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  • Embezzlement Of Rs 5.99 Crore In A Year In Bhiwadi NP, Orders For Recovery By Registering A Case Against 7 Personnel Including The Then Commissioner

भ्रष्टाचार पर जांच रिपोर्ट आई:भिवाड़ी नप में एक साल में 5.99 कराेड़ रुपए का गबन, तत्कालीन आयुक्त सहित 7 कार्मिकों पर केस दर्ज करा वसूली के आदेश

अलवर2 महीने पहले
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  • स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ने दिए हैं आदेश, वर्ष 2018-19 के बीच गड़बड़ी का मामला

नगर परिषद भिवाड़ी के पिछले कार्यकाल के अंतिम वित्तीय वर्ष 2018-19 में 5.99 कराेड़ रुपए का गबन हुआ है। स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की जांच में गबन साबित हाेने के बाद दाे तत्कालीन आयुक्त सहित 7 कार्मिकों पर एफआईआर दर्ज कराने, ब्याज सहित गबन की राशि वसूलने एवं विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। जनवरी 2019 में भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद डीएलबी ने निधि अंकेक्षण विभाग से जांच कराई थी।

जून 2021 में ऑडिट टीम ने अपनी रिपोर्ट डीएलबी काे साैंपी। इसके बाद निदेशक दीपक नंदी ने 20 सितंबर काे भिवाड़ी नप आयुक्त मुकेश शर्मा काे आराेपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। जांच में वर्ष 2018-19 में नगर परिषद में आयुक्त रहे राघव सिंह मीणा और शिव भगवान गठाला, लेखा शाखा प्रभारी प्रदीप घीया, नीतू, हरीश कुमार शर्मा, सवाई सिंह भाटी और नरेश कुमार सैनी की ओर से गबन पाया है। तत्कालीन आयुक्त राघव मीणा ने बताया कि मुझसे इस संबंध में काेई संपर्क नहीं हुआ है। ना ताे मुझे डीएलबी ने काेई पत्र भेजा है और ना ही नगर परिषद भिवाड़ी ने काेई जानकारी दी है।

एपीओ हाेने के बाद भी काम करने पर गर्माया था मामला

दरअसल जनवरी 2019 में नगर परिषद में चल रहे भ्रष्टाचार काे लेकर तत्कालीन लेखा शाखा प्रभारी प्रदीप घीया काे एपीओ किया गया था। इसके बावजूद घीया ने नगर परिषद में 26 जनवरी 2019 और उसके बाद शनिवार, रविवार काे राजकीय अवकाश के दिनाें में फाइलाें का निस्तारण किया। इसकी जानकारी मिलने पर कुछ लाेगाें ने नगर परिषद कार्यालय में उसके साथ मारपीट की थी। इस संबंध में तत्कालीन और वर्तमान उप सभापति बलजीत दायमा के खिलाफ भी मारपीट का मामला भी दर्ज हुआ। विराेध में कई पार्षद धरने पर बैठ गए और प्रशासन से नगर परिषद में चल रहे भ्रष्टाचार की जांच की मांग पर माने। जिसके बाद की टीम ने यहां पर हुए गड़बड़ की जांच उच्चाधिकारियों काे भेजी।

जानिए पूरा मामला, कैसे की गई करोड़ों की गड़बड़ी

रिपाेर्ट में वर्ष 2018-19 की राेकड पुस्तिका में अंकित वाउचर का मूल प्रमाणिक नहीं हाेने के फलस्वरुप 3 कराेड़ 74 लाख 31 हजार 591 रुपए का गबन हुआ। संस्था में कार्यरत कार्मिकों द्वारा राजकीय धनराशि बैंक से आहरित की गई, लेकिन बैंक से आहरित राशि का राेकड में इंद्राज नहीं हाेने के कारण 2 कराेड़ 22 लाख 89 हजार 713 रुपए का गबन हुआ। संस्था काे रशीद चालान से प्राप्त 2 लाख 1 हजार 551 रुपए की राशि का राेकड बही में इंद्राज नहीं कर गबन किया गया। सामान्य राेकड बही के नगद काॅलम का अंतिम शेष 20 हजार 155 रुपए का नई राेकड पुस्तिका के प्रारंभिक शेष में नहीं दर्शाकर गबन किया गया।

हमें उच्चाधिकारियों का पत्र मिला है। नियमानुसार जाे भी कार्रवाई हाेगी वह की जाएगी।-मुकेश कुमार शर्मा, आयुक्त, नगर परिषद, भिवाड़ी।

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