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अब राजनीतिक नियुक्तियों की बारी:अलवर में यूआईटी चेयरमैन समेत कई पद हैं खाली, पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के नाम तय करने की चर्चा

अलवरएक वर्ष पहले
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राज्य का बजट पेश किया है। - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राज्य का बजट पेश किया है।

प्रदेश सरकार का 2021-22 का बजट पेश हो चुका है। अब विधानसभा में बजट पर बहस होगी। इसमें भी विधायक अपने क्षेत्र से जुड़ी छोटी-बड़ी घोषणा करवाने का प्रयास करेंगे। लेकिन इसके साथ ही अब राजनीतिक नियुक्तियों पर सबकी निगाह है। नेताओं का मानना है कि बजट घोषणा तो सरकार ने कर दी। अब राजनीतिक नियुक्तियों की बारी है। अलवर में चर्चा है कि जिले में राजनीतिक नियुक्तियों के लिए नाम फूल बाग से ही सरकार को भेजे जाएंगे। फूल बाग पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह का आवास है। अलवर ग्रामीण विधायक व श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली खुद कह चुके हैं कि राजनीतिक नियुक्ति जल्दी होंगी। पूर्व केन्द्रीय मंत्री के स्तर से नाम भेजे जाएंगे। राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा है कि बजट का हिसाब आगे राजनीतिक नियुक्तियों तक जाएगा। कुछ नेता यह भी मान रहे हैं कि जिनके क्षेत्रों मे बजट घोषणा कम हुई उन नेताओं को आगे महत्व मिल सकता है।

बसपा, निर्दलीय व कांग्रेस को बराबर उम्मीद
अलवर जिले में 11 विधायक हैं। इसमें से दो बसपा के हैं। दो निर्दलीय। पांच कांग्रेस के विधायक हैं। दो भाजपा के हैं। बसपा व निर्दलीय ने पिछले दिनों सरकार पर संकट आया तो गहलोत का साथ दिया। इस कारण इनमें से दो विधायकों को बजट में काफी कुछ दिया है। सबसे अधिक तिजारा में विकास की घोषणाएं हुई। दूसरे नम्बर पर बहरोड़ में। यहां नगर पालिका व उप तहसील के अलावा सीवरेज सहित कई अन्य छोटी-बड़ी घोषणाएं हुई हैं।

थानागाजी व किशनगढ़बास में भी घोषणा
थानागाजी को बजट से ज्यादा कुछ नहीं मिला। कैंप कोर्ट व एडीजे कोर्ट खोलने की घोषणा के अलावा सीवरेज व अजबगढ़ भानगढ़ में विशेष परिवहन की घोषणा की गई है। पानी के इंतजाम को लेकर भी छोटी-बड़ी घोषणा हैं। जबकि किशनगढ़बास के कोटकासिम को नगर पालिका व किशनगढ़बास बम्बोरा से बोलनी वाली रोड बनाने की बड़ी घोषणा हुई हैं। इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों की तुलना में बहरोड़ व तिजारा विधानसभा क्षेत्र में अधिक घोषणा हैं। हालांकि, यहां के विधायकों का कहना है कि उनके क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने पहले बड़ी घोषणाएं की थी।

अलवर में यूआईटी चेयरमैन की कुर्सी बड़ी
अलवर में नगर विकास न्यास यानी यूआईटी चेयरमैन की कुर्सी सबसे बड़ी राजनीतिक नियुक्ति होगी। इसके अलावा सरकार कई निगम व बोर्डों में भी राजनीतिक नियुक्ति करेगी। मंत्रिमण्डल का विस्तार व संसदीय सचिव बनाने के अवसर पर भी नेताओ की निगाह है। चर्चा है कि अलवर से इन नियुक्तियों के लिए नाम भेजने में पूर्व मंत्री जितेन्द्र सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण है। हालांकि, अलवर के रामगढ़ विधायक सफिया खान के पति कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जुबेर खान भी पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। चर्चा है कि उनके संबंध भी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी परिवार से हैं।

पायलट की खेमेबाजी के बाद मुश्किल
कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट की खेमेबाजी के बाद मंत्रिमण्डल विस्तार व राजनीतिक नियुक्तियों का गणित बैठाना बड़ा मुश्किल हो चुका है। जिसको लेकर सरकार व उनके मंत्री बार-बार एक-दो महीने में राजनीतिक नियुक्ति करने की बात कहते रहे हैं। लेकिन, सरकार के सामने नियुक्तियों के बाद विधायकों की नाराजगी सामने आने का डर है। इसे देखते हुए राजनीतिक नियुक्ति व मंत्रिमण्डल विस्तार का गणित नहीं सुलझ सका है। लेकिन, अब बजट की घोषणाओं का हिसाब राजनीतिक नियुक्तियों के समय हो सकता है।

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