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बदलाव:डिमांड बढ़ी, बाजार में कम रेंज के स्मार्टफोन की किल्लत

अलवर10 महीने पहले
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  • ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बच्चे मांग रहे स्वयं का मोबाइल, कोचिंग संचालक बोले- स्मार्ट टीवी पर पढ़ सकते हैं

कोरोना वायरस के कारण स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान पर ताले लगे हुए हैं। वायरस के बढ़ते प्रभाव के चलते आगे भी यह संस्थान खुलते नजर नहीं आ रहे हैं। सरकार ने भी आगामी अगस्त अंत तक शिक्षण संस्थान नहीं खोलने के संकेत दिए हैं। ऐसे में लगभग सभी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाना शुरू कर दिया है। गत मई महीने से ही ऑनलाइन पढ़ाई का कार्य चल रहा है। इसी के चलते बाजार अनलॉक होते ही स्मार्टफोन की डिमांड एकाएक बढ़ गई है।

डिमांड के मुताबिक बाजार में स्मार्टफोन बाजार में उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। इन दिनों 5000 से 15000 तक रेंज की कीमत के स्मार्टफोन कि ज्यादा शॉर्टेज है। मांग के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग कम होने से जो स्टॉक है उनके दाम बढ़ाकर स्टॉकिस्ट डीलर को दे रहे हैं। इसी के चलते जो मोबाइल 8000 रुपए का आ रहा था उसकी कीमत 9 हजार से साढे नौ हजार तक हो गई है। स्थानीय दुकानदार मान रहे हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई के कारण स्मार्टफोन की मांग कई गुना बढ़ी है।

मोबाइल उत्पादन भी अब तक 50% भी नहीं हो पा रहा है। ऑनलाइन पढाई कराने वाले संस्थान मानते हैं कि जब ऑन लाइन पढ़ाना शुरू किया उस समय 10 प्रतिशत विद्यार्थियों के पास ही मोबाइल उपलब्ध था जो अब आधे से ज्यादा लोगों के पास हो गया है। 15 हजार रुपए की उप-श्रेणी में साउमी, रियल-मी और वीवो आदि ब्रांडों की कमी है। इस श्रेणी की बिक्री में एक महीने में जाे बिक्री हो रही है उसमें स्मार्टफोन की बिक्री का 70% से अधिक शामिल है। बाजार में इन तीन ब्रांडों की हिस्सेदारी 60% से अधिक है। कम कीमत श्रेणी के फोन उपभोक्ताओं के साथ बहुत लोकप्रिय हैं।

किल्लत होने से कम रेंज के मोबाइल की कीमतें भी बढ़ी

मोबाइल डीलर सत्यनारायण सैनी ने बताया कि कम रेंज के लगभग सभी ब्रांड के मोबाइल की किल्लत चल रही है। ऑनलाइन पढ़ाई के कारण ही यह डिमांड बढ़ी है। उत्पादन कम हो रहा है और स्टॉकिस्ट ने भी मौके का फायदा उठाकर पॉपुलर ब्रांड के कई मोबाइलों की कीमत 1 हजार से दो हजार तक बढ़ा दी है। माल सीमित मात्रा में मिल रहा है। 

फिलहाल कोचिंग स्थानों में ऑनलाइन शिक्षण चल रहा है। ऑनलाइन पढाई स्मार्ट टीवी पर भी कर सकते हैं। जो एेप मोबाइल में चलता है वो टीवी में भी चल सकता है, इससे बच्चों की आंखों पर भी असर नहीं होगा। प्रदीप ग्वाला, कोचिंग क्लास संचालक। वैसे मोबाइल से पढने से कोई दुष्प्रभाव नहीं है मगर सआंखों पर जाेर पड़ता है। लगातार देखने से आंखों में ड्राइनेस या लगातार पानी आने की शिकायत हो सकती है। इन दिनों कई परिजन अपने बच्चों को लेकर आ रहे हैं जिनकी आंखों में पानी आने लगा है। डाॅ. प्रदीप गुप्ता, पूर्व पीएमओ।

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