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कक्षा 9 से 12 की परीक्षाएं:अर्द्धवार्षिक परीक्षा के पेपर वितरण में चुनावों जैसा माहौल क्योंकि-पेपर लेट आए 950 केंद्रों के लिए तुरंत पहुंचाने थे

अलवरएक महीने पहले
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अलवर. राजकीय नवीन उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को प्रश्न पत्र लेने के लिए आए संस्था प्रधान व स्टाफ सदस्याें की लगी लाइनें। - Dainik Bhaskar
अलवर. राजकीय नवीन उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को प्रश्न पत्र लेने के लिए आए संस्था प्रधान व स्टाफ सदस्याें की लगी लाइनें।
  • नवीन स्कूल में रहा चुनावी माहाैल, 950 संगम केंद्राें काे पेपरों का वितरण, कई पैकेटाें में कम मिले प्रश्नपत्र

जिला समान परीक्षा के तहत कक्षा 9 से 12 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं बुधवार से शुरू हाेंगी, जाे 24 दिसंबर तक चलेंगी। इससे पहले परीक्षा के प्रश्नपत्राें का वितरण मंगलवार काे राजकीय नवीन उमा विद्यालय से किया गया। प्रश्नपत्र लेकर गाड़ी सुबह करीब 11 बजे नवीन स्कूल पहुंची। यहां प्रश्नपत्राें काे संभालने के बाद वितरण शुरू कर दिया गया। प्रश्नपत्र वितरण में करीब 6 घंटे लगे। इस दाैरान कई स्कूलाें काे विषयाें के प्रश्नपत्र कम हाेने की समस्या का सामना भी करना पड़ा।

संयाेजक प्रिंसिपल मनाेज शर्मा का कहना है कि 1899 स्कूलाें के लिए 950 संगम केंद्राें काे प्रश्नपत्राें का वितरण किया गया है। जहां प्रश्नपत्राें की कमी थी, वहां नाेडल पर अतिरिक्त पेपर भिजवाए गए हैं। करीब 50 स्कूलाें के साथ विषयाें के प्रश्नपत्र काे लेकर समस्या आई थी। इसे नाेट कर लिया है और व्यवस्था करते हुए पैकेट तैयार करवाए जा रहे हैं। प्रश्नपत्र के इन पैकेट काे नाेडल केंद्राें तक भिजवाया जाएगा। उन्हाेंने बताया कि फर्म ने प्रश्नपत्राें की विषयाें के अनुसार पैकिंग नहीं की, इससे यह समस्या पैदा हुई। इस मामले में फर्म पर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले प्रश्नपत्र वितरण के दाैरान सीडीईओ पूनम गाेयल, डीईओ माध्यमिक राकेश शर्मा, डीईओ प्रारंभिक नेकीराम, एडीईओ मुकेश किराड़, भूपसिंह सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी माैजूद रहे।

लाइनाें में लगे शिक्षक, फर्श पर बैठकर संभाले पेपर : प्रश्नपत्र वितरण के दाैरान नवीन स्कूल में ऐसा नजारा था, जैसे कर्मचारी किसी चुनाव के लिए जा रहे हाें। प्रश्नपत्र लेने के लिए शिक्षकाें काे लाइनाें में खड़ा हाेकर इंतजार करना पड़ा। इसके बाद फर्श पर बैठकर वे प्रश्नपत्राें काे संभालने में लगे रहे। दरअसल प्रश्नपत्र फर्म द्वारा देरी से भेजे जाने के कारण यह परेशानी पैदा हुई। सरकार ने 21 दिन पहले ही परीक्षाएं आयाेजित करने के आदेश दिए थे। एेसे में इतने कम समय में आयाेजकाें काे भी पसीना छूटता हुआ दिखा।

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