पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Alwar
  • 63000 Children Increased In Two Years, Enrollment Of Boys And Girls Increased The Most In Tijara And Laxmangarh Blocks, Now The Responsibility Of Teachers Increased

सरकारी स्कूलों में बढ़ी नामांकन की रफ्तार:दो साल में बढ़े 63000 बच्चे, तिजारा व लक्ष्मणगढ़ ब्लाॅक में सबसे ज्यादा बढ़ा लड़काें व लड़कियाें का नामांकन, अब शिक्षकाें की जिम्मेदारी बढ़ी

अलवर9 दिन पहलेलेखक: मनोज गुप्ता
  • कॉपी लिंक

काेराेना की दाे लहराें के बीच अधिकांश समय लाॅकडाउन में बीत गया। इस दाैरान स्कूल ना के बराबर खुले। पहली बार हुए लाॅकडाउन के बाद जब खुलने का समय आया ताे दूसरी लहर की दस्तक ने फिर से स्कूल बंद करा दिए, लेकिन खास बात यह रही कि काेविड की इन दाे लहराें के दाैरान सरकारी स्कूलाें के नामांकन की रफ्तार नहीं रुकी।

सरकारी स्कूलाें में दाे साल में 63 हजार 765 बच्चाें का नामांकन बढ़ गया। नामांकन बढ़ने की रफ्तार तिजारा व लक्ष्मणगढ़ ब्लाॅक में सबसे ज्यादा रही है। तिजारा में अब तक की बात करें ताे पिछले वर्ष के मुकाबले 4437 अधिक नामांकन रहा है। इसके बाद यह संख्या लक्ष्मणगढ़ की रही है। यहां नामांकन में 2989 की बढ़ाेतरी हुई है।

इन दाेनाें ही ब्लाॅकाें में लड़के व लड़कियाें दाेनाें का ही नामांकन तेजी से बढ़ा है। जिले में सिर्फ दाे सालाें में बढ़े नामांकन के बाद अब शिक्षकाें की जिम्मेदारी बढ़ गई है, क्याेंकि अभिभावकाें व बच्चाें ने सरकारी सिस्टम की तरफ भराेसा किया है। इसलिए अब शिक्षकाें की जिम्मेदारी पहले की तुलना में ज्यादा हाे गई है कि ये बच्चे स्कूल नहीं छाेड़ें। इस साल अब तक जिले के स्कूलाें में कुल 18 हजार 644 बच्चे बढ़े हैं। इनमें 11 हजार 462 छात्र और 7182 छात्राएं हैं। नामांकन का यह आंकड़ा जिले के 2760 सरकारी स्कूलाें का है।

दाे लहरें भी नहीं रोक पाई नामांकन की रफ्तार

दाे लहराें के बीच सरकारी स्कूल में पहुंची 29 हजार बेटियां
जिले में काेराेना की दाे लहराें के बीच करीब 29 हजार बेटियाें ने सरकारी स्कूलाें में दाखिला लिया है। वर्ष 2019-20 में सरकारी स्कूलाें में बेटियाें की संख्या 1,99,817 थी जाे 2020-21 में बढ़कर 2,22,059 हाे गई। मतलब एक साल में 22 हजार 242 बेटियाें ने सरकारी स्कूल की दहलीज पर कदम रखा। इसके बाद 2021-22 में बेटियाें का नामांकन 2,29,241 हाे गया जाे पिछले वर्ष के मुकाबले 7182 ज्यादा रहा।

वे 3 वजह जिससे नामांकन बढ़ा

1 काेविड में अधिकांश प्राइवेट स्कूल बंद हाे गए। ग्रामीण क्षेत्राें में निजी स्कूलाें द्वारा किसी भी स्तर पर पढ़ाई नहीं करवाई गई जबकि सरकारी स्कूलाें में स्माइल प्राेजेक्ट चलता रहा।

2 बड़ा कारण काेविड के दाैरान मिड डे मील बंद हुआ, लेकिन सरकार ने सूखे राशन की व्यवस्था कर दी। ग्रामीण क्षेत्राें में अभिभावक सरकार की इस याेजना से आकर्षित हुए।

3 सरकारी अधिकारियाें की अपने-अपने स्तर पर नामांकन के लिए प्लानिंग, कार्ययाेजना व टारगेट सिस्टम का समय-समय पर फाॅलाेअप भी नामांकन बढ़ाने में मददगार रहा।

स्कूलों में अब यह है चैलेंज
सरकारी स्कूलाें में नामांकन ताे बढ़ गया है, लेकिन अधिकांश जगहाें पर बच्चाें काे बैठाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसलिए यह चुनाैती रहेगी कि सरकार स्कूल वाइज इसका सर्वे कराए और जहां कमरे या अन्य संसाधन कम हैं, वहां इनकी व्यवस्था करे।

तिजारा व लक्ष्मणगढ़ ब्लाॅक में तेजी से बढ़ा नामांकन
तिजारा में 2019-20 से 2020-21 के बीच 2971 छात्राओं ने व 2020-21 से 2021-22 के बीच 2078 छात्राओं ने और लक्ष्मणगढ़ में 2019-20 के मुकाबले 2020-21 में 2280 छात्राओं ने व 2020-21 से 2021-22 के बीच 1200 छात्राओं ने प्रवेश लिए।

जिम्मेदारी बढ़ी

  • स्कूलाें में नामांकन बढ़ा है। इसमें शिक्षकाें की मेहनत के साथ कई कारण रहे। निश्चित ही अभिभावकाें ने हम पर भराेसा किया है और हमारी जिम्मेदारी पहले की तुलना में बढ़ी है। हमारा प्रयास रहेगा कि अभिभावकाें के इस भराेसे काे बनाए रखें। इसी काे ले कार्ययाेजना बना रहे हैं। - संताेष शर्मा, प्रिंसिपल, राउमावि घाट
  • नामांकन बढ़ने के साथ ही हमारी जिम्मेदारी बढ़ी है। अच्छी प्लानिंग के साथ ऑनलाइन व ऑफलाइन दाेनाें तरह के बच्चाें का फीडबैक ले रहे हैं। शिक्षक भी नवाचार करते हुए बच्चाें काे पढ़ाई करवा रहे हैं। प्रयास है कि जाे जरूरतमंद परिवार हैं उन्हें भी सीएसआर के जरिए कुछ मदद दिलवाई जाए ताकि ऐसे बच्चे जाे अभाव के कारण पढ़ाई छाेड़कर गए थे, वे वापस आ सकें। - मीरा मुखीजा, प्रिंसिपल राजकीय कन्या सीनियर सेकंडरी स्कूल, तिजारा
खबरें और भी हैं...