लंपी से शहर में गौवंश के हालात बिगड़ने लगे:दाे दिन में 47 की मौत, शव उठाने में लग रहा 30 घंटे तक का समय

अलवर2 महीने पहले
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नप में लेट कर प्रदर्शन करते बृज भूमि कल्याण परिषद के कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
नप में लेट कर प्रदर्शन करते बृज भूमि कल्याण परिषद के कार्यकर्ता।

गौवंश में लंपी बीमारी फैलने के बाद शहर में भी हालात बिगड़ने लगे हैं। इन दिनाें राेजाना बड़ी संख्या में गाैवंश की मृत्यु हाे रही है। मृत गौवंश की संख्या इतनी ज्यादा है कि इनके शव नगर परिषद की ओर से राेजाना नहीं उठाए जा रहे हैं।

ये शव उठाने में 30 घंटे तक का समय लग रहा है। नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार दाे दिन में शहर में 47 गाैवंश की मृत्यु हुई। इनमें 21 गाैवंश की माैत लंपी राेग से और 26 की सामान्य मृत्यु हुई। 27 सितंबर काे 31 गाैवंश की मृत्यु हुई थी।

इनमें से 18 गाैवंश के शव ही उठाए गए। इनमें लंपी से मृत 15 में से 9 गाैवंश के शव उठाए गए थे। सामान्य मृत 16 में से 9 गाैवंश के शव ही उठाए गए। 28 सितंबर काे दाेपहर 1 बजे तक नगर परिषद के कंट्राेल रूम में 16 गाैवंश के मरने की सूचना आ चुकी थी, लेकिन परिषद की ओर से पहले उन मृत गाैवंश के शव उठाने का काम किया गया जाे 27 सितंबर काे बाकी रह गए थे।

व्यवस्था सुधारने के लिए नगर परिषद पर किया प्रदर्शन
बृज भूमि कल्याण परिषद ने कांजी हाउस की व्यवस्था सुधारने की मांग काे लेकर बुधवार काे गाै रक्षा मार्च निकाला और नगर परिषद में प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि वे कांजी हाउस की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आयुक्त काे ज्ञापन देने गए,

लेकिन वे नगर परिषद में नहीं मिले। इस पर कार्यकर्ताओ ने नगर परिषद का मेन गेट बंद कर प्रदर्शन व नारेबाजी की। नगर परिषद कर्मियों ने गुप्ता की आयुक्त से माेबाइल पर बात कराई। आयुक्त के जवाब से गुप्ता नाराज हो गए। कार्यकर्ता जब आयुक्त के कमरे के गेट पर ज्ञापन चस्पा करने लगे तो लेखाधिकारी ज्ञापन लेने आए।

मामला बिगड़ता देख लेखाधिकारी ने बताया कि 45 लाख रुपए का टेंडर हो चुका है। गुप्ता ने आयुक्त पर कांजी हाउस की व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि गोवंश कीचड़ और मलबे में रहने को मजबूर हैं। इससे अच्छी गाय भी बीमार हो सकती हैं।

गौशाला में गौवंश के रहने वाली जगह को पक्का करें, कीचड़ हटाएं, साफ सफाई की व्यवस्था करें। चेतावनी दी कि दाे दिन में कांजी हाउस की साफ सफाई नहीं हाेने पर आंदाेलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालाें में भाजपा के जिला मंत्री जितेंद्र सिंह राठौड़, जिला गौरक्षा प्रमुख रामदयाल शर्मा, एडवोकेट सूर्यकांत शर्मा, सचिन सोनी, गौरक्षक नाहर सिंह पांचाल व प्रेमप्रकाश शर्मा आदि माैजूद थे।

गाैवंश के मरने की बढ़ती संख्या काे देखते हुए जेसीबी की संख्या एक से बढ़ाकर दाे कर दी गई है। मृत पशु उठाने वाले वाहनाें की संख्या 2 से बढ़ाकर 3 कर दी है। नया टैंडर भी किया गया है। सूचना मिलने के एक घंटे में मृत गाैवंश का शव उठाना हाेगा। पशुओ के शव उठाने वाला वाहन और कर्मचारी और गाैवंश के शव काे दफनाने में काम आने वाला सामान भी ठेकेदार का हाेगा।
-धर्मपाल जाट, आयुक्त नगर परिषद

जिले में लंपी से हुई 1500 गाैवंश की माैत

पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. रमेश मीना का कहना है कि लंपी से बचाव के लिए जिले में करीब 96 हजार गाैवंश का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। सभी पशु चिकित्सालयों में पर्याप्त दवाएं हैं। आयुर्वेद विभाग की और से गाैवंश में प्रतिराेधक क्षमता बढ़ाने के लिए दवाएं दी जा रही हैं।

वर्ष 2019 की गणना के अनुसार जिले में 2 लाख 40 हजार गाैवंश था। डाॅ. मीना का कहना है कि जिले में करीब 30 हजार गाैवंश लंपी से संक्रमित हुआ है। इनमें 8 हजार गाैवंश ठीक हाे चुका है। करीब 1500 की माैत हुई है। वायरस का संक्रमण अब कम हुआ है। पहले 7 व 8 सितंबर के आसपास प्रतिदिन करीब 1100 गाैवंश के संक्रमण की दर थी, जाे अब घटकर करीब 300 रह गई है।

गाैसेवा में जुटी संस्थाएं,: आयुर्वेदिक लड्डू खिला रहे
लंपी के कहर के बाद जिले में बड़ी संख्या में सामाजिक व धार्मिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं व युवा गाैवंश की सेवा में जुटे हैं। लाेग और संस्थाएं अपने स्तर पर गायाें काे प्रतिराेधक क्षमता बढ़ाने के लिए औषधीय लड्डु खिला रहे हैं। अनेक युवा व संस्थाएं घायल गाैवंश की ड्रेसिंग करने से लेकर उनके चारा-पानी की व्यवस्था कर रही हैं।

शहर में मृत गाैवंश की स्थिति

  • 28 अगस्त से 26 सितंबर तक लंपी से मृत गाैवंश की संख्या-222
  • 1 से 28 सितंबर तक सामान्य रूप से मृत गाैवंश की संख्या-235

नगर परिषद के अनुसार

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