जिला औषधि भंडार में स्टाॅक हुआ खत्म:काेराेना के इलाज में जरूरी एजिथ्राेमाइसिन व पैरासिटामाेल टेबलेट का संकट

अलवरएक महीने पहले
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काेराेना के इलाज का आधार रही एजिथ्राेमाइसिन और पैरासिटामाेल टेबलेट का फिर से संकट हाे गया है। अलवर के जिला औषधि भंडार में दाेनाें टेबलेट का स्टाॅक बिलकुल खत्म हाे गया है। सिर्फ पैरासिटामाेल की करीब 4 लाख टेबलेट अभी क्वारेंटाइन में रखी हुई हैं, जिन्हें 7 दिन बाद जांच रिपाेर्ट आने पर ही काम लिया जा सकेगा। काेराेना और फिर माैसमी बीमारियाें के बाद चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविराें में पैरासिटामाेल की खपत के मुकाबले आपूर्ति नहीं हुई है। इससे मरीजाें के लिए आवश्यक दवा खत्म हाे गई हैं। अगर ऐसी स्थिति में तीसरी लहर आई, ताे दवाओं की कमी भारी पड़ सकती है।

हालांकि औषधि भंडार की ओर से समय पर दवाओं की डिमांड कर दी गई, लेकिन अभी तक आपूर्ति नहीं हुई है। सीकर के औषधि भंडार में भी एजिथ्राेमाइसिन 500 एमजी मात्र 41, जैसलमेर में 77 हजार व जयपुर प्रथम में 98 हजार टेबलेट बची हैं। वहीं, अनेक जिलाें में दवाओं का पर्याप्त स्टाॅक है। लेकिन क्वारेंटाइन स्टाॅक प्रदेश के किसी भी जिला औषधि भंडार और मेडिकल काॅलेज के औषधि भंडार में उपलब्ध नहीं है। मल्टीविटामिन और विटामिन सी की टेबलेट भी खत्म हाे गई है। हालांकि अभी काेराेना के केसाें की गति कम है, लेकिन अगर तेजी से बढ़ी ताे मरीजाें के लिए दवा उपलब्ध नहीं है। अब जिन अस्पतालाें में दवा की कमी आ रही है, वहां के लिए औषधि भंडार से नाॅन एविलिबिलिटी सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं, जिससे वे अस्पताल स्तर पर मरीजाें के लिए समय पर दवा खरीद सकें। उल्लेखनीय है कि डेंगू फैलने के दाैरान भी पूरे प्रदेश में पैरासिटामाेल टेबलेट की कमी आ गई थी।

  • जहां दवा खत्म हाे रही हैं, वहां के लिए एनएसी जारी कर रहे हैं, जिससे वे अपने स्तर पर समय पर दवा खरीद सकें। -डाॅ. छबील कुमार, जिला परियाेजना समन्वयक, जिला औषधि भंडार, अलवर
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