ये ठीक नहीं / ठेकेदार ने मजदूरी रोक कर लॉकडाउन में मरने के लिए छोड़ा, पानी तक नहीं दिया, पुलिस- प्रशासन भी मिले हुए

Contractor stopped wages and left to die in lockdown, did not even give water, police-administration also got
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Contractor stopped wages and left to die in lockdown, did not even give water, police-administration also got

  • बहरोड़ में लगातार दूसरे दिन प्रवासी मजदूरों के हंगामे की घटना हुई है

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

अलवर. शेल्टर होम में ठहराए गए प्रवासी मजदूरों के सब्र का बांध भी टूट रहा है। कस्बे के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दोपहर को बिहार के फैक्ट्री व स्कूल निर्माण श्रमिकों ने ठेकेदारों से मजदूरी नहीं मिलने पर हंगामा कर दिया। पुलिस-प्रशासन  के अफसर समझाने पहुंचे तो किसी सूरत में जबरन काम नहीं करने की बात कहते हुए श्रमिक शेल्टर होम से 200 मीटर दूरी भाग गए। काफी समझाइश के बाद उन्हें वापस लाया गया। बहरोड़ में लगातार दूसरे दिन प्रवासी मजदूरों के हंगामे की घटना हुई है।

दरअसल ग्रीनलैम इंडस्टरीज व सोतानाला आरपीएस स्कूल में ठेकेदारों के अधीन बिहार के करीब 50 श्रमिक लाकडाउन से पहले काम कर रहे थे। इन लोगों ने बिहार जाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा रखा है। गुरुवार को अलवर से ट्रेन जाने की खबर मिलने पर मजदूर शेल्टर होम पर पहुंचे। यहां देर शाम उन्हें बताया गया कि ट्रेन रद्द हो गई है। इसलिए शेल्टर होम पर ठहरना होगा। यहीं भोजन-पानी की व्यवस्था की गई है। शुक्रवार सुबह मजदूरों को भेजने का इंतजाम करने के बजाय लेबर ठेकेदार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वहां आए। ठेकेदारों ने श्रमिकों को काम करने के लिए यहीं रुकने को कहा। श्रमिक राहुल, संतोष, धर्मोदास, संजीत कुमार, मनोज, अभिषेक व दयानंद ने ठेकेदार की बात मानने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि काम के एवज में पहले भी पूरा पैसा नहीं दिया गया। स्कूल ठेकेदार पर लॉकडाउन से पहले के 3 लाख रु बकाया हैं।

इतना ही नहीं जब लॉकडाउन हुआ तो कंपनी व ठेकेदार ने उन्हें सड़क पर मरने के लिए छोड़ दिया। श्रमिकों से संक्रमण फैलने की आशंका से पानी तक भी उपलब्ध नहीं करवाया गया। ऐसे में अब वे लोग किसी भी सूरत में काम नहीं करेंगे। समझाइश करने पहुंचे अधिकारियों ने कहा कि बकाया भुगतान दिला देंगे, लेकिन ट्रेन जाने तक वापस काम कर लौट जाओ। इस बात पर श्रमिक भड़क गए। अफसरों पर ठेकेदारों से मिलीभगत कर जबरन काम पर ले जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। काफी श्रमिक शेल्टर होम से बाहर भाग गए। उन्हें 200 मीटर दूर से समझाकर लाया गया। समझाइश के दौरान एसडीएम संतोष कुमार मीणा, तहसीलदार रोहिताश कुमार पारीक, नगर पालिका ईओ मनीषा यादव, थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी, इंस्पेक्टर महेश कुमार मौजूद थे।
^शेल्टर होम पर करीब 200 श्रमिकों का ठहराव है। उच्च अधिकारियों के आदेश से इन्हें रवाना किया जाएगा। ठेकेदारों ने श्रमिकों का बकाया भुगतान देने व काम पर ले जाने की बात कही। इसका विरोध करते हुए श्रमिक शेल्टर होम से भागने लगे। समझाइश से शेल्टर होम पर लेकर आए।
-संतोष कुमार मीणा, एसडीएम, बहरोड़

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