पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Alwar
  • 5 Days Ago There Was 11 Percent Positive Rate, Now 5 Thousand Samples Are Being Tested Daily, Then The Positive Rate Came Down.

अलवर में अब 2 प्रतिशत पॉजिटिव रेट:5 दिन पहले 11 प्रतिशत थी, अब 5 हजार सैंपल की रोजाना जांच होने लगी तो पॉजिटिव रेट कम, बाजार खुलने का समय बढ़ाने की तैयारी

अलवर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
लॉडर्स डेडिकेटेड कोविड अस्पताल। - Dainik Bhaskar
लॉडर्स डेडिकेटेड कोविड अस्पताल।

अलवर में कोरोना सैंपल की जांच संख्या बढ़ाते ही पॉजिटिव दर 2 प्रतिशत से कम हो गई है। करीब पांच दिन पहले जिले की पॉजिटिव दर 11 प्रतिशत से अधिक थी। लेकिन, अब पिछले करीब चार दिनों से आ रही रिपोर्ट के आधार पर पॉजिटिव दर 2 प्रतिशत से भी कम बताई गई है। सबसे अधिक अलवर शहर में साढ़े तीन प्रतिशत से अधिक पॉजिटिव दर है। अलवर के बाजारों को 4 जून से अनलाॅक किया है। केवल एक ही दिन बाजार खुले हैं। अब मंगलवार को सुबह 6 से 11 बजे तक बाजारा खोले जाएंगे।

रोजाना 5 हजार सैंपल जांच होने लगे
सीएमएचओ डॉ ओपी मीणा ने बताया कि अब रोजाना करीब 5 हजार के आसपास सैंपल की जांच होने लगी है। जबकि करीब पांच दिन पहले जिले में केवल ढाई से तीन हजार सैंपल ही जांच हो रहे थे। जिले में सबसे अधिक बानसूर ब्लॉक में कोरोना सैंपल की जांच होने लगी है।

एंटिजन टेस्ट भी 40 प्रतिशत
अब अलवर में आरटीपीसीआर व एंटिजन किट के जरिए कोरोना सैंपल की जांच होती है। करीब 60 प्रतिशत आरटीपीसीआर व 40 प्रतिशित एंटिजन किट के जरिए कोरोना जांच की जाती है। रोजाना किट का वितरण ब्लॉक में जरूरत के अनुसार किया जाता है। बानसूर ब्लॉक में ही सबसे अधिक एंटिजन किट से जांच हुई है।

अस्पतालों में भी मरीज कम
अब जिले के अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या 20 प्रतशित ही रह गई है। मई माह के पीक के दौरान जिले में ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों की संख्या 700 पार कर गई थी। जबकि अब ऑक्सीजन सपोर्ट पर 120 मरीज हैं। वहीं आसीयू में 41 मरीज हैं। जबकि पीक के दौरान आसीयू में 125 से अधिक मरीज भर्ती थे। वहीं वेंटिलेटर पर 29 मरीज है। जबकि पहले 80 से अधिक मरीज वेंटिलेटर पर आ गए थे।

तीसरी लहर से बचने की तैयारी
अब सरकार व प्रशासन तीसरी लहर से बचने की तैयारी में लगा है। प्रशासन की ओर से सरकारी अस्पतालों में आवश्यक उपकरण बढ़ाए जाने का काम जारों पर है। सीएचसी के स्तर पर भी आवश्यक उपकरण, जांच, दवा व बेड बढ़ाने का काम जारी है। ताकि तीसरी लहर में संक्रमण बढ़ने पर उसका मुकाबला किया जा सके।

खबरें और भी हैं...