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राजश्री योजना:मां-बेटियों के सरकार पर 3.93 करोड़ रुपए बकाया, अधिकारी नहीं करवा पा रहे कमियों की पूर्ति

अलवर6 दिन पहले
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  • बैक खाता नंबर, भामाशाह कार्ड और आधार कार्ड की कमी के कारण अटकी प्रोत्साहन राशि

सुरक्षित मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य को लेकर गंभीर होने का दावा करने वाली राज्य सरकार पर मां-बेटियों के करीब 3.93 करोड़ रुपए बकाया हैं। संस्थागत प्रसव पर जननी सुरक्षा योजना और बेटी के जन्म पर राजश्री योजना से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का सरकार शत-प्रतिशत भुगतान नहीं कर पा रही है। सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी के लिए पहुंचने वाली महिलाओं के दस्तावेजों की पूर्ति भी अधिकारी नहीं करा पा रहे हैं।

जननी सुरक्षा योजना में अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 तक जिले में 15.81 प्रतिशत डिलीवरी केसों का करीब 81.12 लाख रुपए का भुगतान बकाया है। इसी प्रकार सरकारी अस्पताल में जन्मी 20.98 प्रतिशत बेटियों को पहली किश्त के करीब 1 करोड़ और 8466 बेटियों को दूसरी किश्त के 2.11 करोड़ रुपए नहीं मिले हैं।

हालात ये हैं कि चिकित्सा विभाग के अधिकारी डिलीवरी के बाद महिलाओं दस्तावेजों की पूर्ति नहीं करा पाए हैं। इसी कारण खाते में ऑनलाइन भुगतान अटक गया है। आधार कार्ड, खाता संख्या की कमियों के कारण ये परेशानी हो रही है। जबकि डिलीवरी से पहले होने वाली जांच (एएनसी) के दौरान ही दस्तावेजों की पूर्ति के निर्देश हैं।
ऐसे मिलती है प्रोत्साहन राशि

  • जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी पर शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रुपए का ऑनलाइन खाते में भुगतान किया जाता है।
  • राजश्री योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पताल में बेटियों के जन्म पर कुल 50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि मिलती है। जिसमें पहली किश्त का भुगतान जन्म के समय दस्तावेजों की पूर्ति कर मिल जाती है, जबकि दूसरी किश्त टीककरण पूर्ण होने पर पहले जन्मदिन पर मिलती है।
  • दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाली महिलाओं के परिजन गलत पते लिखवा देते हैं। उस समय महिला की डिलीवरी कराना जरूरी होता है। वे बाद में दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाते हैं। अलवर में काफी संख्या में हरियाणा से डिलीवरी केस आते हैं। वहीं सरकारी अस्पताल में एएनसी नहीं कराने वाली महिलाएं भी डिलीवरी के दौरान सरकारी अस्पताल में पहुंचती हैं। अब पीएमओ, बीसीएमओ, डीपीएम को इनकी पूर्ति करा भुगतान कराने के निर्देश दिए हैं। - डॉ. अरविंद गेट, आरसीएचओ

जननी सुरक्षा योजना और राजश्री योजना के ये हैं हालात

  • जननी सुरक्षा के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में 10 महीनों में 40299 डिलीवरी हुई, जिनमें से 6370 महिलाओं को संस्थागत प्रसव की प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हुआ। इनमें सर्वाधिक 2014 केस अलवर शहर के और सबसे कम 20 केस रैणी ब्लॉक के शामिल हैं। इनके बैंक खाता और आधार नंबर की कमियों के कारण राशि अटकी हुई है।
  • राजश्री योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में अप्रैल से जनवरी तक 19136 बेटियों का जन्म हुआ, जिनमें से 4014 बेटियों को जन्म के दौरान मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की पहली किश्त का भुगतान ही नहीं हुआ।
  • राजश्री योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में जून 2016 से मार्च 2020 तक एक साल बाद मिलने वाली 2500 रुपए की दूसरी किश्त का 8466 बेटियों को भुगतान नहीं हुआ है। इनका पूरा टीकाकरण नहीं हुआ है और इनके भामाशाह और जीवित प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन नहीं हुआ है।
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