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नाबालिग रेप पीड़िता के पिता का मर्डर:पुलिस ने दो दिन तक नहीं लिखी रिपोर्ट, दसवीं में 85% के बाद भी छेड़छाड़ से परेशान होकर छोड़ दी पढ़ाई

अलवरएक वर्ष पहले
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राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ कस्बे के पास खेतों पर पेड़ से लटका दुष्कर्म पीडि़ता के पिता का शव। - Dainik Bhaskar
राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ कस्बे के पास खेतों पर पेड़ से लटका दुष्कर्म पीडि़ता के पिता का शव।
  • पुलिस पर आरोपियों की मदद का आरोप, संगठनों ने जताया विरोध
  • दबाव बना रहे थे आरोपी, पेड़ से रस्सी के सहारे लटकी मिली लाश

छेड़छाड़ से तंग होकर खुदकुशी का प्रयास करने वाली बेटी की जान तो एक पिता ने बचा ली, मगर इसके बाद कानून की शरण लेने की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ गई। दुष्कर्म पीड़िता बेटी के कोर्ट में बयान कराने से चंद घंटे पहले पिता की हत्या कर दी गई।

पूरे मामले में रामगढ़ पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है। जो नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को संरक्षण के बजाय आरोपियों के पक्ष में राजीनामे का दबाव बनाने में लगी रही। इससे आरोपियों का हौंसला बढ़ता गया। बात ना मानने का नतीजा ये हुआ कि नाबालिग के पिता का शव बुधवार सुबह घर के समीप खेत में पेड़ पर रस्सी से लटका मिला।

मृतक के बेटे ने बहन से दुष्कर्म के आरोपी के 4 परिवारजनों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। एफआईआर में पुलिस पर मृतक की बेटी से हुई छेड़छाड़ का मामला देरी से दर्ज करने का आरोप है। दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या का मामला सामने आने के बाद कस्बे में आक्रोश व्याप्त हो गया। बड़ी संख्या में जन संगठनों के लोग थाने पर जमा हो गए।

सूचना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय शिवलाल बैरवा, पुलिस उपाधीक्षक दक्षिण दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। भीड़ को कई थानों की पुलिस बुला हटाया गया। गौरतलब है कि मृतक की नाबालिग बेटी को अनीस खां पुत्र सुमरदीन करीब डेढ़ साल से परेशान कर रहा था। इसके चलते किशोरी ने 18 जून को आत्महत्या का प्रयास किया। घरवालों को कारण पता चला तो अनीस पर मामला दर्ज कराने थाने पहुंचे। मगर पुलिस ने 2 दिन तक केस ही दर्ज नहीं किया था।

पहले धमकी दी, नहीं मानी तो हत्या कर दी: एफआईआर

मृतक के पुत्र ने एफआईआर में बताया कि उसकी नाबालिग बहन के साथ अनीस खां पुत्र सुमरदीन मेव ने दुराचार किया। उसके खिलाफ 20 जून को पुलिस ने केस दर्ज किया। मामले में 24 जून को पीड़िता के कोर्ट में बयान होने थे। केस दर्ज होने के बाद से आरोपी पक्ष के उमरदीन, महमूद, अंजुम पुत्र समरदीन तथा तौफीक मेव राजीनामे का दबाव बना रहे थे। बात नहीं मानने पर जान से मारने की धमकी दी थी। ये लोग आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और जेल में रह चुके हैं। बुधवार सुबह उसके पिता रोज की तरह शौच करने जंगल गए थे। इसी दौरान आरोपियों व उनके दो-तीन साथियों ने उसके पिता की गला घोंट कर हत्या कर दी। शव पेड़ से लटका दिया।

29 जून को दूसरी बेटी की शादी थी, आरोपी तुड़वाने की धमकी दे रहे थे

मृतक के पुत्र ने आरोप लगाया है कि शिकायत देने के बाद पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज करने में देरी की। उन पर राजीनामे का दबाव बनाया। इससे आरोपियों के हौंसले बढ़ते रहे। 29 जून को मृतक की दूसरी बेटी की शादी थी। वे धमकी दे रहे थे कि बदनामी कर शादी तुड़वा देंगे। आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। इसके चलते पुलिस ने हमारी सुनवाई नहीं की। इसके चलते बेखौफ आरोपियों ने दुष्कर्म पीड़िता बहन के कोर्ट में बयान होने से पहले उसके पिता को मार डाला।

जानिए, हर वो बात जो बताती है पुलिस व आरोपियों के गठजोड़ की दास्तां

  • सिलसिला डेढ़ साल पहले शुरू हुआ। मृतक की बेटी होनहार थी। कक्षा 10वीं में 85 प्रतिशत और 11वीं में 76 प्रतिशत अंक लाई थी। मगर 12वीं में दाखिले के 3 माह बाद ही उसे स्कूल छोड़नी पड़ी।
  • दरअसल 11वीं की परीक्षा के बाद से अनीस उसका पीछा करने लगा था। उसे तंग करता, दोस्ती का दबाव बनाता था। वह सब सहती रही। एक दिन अनीस ने उसे कहा कि पूरे परिवार को नींद की गोली देकर उसके पास आ जाए। इससे वह घबरा गई।
  • कुछ ऐसा हुआ कि बेबस बेटी ने 18 जून की दोपहर घर के पास कुएं में छलांग लगा दी। हालाकि उसे बचा लिया गया। घरवालों ने पूछा तो अनीस की छेड़खानी व ब्लैकमेलिंग के अंतहीन सिलसिले का पता चला।
  • 18 जून को मृतक का बेटा आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने रामगढ़ थाने पहुंचा। मगर शिकायत 20 जून शाम तक दर्ज नहीं की गई। नाबालिग ने आपबीती ‘भास्कर’ को बताई। तो दबाव में पुलिस ने रात को पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया, लेकिन आरोपी को शांतिभंग में गिरफ्तार दिखाया।
  • इसके बाद भी पुलिस की शह पर आरोपी धमकाते रहे। पीड़ित पक्ष पर राजीनामे का दबाव बनाने लगे। उसके पिता को कहा कि 29 जून को होने वाली तेरी बड़ी बेटी की शादी तुड़वा देंगे। मृतक को हत्या की धमकी दी गईं। मगर पुलिस कार्रवाई के बजाय आरोपियों के पक्ष में समझौता का दबाव बनाती रही।
  • 23 जून को पुलिस ने पीड़िता को बयान के लिए बुलाया तो उसने अपने साथ दो-तीन बार दुष्कर्म होने का खुलासा किया। यह सुनकर पिता व परिवार सदमे में आ गया। पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने के लिए बुधवार को बुलाया था।

उसी दिन आरोपी पकड़ा

18 जून की घटना के बाद जांच अधिकारी रामकिशन बैरवा के पास थाने में पीड़िता व उसका भाई आया था। उसे रिपोर्ट लिखने को कहा तभी कोई फोन आया और वह घर पर बात करने की कहकर चला गया। अगले दिन बुलाया तो लड़की की तबीयत खराब हो गई। इसके चलते जांच अधिकारी ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इंटरनेट नहीं चलने से मामला दर्ज करने में देरी हुई। इसलिए आरोपियों को शांति भंग में बंद रखा। आरोपी को दो बार, पहले शांति भंग में फिर पोक्सो में गिरफ्तार किया गया।

- वीरेंद्र यादव, थानाधिकारी रामगढ़

रिपोर्ट देरी से दर्ज हुई

पीड़िता ने ज्यादती के मामले में 19 जून को रामगढ़ थाने में रिपोर्ट दी थी। 20 जून को आरोपियों पर मामला दर्ज कर उन्हें शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच के बाद 21 जून को बालिका से ज्यादती के आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भिजवाया था। थाना पुलिस ने रिपोर्ट देने के एक दिन बाद मामला दर्ज किया था। इस लापरवाही की जांच एएसपी मुख्यालय शिवलाल बैरवा को सौंपी है। जो भी दोषी हाेगा, उस पर कार्रवाई होगी। पीड़िता के पिता के मौत के संबंध में परिजनों ने बुधवार को जो रिपोर्ट दर्ज कराई है पुलिस उसकी जांच व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

- परिस देशमुख, एसपी, अलवर

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