अलवर की बेजुबान बिटिया के गैंगरेप नहीं, एक्सीडेंट की पड़ताल:CCTV में दिखा बस ड्राइवर बोला- न लड़की को देखा-न हादसा

अलवर5 महीने पहले

अलवर के तिजारा फाटक पुलिया पर लहूलुहान मिली मूकबधिर नाबालिग की गुत्थी पुलिस नहीं सुलझा सकी है। तिजारा फाटक पुलिया पर बस की आड़ में बाइक से हुए एक्सीडेंट का बुधवार रात को पुलिस सीन रिक्रिएट करने पहुंची। इसके लिए दो बार सीन रिक्रिएट किया गया। पहली बार जब पुलिस पहुंची तो वहां भीड़ हो गई। आधी-अधूरी तैयारी के बाद पुलिस को लौटाना पड़ा। आधी रात के बाद पुलिस और एफएसएल टीम दोबारा घटना स्थल पर पहुंची। इसके बाद दूसरी बार सीन रिक्रएट किया।

बस ड्राइवर बोला- घटना से अंजान

वहीं सीसीटीवी में जो बस दिखी उसी को लेकर घटना स्थल पर अधिकारी पहुंचे। लेकिन ड्राइवर का कहना था कि वो पूरे घटनाक्रम से अंजान है। ड्राइवर ने मौके पर ही कहा कि उसने न नाबालिग देखी न एक्सीडेंट। हां, पुलिया के ऊपर एक सवारी उतारी थी। लेकिन एक्सीडेंट नहीं देखा। किसी सवारी ने देखा। ऐसा बताया जा रहा है। लेकिन, पुलिस का मानना है कि बाइक अचानक आई थी। जो बगल से निकली थी। उसी दौरान बालिका को बाइक से टक्कर लगी है। घटना सीसीटीवी में इसलिए नहीं आई कि बस की आड़ हो गई थी। इसी गुत्थी को सुलझाने में पुलिस लगी है।

पुलिस को सीसीटीवी में जाे बस दिखी उसी के ड्राइवर को मौके पर ले गए। ड्राइवर ने बताया कि वह इस घटनाक्रम से पूरी तरह अंजान है।
पुलिस को सीसीटीवी में जाे बस दिखी उसी के ड्राइवर को मौके पर ले गए। ड्राइवर ने बताया कि वह इस घटनाक्रम से पूरी तरह अंजान है।

बेजुबान बिटिया की जगह डमी
पुलिस मूक बधिर बच्ची की जगह डमी लेकर आई। लोक परिवहन बस वही थी। जो 11 जनवरी को पुलिया पर सवारी उतारने रुकी थी। जब बस पुलिया पर एक सवारी उतारने साइड में अचानक रुकी। तब पीछे से आ रही बाइक पहले से लेफ्ट साइड से निकले वाली थी। उसी समय बस ड्राइवर ने सवारी उतारने के चक्कर में बस को अचानक में साइड लिया था। तब पुलिया के किनारे किनारे बालिका पैदल जा रही थी। बस व बाइक के बीच में जगह नहीं बची थी। इस कारण बाइक से बालिका की टक्कर हुई। ऐसा बाइक चालक ने पुलिस को बयान दिया है। इसके बाद बाइक चालक जैसे-तैसे करके सीधे निकल गया। बच्ची वहां गिर गई। गिरने से बालिका को कैसे चोट आ सकती है। यह सीन रिक्रिएट किया गया। ताकि पुलिस बालिका के प्राइवेट पार्ट में चोट आने के तथ्यों को समझ सके।

टक्कर के बाद बच्ची पत्थर पर कैसे गिरी
असल में, अब पुलिस की गुत्थी यहां उलझी है कि बाइक से भिड़ने के बाद बालिका पत्थर पर गिरी या दीवार पर या फिर बाइक से उलझी। कैसे प्राइवेट पार्ट में चोट आई। यह उलझन पुलिस एफएसएल टीम के साथ सुलझाने में लगी है। यह समझ आनेपर ही पुलिस इस मामले का खुलासा करेगी। वैसे आमजन पुलिस की इस गुत्थी को समझने काे तैयार नहीं है। कोई भी यह मानने को तैयार नहीं है कि एक्सीडेंट में बालिका को केवल प्राइवेट पार्ट में कैसे चोट आ सकती है। बाकी शरीर पर क्यों नहीं।

भीड़ के कारण पुलिस वापस लौटी
पुलिस ने करीब आधा घंटे तक सीन रिक्रिएट करने का प्रयास किया। मगर वहां काफी भीड़ जुट गई। इस कारण पुलिस बाद में यह कहकर चली गई कि भीड़ के कारण सीन अच्छे से रिक्रिएट नहीं हो पा रहा। देर रात को इस सीन को करने का प्लान बनाया गया। इस दौरान एफएसएल टीमए, पुलिस के अधिकारी, बस, बाइक सहित अन्य आवश्यक इंतजाम किए गए थे।