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  • Ban On Fairs; Lights Of Bhartrihari And Pandupal Will Be Seen Tomorrow, Both Temples Will Remain Closed Till 15, Vehicles Will Be Diverted On Jaipur Route

कोरोना का असर:मेलों पर रोक; भर्तृहरि व पांडुपाेल की ज्योत कल देखी जाएगी, दाेनाें मंदिर 15 तक रहेंगे बंद, जयपुर मार्ग पर वाहन डायवर्ट

अलवर15 दिन पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।

इस बार भर्तृहरि और पांडुपाेल वाले हनुमान जी महाराज का मेला एक ही दिन 14 सितंबर काे है, लेकिन काेराेना गाइडलाइन के कारण इस बार भी ये दाेनाें मेले नहीं भरेंगे। इस दिन ज्याेत देखकर परिवार की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी जाएगी। हर साल भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी काे भर्तृहरि और भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार काे पांडुपाेल स्थित हनुमानजी महाराज का मेला हाेता है।

जिला प्रशासन ने काेराेना महामारी के कारण राज्य सरकार की गाइड लाइन के तहत इस बार पांडुपाेल और भर्तृहरि मेले पर राेक लगा दी है। रविवार से 15 सितंबर तक श्रद्धालुओं के लिए दाेनाें मंदिराें काे बंद कर दिया गया है। इधर, राेडवेज के मत्स्य नगर आगार के यातायात प्रबंधक नगेंद्र ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेशानुसार जयपुर रूट पर चलने वाली बसाें का रविवार से 15 सितंबर तक मार्ग बदला है।

कुशालगढ़ से नारायणपुर मार्ग हाेकर बसें भेजी जा रही हैं और इसी मार्ग से आ रही हैं। अलवर से भर्तृहरि के लिए यात्रियाें काे बसाें में नहीं बैठाया जा रहा।

5 हजार साल पुराना है पांडुपाेल का हनुमान मंदिर

महाभारत काल में अज्ञातवास के दाैरान पांडवाें ने पांडुपाेल में शरण ली थी। अज्ञातवास पूर्ण करने के लिए यहां आए थे। पांडुपाेल मंदिर में हनुमानजी की शयन मुद्रा में प्रतिमा है। मंदिर करीब 5 हजार साल पुराना है।

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