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बस 'मां-पा' बोल पा रही गैंगरेप पीड़िता:दरिंदगी के बाद यही बोलती रही बेजुबान, नाबालिग के न बोलने से हैवानों की शिनाख्त मुश्किल

अलवर6 दिन पहले

मूक बधिर नाबालिग से हैवानियत से सब हैरान है। अलवर की इस घटना की शिकार नाबालिग बोल और सुन नहीं पाती। मूक बधिर पीड़िता का जयपुर में इलाज चल रहा है। गैंगरेप और फिर नुकीले चीज से घायल करने की इस दरिंदगी के बाद अपनी पीड़ा बताने के लिए उसके पास सिर्फ दो शब्दों का ही सहारा है। वह है- 'मां' और 'पा'। बच्ची इससे ज्यादा बोल ही नहीं पाती।

हालत देखकर सभी सहम गए

बुधवार को ऑपरेशन के बाद मंत्री और अफसर मिलने पहुंचे। 14 साल की पीड़िता की हालत देखकर वह भी सहम गए। पीड़िता से मिलकर आए लोगों ने बताया कि जब भी दर्द से तड़तपी है तो कभी 'मां' तो कभी 'पा' ही बोल पाती है। परिजनों ने बताया कि 14 साल में उनकी बेटी को समय-समय पर बोलने की कोशिश कराते थे। कई कोशिशों के बाद केवल 'मां' और 'पा' ही बोल पाई थी। वह भी अटक-अटक कर।

मूक-बधिर लड़की को गैंगरेप के बाद सड़क पर फेंक दिया गया था। नाबालिग के खून से सड़क लाल हो गई थी। टीम ने मौके की जांच डॉग स्क्वॉयड से कराई।
मूक-बधिर लड़की को गैंगरेप के बाद सड़क पर फेंक दिया गया था। नाबालिग के खून से सड़क लाल हो गई थी। टीम ने मौके की जांच डॉग स्क्वॉयड से कराई।

आरोपियों की पहचान के लिए इशारे का सहारा
अलवर में पुलिस कई दर्जन CCTV खंगाल चुकी है। फिर भी पुलिस को सफलता नहीं मिली है। नाबालिग से पुलिस कुछ बयान नहीं ले सकी। वह बोल नहीं सकती। हालत गंभीर है। पहले इलाज जरूरी है। अब बेटी से इशारे में बदमाशों का हुलिया जानने का प्रयास किया जाएगा। माता-पिता भी जयपुर में हैं। उन्हीं की मदद से पुलिस जानकारी लेने की कोशिश करेगी। बदमाशों का हुलिया लेने का यही विकल्प बचा है।

5 डॉक्टरों ने किया ऑपरेशन
दरिंदों ने मूकबधिर से गैंगरेप ही नहीं किया, बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट में भी धारदार हथियार से गहरा घाव कर दिया। करीब 5 डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बच्ची की जान बचाई है। पहले अलवर और फिर जयपुर में कई यूनिट खून चढ़ाया गया है।

करीब 5 डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बच्ची की जान बचाई है।
करीब 5 डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बच्ची की जान बचाई है।

मजदूरी करते हैं माता-पिता
पीड़िता के माता-पिता मजदूर हैं। मूक बधिर बेटी के अलावा उन्हें एक बेटी और एक बेटा और है। ग्रामीणों ने बताया कि पीड़िता मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे खेत के कच्चे रास्ते से होती हुई सड़क किनारे पहुंची थी। उसके बाद उसे किसी ने नहीं देखा। इसके बाद 11 जनवरी की रात को गैंगरेप की जानकारी मिली।

फ्लाईओवर पर फेंक गए थे, सड़क खून से लाल
अलवर में मंगलवार रात को 14 साल की बच्ची का गैंगरेप कर तिजारा फाटक पुलिया पर फेंक दिया गया। एक घंटे तक पुलिया पर वह तड़पती रही। वह कुछ भी बता नहीं कर पा रही थी। हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर रेफर किया गया। जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि बच्ची के अंदरूनी हिस्से में काफी गहरे घाव है। बच्ची का रेक्टम अपनी जगह से खिसक गया है। उसे जब अस्पताल लाया गया तो काफी ब्लीडिंग हो रही थी। उसके प्राइवेट पार्ट में शार्प कट था। बच्ची के पेट में छेद करके अलग से रास्ता बनाया गया है, जिससे मल को बाहर निकाला जा सके।

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