चार घंटे इंटर्नशिप की शर्त, पीछे हटे 11 हजार बेराेजगार:20% ने दी सरकारी विभागों में काम करने की सहमति, एसएसओ आईडी पर है सहमति का विकल्प,

अलवर21 दिन पहलेलेखक: मनोज गुप्ता
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​​​​​​​ इंटर्नशिप वालाें काे हर माह खुद की हाजिरी करनी हाेगी अपलाेड - Dainik Bhaskar
​​​​​​​ इंटर्नशिप वालाें काे हर माह खुद की हाजिरी करनी हाेगी अपलाेड

सीएम युवा संबल याेजना के तहत दिए जा रहे बेराेजगारी भत्ते में 4 घंटे इंटर्नशिप की शर्त लगते ही करीब 11 हजार बेराेजगार युवा पीछे हट गए हैं। ये वे युवा हैं जाे अब तक भत्ता उठा रहे थे, लेकिन सहमति नहीं देने के कारण इनका भत्ता राेक दिया गया है। दरअसल, जिले में भत्ता लेने वाले पंजीकृत बेराेजगाराें की संख्या 13 हजार 877 है। इनमें से अभी तक महज 2741 ने ही सरकारी विभागाें में 4 घंटे इंटर्नशिप करने की सहमति दी है। 11 हजार 136 लाभार्थियाें ने काेई सहमति नहीं दी है।

राेजगार अधिकारी की मानें ताे सहमति के लिए एसएसओ आईडी पर विकल्प खुला हुआ है। यदि आवेदक सहमति पत्र नहीं भरता है, ताे ऐसी स्थिति में उसका भत्ता जारी नहीं हाेगा। आवेदक जिस दिन भी सहमति देगा, उसी दिन से उसका भत्ता जारी कर दिया जाएगा। हालांकि राेजगार विभाग ने अभी तक मिले 2741 सहमति वाले आवेदकाें काे अलग-अलग विभागाें का आवंटन कर दिया है। आवंटित विभाग में ये आवेदक ज्वाइन करेंगे और प्रत्येक महीने के अंतिम दिन अपनी उपस्थिति प्रमाणित करवाकर एसएसओ आईडी के जरिए पाेर्टल पर अपलाेड करेंगे।

इंटर्नशिप वालाें काे हर माह खुद की हाजिरी करनी हाेगी अपलाेड: अभी तक सीएमएचओ के अधीन 628, डीओआईटी के अधीन 496, आयुर्वेद के अधीन 251, प्रारंभिक शिक्षा के अधीन 334 और माध्यमिक शिक्षा के अधीन 1032 अभ्यर्थियाें का आवंटन किया गया है। बेराेजगारी भत्ता ले रहे अभ्यर्थियाें से संबंधित कार्यालय एवं संस्था प्रधान अपने हिसाब से काम करवाएंगे और उनकी उपस्थिति प्रमाणित करेंगे।

संभावना - निजी क्षेत्र में काम करना हाे सकती है बड़ी वजह

बड़ी संख्या में आवेदकाें के सहमति नहीं देने के पीछे बड़ी वजह यह हाे सकती है कि वे पहले से ही किसी निजी संस्थान में काम कर रहे हाें। ऐसी स्थिति में वे 4 घंटे इंटर्नशिप करने कैसे जाएंगे? एक्सपर्ट का कहना है कि इस बात की पूरी संभावना है। क्याेंकि यदि वास्तव में भत्ते की जरूरत हाेती ताे इतनी कम संख्या में इंटर्नशिप की सहमति के आवेदन नहीं मिलते।

विभाग काे यह जांच भी करानी चाहिए कि सहमति नहीं देने वाले आखिर क्या कर रहे हैं? यदि वे पहले से ही कहीं लगे हुए हैं और भत्ता उठा चुके हैं, ताे उनसे वसूली की कार्यवाही हाेनी चाहिए। क्याेंकि इससे सीधा असर उन आवेदकाें पर पड़ेगा जाे भत्ते की कतार में लगे हुए हैं। दूसरी संभावना यह हाे सकती है कि भत्ता ले रहे अधिकांश युवा प्रतियाेगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। एेसे में उनकी तैयारी पर इसका असर पड़ेगा।

डर: कहां जाएंगे इंटर्नशिप करने
बेराेजगारी भत्ते के लिए इंटर्नशिप की सहमति नहीं देने के पीछे एक डर यह हाे सकता है कि अभ्यर्थी यह साेच रहा हाे कि इंटर्नशिप करने कहां जाएंगे? कहीं काेई दूर जगह मिल गई, ताे कैसे मैनेज हाे पाएगी। इस डर के कारण हाे सकता है, उन्हाेंने सहमति नहीं दी हाे। इस मामले में राेजगार अधिकारी श्यामलाल साटाेलिया का कहना है कि अभ्यर्थी इंटर्नशिप की जगह काे लेकर किसी तरह का संशय नहीं रखें। आवेदक काे उसकी सुविधानुसार जगह आवंटित की जा रही है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ सिखाना है किसी काे परेशान करना नहीं है।

ऐसे दे सकते हैं इंटर्नशिप के लिए सहमति
यदि आप अब तक भत्ता उठा रहे थे और अभी तक आपने सहमति पत्र नहीं भरा है, ताे आप यह सहमति पत्र भर सकते हैं। इसके लिए आपकाे स्वयं या ईमित्र के जरिए एसएसओ आईडी से लाॅगिन करना हाेगा और वहां माैजूद विभागाें में से अपने विकल्प का चयन करते हुए सहमति देनी हाेगी। आपके द्वारा सहमति पत्र सबमिट करते ही इसकी सूचना राेजगार विभाग काे मिल जाएगी। इसके बाद आपकाे संबंधित विभाग व स्थान का आवंटन कर दिया जाएगा और आपका भत्ता जारी हाे जाएगा।

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