40 महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ी:बोलीं- आश्वासन नहीं पानी चाहिए, JEN से कलेक्टर तक कोई नहीं सुन रहा

अलवरएक महीने पहले
पानी की टंकी पर चढ़ी महिलाएं।

अलवर में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। शहर के कई इलाके भयंकर जलसंकट से जूझ रहे हैं। शहर के एनईबी एक्सटेंशन के एक बटा में हालात ज्यादा खराब हैं। पानी की समस्या से परेशान होकर शनिवार सुबह 40 महिलाएं पानी की टंकी पर जा बैठीं। महिलाओं का कहना है कि घरों में पानी नहीं आ रहा। परेशान होकर टंकी पर चढ़े हैं। जब पानी मिलेगा तभी नीचे आएंगे। उधर, प्रशासन ने तुरंत टीम लगाकर आवश्यक कार्य कराने का आश्वासन दिया है। महिलाओं को करीब दो घंटे तक अधिकारी समझाते रहे। इसके बाद महिलाएं टंकी से नीचे उतर गईं।

बोर लगना जरूरी
महिलाओं ने कहा कि एनईबी एक्सटेंशन के एक बटा में बोर लगना चाहिए। अब पानी नहीं है। कहां तक भटकें। तीन साल से घूम रहे हैं। कलक्टर से लेकर जेईएन तक गए हैं। कोई सुनवाई नहीं ले रहा है। बिजली व पानी की बिल अनावश्यक भर रहे हैं। पानी के चक्कर में माेटर भी जल गइ हैं। पुरुष तो अपने काम पर निकल जाते हैं। पानी के लिए हमें परेशान होना पड़ता है। इलाके की आबादी करीब ढाई हजार की है। पानी के लिए वैकल्पिक की है। कोई मोहल्ले में सरकारी बोरवेल से पानी का इंतजाम कर रहा है तो कुछ लोग टैंकर के भरोसे हैं।

पानी की टंकी पर महिलाएं।
पानी की टंकी पर महिलाएं।

खारे पानी के कारण जाम हो जाती हैं लाइन
एक बटा में 250 मकान हैं। जिनमें से करीब 75 घरों में पानी की समस्या है। फ्लोराइड के कारण खारा पानी आता है। फ्लोराइड के कारण लाइन जाम हो जाती है। लाइन चार इंची हैं। कहीं ऊंची हैं कहीं नीची हैं। इसका समाधान यह है कि जहां लाइन चॉक है उसे सही किया जाए। यह काम छोटा सा है। केवल लेबर का काम है। तीन साल से यही परेशानी है। समय-समय पर दुरुस्त नहीं करते हैं। जाम होने पर सुध ली जाती है। फिर कुछ दिन बाद लाइन जाम हो जाती है। समस्या बड़ी होने पर सुध लेते हैं। इसे लेकर आज मोहल्ले की रशीदा, सुनीता, शकुंतला, सुनीता, मंजू नरूका आदि महिलाएं टंकी पर जा बैठी।

यही दो बटा का हाल
एनईबी एक्सटेंशन के दो बटा में कुल 300 घर हैं। यहां करीब 43 घरों में पानी नहीं आ रहा है। लाइन करीब 1 साल से चॉक है। ज्यादातर लोग टैंकर से पानी मंगा रहे हैं। पार्षद हेतराम ने बताया कि एक साल में विधायक से लेकर कलक्टर को अवगत कराया जा चुका है। यह आवासन मंडल की कॉलोनी है। आवासन मंडल से 3 बोरवैल करने के पैसा पीएचईडी ने ले रखा है। लेकिन, अब तक बोरवैल नहीं किए हैं।

3 साल से चक्कर लगा लिए
महिलाओं ने कहा कि 3 साल से चक्कर काट रहे हैं। पानी की समस्या विकराल हाे गई है। अधिकारी व कर्मचारी बस आश्वासन देते रहते हैं। हमारे वार्ड में बोर लगाने की जरूरत है। यही पानी का समाधान है। वरना प्रशासन सुध नहीं ले रहा है। केवल आश्वासन देकर भूल जाते हैं।

एसई से विधायक को शिकायत कर चुके
एसई, विधायक व कांग्रेस जिलाध्यक्ष से बात की है। सब अधिकारी व जनप्रतिनिधि आश्वासन देते रहे हैं। कोई समाधान नहीं निकला है। अब आज भी टीम भेजकर आवश्यक कार्य कराने का आश्वासन दियाा गया है। लेकिन, जनता कब तक संतोष करे। बिन पानी कोई काम नहीं हो पाता है।

खबरें और भी हैं...