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150 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ी महिलाएं:20 साल से पानी की समस्या से जूझ रही महिलाओं का गुस्सा फूटा, बोलीं- अब ताे टंकी फोड़ेंगे या मर जाएंगे

अलवरएक वर्ष पहले
साका बस्ती के बगल में धोबी गट्टा में पानी की टंकी पर चढ़ी महिलाएं।

अलवर में गर्मी शुरू होते ही पानी का संकट गहरा रहा है। गुरुवार को शहर की लाका बस्ती की 25 से ज्यादा महिलाएं करीब 150 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गईं। उन्होंने कहा कि 20 साल से पानी की समस्या झेल रहे हैं। अब, या तो हम पानी की टंकी को फोड़ेंगे या मर जाएंगे। महिलाएं करीब दो घंटे तक टंकी पर चढ़ी रहीं। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें समझाकर नीचे उतारा।

दरअसल, एक दिन पहले ही सरकार ने बजट पेश किया है। अलवर के 11 में से 7 विधायकों ने बजट में पानी की समस्या का समाधान मांगा था। लेकिन समाधान नहीं हो सका। मुख्यमंत्री गहलोत ने चंबल का पानी अलवर लाने की योजना का ठीकरा केन्द्र सरकार पर फोड़कर अपना पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय योजना है, जिस पर 37 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। बजट से भी निराशा हाथ लगने के बाद महिलाएं नाराज हो गई।

लाका बस्ती में नल कनेक्शन भी नहीं
महिलाओं ने बताया कि लाका बस्ती के अगल-बगल की धोबी गट्टा, विजय नगर, बुध विहार सहित सभी जगहों पर पानी की सप्लाई बराबर है। लेकिन, लाका बस्ती में पानी नहीं आता है। मजबूरी में विकलांग व बुजुर्ग महिलाओं को भटकना पड़ता है। आए दिन पानी नही आने से परेशानी होती है। मजबूरी में पानी की टंकी पर चढ़ना पड़ा है।

पानी की टंकी के ऊपर इस तरह बैठी महिलाएं विरोध जताती रही।
पानी की टंकी के ऊपर इस तरह बैठी महिलाएं विरोध जताती रही।

सब मजदूरी करने वाली महिलाएं
टंकी पर चढ़ने वाली एक महिला कमलेश ने बताया कि उनकी बस्ती की अधिकतर महिलाएं मजदूरी करती हैं। सुबह-शाम कॉलोनियों के घरों में काम करती हैं। घर आती हैं तो पानी की घूंट नहीं मिलती है। फिर आसपास की कॉलोनियों में भटकते हैं। वहां भी उनको पानी नहीं भरने दिया जाता है।

दो साल से लाइन टूटी पड़ी
महिलाओं ने बताया कि करीब दो साल से पानी की लाइन खुदी पड़ी है। जिसे चालू नहीं किया गया है। जबकि आसपास की कालोनियों में पूरा पानी आता है। यह एक तरह से सरकार का गरीबों पर अत्याचार है। महिलाएं सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी करती रही।

पुलिस पहुंची डेढ़ घंटे देरी से
दोपहर करीब सवा बजे ही महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ गई थीं। इसके बावजूद पुलिस करीब ढाई बजे बाद पहुंचीं। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को समझाने की काफी कोशिशें कीं। जलदाय विभाग से भी एक कर्मचारी मौके पर पहुंचा। उन्होंने कहा कि जल्दी पानी की समस्या का समाधान किया जाएगा। नई लाइन डालने का काम अधूरा है, जिसे पूरा होने के बाद समस्या खत्म हो सकेगी।

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