आज और कल वर्षा व ओलों की संभावना:ठिठुरन बढ़ी, तीसरे दिन भी बादलाें में छिपा रहा सूरज, शहरवासी धूप काे तरसे

अलवर16 दिन पहले
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माेतीडूंगरी के पास स्थित केंद्रीय स्कूल के ग्राउंड पर शुक्रवार सुबह छाया काेहरा। - Dainik Bhaskar
माेतीडूंगरी के पास स्थित केंद्रीय स्कूल के ग्राउंड पर शुक्रवार सुबह छाया काेहरा।

शहर में शुक्रवार सुबह बारिश हुई। दिनभर बादल छाए रहे। दाेपहर काे शीतलहर चलने से ठंड का असर बढ़ गया। लगातार तीसरे दिन भी शहरवासी धूप काे तरस गए। बिगड़े हुए माैसम के कारण शहर के बाजाराें में लाेगाें की कम भीड़ थी, जबकि इसी महीने 22 जनवरी से फिर सावे प्रारंभ हाे रहे हैं। दुकानदार ग्राहकाें का इंतजार करते देखे गए।

बादल छाए रहने से पिछले दिन की तुलना में शुक्रवार काे अलवर शहर के दिन और रात के तापमान में मामूली वृद्धि हुई। दिन का तापमान 0.3 डिग्री बढ़कर 14.3 और रात का तापमान 1.2 डिग्री बढ़कर 13.2 डिग्री रहा। इस तरह शहर के दिन और रात के तापमान में 1.2 डिग्री का अंतर रहा।

शाम हाेते ही ठंड का असर फिर बढ़ गया। राजकीय कला काॅलेज के भूगाेल के प्राेफेसर डाॅ. विजय वर्मा का कहना है कि 9 जनवरी तक जिले में बारिश हाेने और ओले गिरने की संभावना है। माैसम साफ हाेने पर 10 जनवरी से जिले में कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना है।

जिले में इस बार सरसाें की 2 लाख 85 हजार 500 हेक्टेयर में बुआई हुई है जबकि पिछले साल 2 लाख 36 हजार 389 हेक्टेयर में बुआई हुई थी। इस प्रकार पिछले साल के मुकाबले इस साल 49 हजार 111 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसाें की अधिक बुआई हुई है। पिछले साल जिले में सरसाें का उत्पादन 3 लाख 54 हजार 452 मीट्रिक टन हुआ था।

कृषि विभाग के सहायक निदेशक केएल मीणा ने बताया कि इस बार चने की 13 हजार 650 हेक्टेयर में बुआई हुई है जबकि पिछले साल 10 हजार 548 हेक्टेयर में बुआई हुई थी। इस प्रकार पिछले साल की तुलना में इस साल 3 हजार 102 हेक्टेयर क्षेत्र में चने की अधिक बुआई हुई है। पिछले साल चने का 11 हजार 293 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था। इस बार जाै की 6 हजार 565 हेक्टेयर में बुआई हुई है जबकि पिछले साल 5 हजार 221 हेक्टेयर में बुआई हुई थी। इस तरह पिछले साल की तुलना में इस साल जाै की 1 हजार 344 हेक्टेयर क्षेत्र में अधिक बुआई हुई है। पिछले साल जाै का उत्पादन 6 हजार 365 मीट्रिक टन हुआ था।

इस साल गेहूं की 1 लाख 58 हजार 850 हेक्टेयर में बुवाई हुई है जबकि पिछले साल 1 लाख 58 हजार 665 हेक्टेयर में बुआई हुई थी। इस प्रकार पिछले साल के मुकाबले गेहूं की इस साल 185 हेक्टेयर क्षेत्र में अधिक बुआई हुई है। पिछले साल गेहूं का 5 लाख 27 हजार 31 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था। उन्हाेंने बताया कि इस साल रबी फसलाें की पिछले साल के मुकाबले अधिक बुआई हुई है। अब हाे रही मावठ से रबी फसलाें काे फायदा हाेगा। यदि आगे भी माैसम अनुकूल बना रहा, ताे इस साल अधिक उत्पादन हाेगा।

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