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  • Chairman Suspended 21 Days After Arrest In Bribery Case, Deputy Chairman Also Suspended For Filling Wrong Facts In Election Nomination

कार्रवाई:रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के 21 दिन बाद सभापति निलंबित चुनाव नामांकन में गलत तथ्य भरने में उपसभापति भी सस्पेंड

अलवरएक महीने पहले
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  • भ्रष्ट सभापति के हटने पर भाजपा को पद मिलने की संभावना के कारण एक साथ दोनों पर कार्रवाई

राज्य सरकार ने अलवर नगर परिषद में कांग्रेस की सभापति बीना गुप्ता और भाजपा के उप सभापति घनश्याम गुर्जर काे निलंबित कर दिया है। सभापति गुप्ता काे 22 नवंबर काे एसीबी ने रिश्वत लेने के मामले में उनके बेटे के साथ गिरफ्तार किया था। अभी मां-बेटे जेल में हैं। गिरफ्तारी के बाद 21 दिन बाद सभापति काे निलंबित किया गया है। उप सभापति गुर्जर काे पार्षद व उपभापति पद का नामांकन पेश करते समय पात्रता नहीं रखने और गलत तथ्य भरने के आराेपाें की जांच प्रथम दृष्ट्या प्रमाणित हाेने पर निलंबित किया गया है। साेमवार काे डीएलबी निदेशक एवं विशिष्ट सचिव दीपक नंदी ने दाेनाें के निलंबन आदेश जारी किए।

सभापति पर आयुक्त से मारपीट की न्यायिक जांच भी विचाराधीन
सभापति के निलंबन आदेश में डीएलबी निदेशक ने बताया है कि एसीबी से प्राप्त रिपाेर्ट के अनुसार सभापति गुप्ता ने अपने पद का दुरुपयाेग कर अवैध तरीके से परिवादी माेहन लाल साेमवंशी से नीलामी बाेली कमीशन जारी करने के एवज में अपने बेटे कुलदीप के माध्यम से एक लाख रुपए की रिश्वत राशि प्राप्त की। इस राशि में से 20 हजार रुपए लाैटाकर 80 हजार रुपए बताैर रिश्वत लेते हुए एसीबी ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इस प्रकार सभापति गुप्ता काे प्रथम दृष्ट्या रिश्वत राशि की मांग कर पुत्र कुलदीप गुप्ता के माध्यम से प्राप्त करना प्रमाणित पाया गया।

इसके साथ ही अन्य प्रकरण में परिषद के कार्यवाहक आयुक्त के साथ मारपीट करने की न्यायिक जांच धारा 39(3) राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 के तहत शासन सचिवालय जयपुर में भी विचाराधीन है। गुप्ता के सभापति पद पर बने रहने से जांच और गवाहाें पर प्रभाव डालकर जांच प्रभावित हाेने की संभावनाओं काे देखते हुए सभापति एवं वार्ड 20 की पार्षद बीना गुप्ता काे तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

आगे क्या : काैन बनेगा सभापति
अब राज्य सरकार की ओर से सभापति पद पर किसी कांग्रेसी पार्षद का मनाेनयन किया जाएगा। इसके लिए मुख्य रूप से 6 दावेदार सामने आ रहे हैं। इनमें नरेंद्र मीणा, अजय मेठी, प्रीतम मेहंदीरत्ता, सुखविंदर काैर, देवेंद्र काैर व पिंकी रानी शामिल है। उप सभापति पद पर भी कांग्रेस के किसी पार्षद का मनाेनयन राज्य सरकार करेगी। नगर परिषद में कुल 65 पार्षदाें में से कांग्रेस के 19 व निर्दलीय 19 के अलावा भाजपा के 27 पार्षद चुने गए थे।

उप सभापति की अयाेग्यता मामले की जांच कराएगी सरकार
डीएलबी ने उप सभापति के निलंबन पत्र में बताया है कि उप सभापति एवं वार्ड नं.19 के पार्षद घनश्याम गुर्जर काे नाम निर्देशन पत्र में गलत सूचना भरने के संबंध में शिकायत प्राप्त हाेने पर राजस्थान नगर पालिका के अधिनियम 2009 की धारा 39 (1) के अंतर्गत सुनवाई का समय देकर प्रारंभिक जांच कराई। जांच रिपाेर्ट में बताया गया कि उप सभापति घनश्याम गुर्जर पुत्र राम स्वरूप गुर्जर नामांकन प्रस्तुत करते समय पात्रता नहीं रखते थे। उन्हें तत्समय चुनाव लड़ने के अयाेग्य हाेना पाया गया है। राज्य सरकार ने इस मामले में जांच कराने का फैसला किया है। जांच प्रभावित नहीं हाे, इसके लिए उप सभापति गुर्जर का निलंबन किया है।

मेरी राजनीतिक हत्या का षड्यंत्र-गुर्जर

  • कांग्रेस की सरकार ने मेरी राजनीतिक हत्या का षड्यंत्र रचा है, क्याेंकि एसीबी की कार्रवाई में ट्रेप हुई सभापति गुप्ता काे नियमाें के तहत 48 घंटे जेल में रहने के बाद निलंबित किया जाता ताे सीधे ताैर पर सभापति का चार्ज मेरे पास आता। इसके लिए पूरी प्लानिंग की गई कि मुझे पद से कैसे हटाया जाए? इसलिए सभापति का निलंबन देरी से हुआ और मुझे भी निलंबित कर दिया गया है जिससे कांग्रेस अपना प्रतिनिधि सभापति पद पर आसीन कर सके। इस मामले में मैं अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सलाह लेकर आगे की कार्रवाई करूंगा-घनश्याम गुर्जर, उप सभापति पद से निलंबित

कानून विशेषज्ञों के तर्क

  • चुनाव पूर्व अयाेग्यता काे देखने के लिए राज्य सरकार की ओर से उप सभापति के खिलाफ लिया गया बिंदु काफी नहीं है। इलेक्शन पीटिशन में काेर्ट देख सकती है। सरकार कार्रवाई नहीं कर सकती है। लार्ज बैंच यानी वृहद पीठ ने समीरा बानाे बनाम सरकार में ऐसा फैसला दिया है। इसकाे देखते हुए सरकार ने गलत किया है। -लाेकेश शर्मा, एडवाेकेट, राजस्थान हाईकाेर्ट, जयपुर
  • यदि चुनाव याचिका इस बिंदु काे लेकर पहले हुई है और न्यायालय में विचाराधीन है, ताे इस मामले में न्यायालय ही फैसला करेगा। चुनाव याचिका पूर्व में नहीं हुई और शिकायत की गई है, ताे शिकायत के आधार पर राज्य सरकार निलंबन का आदेश दे सकती है। -श्याेराम सिंह नरुका, एडवाेकेट, अलवर
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