सड़क पर आ रहे नाले:7 लाख खर्च करने के बाद भी सड़क पर फैली गंदगी

अलवर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बहरोड़ रीको औद्योगिक क्षेत्र में बदहाल सफाई व्यवस्था - Dainik Bhaskar
बहरोड़ रीको औद्योगिक क्षेत्र में बदहाल सफाई व्यवस्था

औद्योगिक क्षेत्र फेज 2 में पिछले 5 साल से नालों की सफाई नहीं होने से गंदगी जमा हो गई और जमीन के बराबर नाले समतल हो चुके हैं। ऐसे में नालों में जमा गंदा पानी बाहर आने के साथ सड़क पर भरा हुआ है। जहां से वाहनों के आवागमन से सड़क टूट रही है। रात के समय पैदल श्रमिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल रीको नीमराना के द्वारा प्रतिवर्ष करीब 5-7 लाख रुपए सफाई पर खर्च किया जाता है। जिसमें नालों के आसपास सफाई, नाला सफाई एवं औद्योगिक क्षेत्र में झाड़ियां सहित सफाई करवाई जाती है। लेकिन संत जेवियर स्कूल के सामने ओर एवं कस्बे को जोड़ने वाली रीको की सड़क के आसपास पिछले करीब 5 साल से अधिक समय से नाले की सफाई नहीं कि गई।

जिससे नालों में उद्योगों की गंदगी जमा होने के साथ बरसात के मौसम में पानी मे बहकर आने वाली मिट्टी भी भर गई। जिससे नाले फूल भरने से सड़क के बराबर समतल हो गए। इनमें आने वाला उद्योगों का पानी सड़क पर आने लगा है। रीको अधिकारियों की अनदेखी के कारण कई जगह तो नालों का नामो-निशान मिट गया है।

नालों की सफाई नहीं होने और मिट्टी भरने से उनपर घास जमी हुई है। ऐसे में यदि वाहन चालक समतल जमीन को देखकर पेड़ों की छांव में खड़ा करे, तो वाहन नाले में फंसकर बड़ा हादसा हो सकता है। रीको के अधिकारी लाखों रुपए खर्च कर रीको की सफाई करवाते हैं। लेकिन यह सफाई कब और कहां होती है। यह नालों की बदहाल दशा बताती है।

जहां पिछले 5 साल से अधिक समय हो गया। वहां सफाई नहीं करवाई गई। इन नालों में गंदगी जमा होने के साथ साथ मक्खी-मच्छर, लार्वा, डेंगू मच्छर पैदा होते हैं। उद्यमियों ने रीको अधिकारियों की कार्यशैली और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाने के साथ ही अधिकारियों से नालों में जमा गंदगी को साफ करवाने की मांग की है, ताकि यहां श्रमिकों को गंदगी से किसी प्रकार की महामारी फैलने से बचाया जा सके।

खबरें और भी हैं...