगढ़बास में 68, काेटकासिम में 38, लक्षमणगढ़ में 199, मुंडावर में 252, राजगढ़ में 59, रामगढ़ में 125, थानागाजी में 32, तिजारा में 244 और उमरैण में 128 निजी स्कूलाें के बच्चाें ने ही अवार्ड के लिए नामांकन कराया है। अवार्ड के लिए 85.99 प्रतिशत सरकारी व 21.13 प्रतिशत निजी स्कूलाें ने आवेदन किया है।

अवार्ड के लिए सरकारी स्कूलाें कीओर से बढ़कर हिस्सा लिया गया है। इसमें बानसूर में 481, बहराेड़ में 691, कठूमर में 610, किशनगढ़बास में 514, काेटकासिम में 266, लक्ष्मणगढ़ 542, मुंडावर में 714, राजगढ़ में 896, रामगढ़ में 627, थानागाजी में 516, तिजारा में 521 और उमरैण में 626 सरकारी स्कूलाें के विद्यार्थियाें ने इंस्पायर अवार्ड के लिए पंजीयन कराया है।

निजी स्कूल कम रुचि ले रहे हैं, इसके लिए व्यापक याेजना बनाकर उन्हें पाबंद किया जा रहा है कि वे बच्चाें के नामांकन कराएं।
- केएल धावरिया, सहायक निदेशक, सीडीईओ अलवर

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