मॉडिफाइड लॉकडाउन / ढील के बाद भी कच्चा माल व श्रमिकों की कमी से एमआईए की 90% इकाइयों में काम शुरू नहीं सका

Even after deregulation, 90% of MIA units could not start work due to shortage of raw material and labor
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Even after deregulation, 90% of MIA units could not start work due to shortage of raw material and labor

  • करीब 250 में से 10 मिनरल पाउडर बनाने वाली इकाइयां खुली
  •  जिन इकाइयों ने काम शुरू किया, उनमें पहले सैनिटाइजर किया गया

दैनिक भास्कर

Apr 21, 2020, 05:00 AM IST

अलवर. मॉडिफाइड लॉकडाउन में मिली कुछ छूट के बावजूद सोमवार को शहर और मत्स्य औद्याेगिक क्षेत्र के हालात में ज्यादा बदलाव नजर नहीं आया । शहर में ट्रैक्टर स्पेयर पार्ट्स, लांड्री, बेकरी व एक दाे जगह नजर के चश्मे की दुकानें खुली। इसके अलावा फल, सब्जियाें की ठेलियां व किराना की दुकानें पूर्व की भांति खुली। माेडिफाइड लॉकडाउन लागू हाेने से शहर में वाहनों की चहल पहल बढ़ गई। सरकारी कार्यालयों में भी अधिकारी व कर्मचारियों की उपस्थिति थी। नाकाें पर तैनात पुलिसकर्मी वाहनों से आने जाने वालाें से पूछताछ करते दिखे। ज्यादातर लाेग ऐसी दुकानाें का हवाला दे रहे थे जिन्हें मोडिफाइड लॉकडाउन में छूट मिली हुई है।

मॉडिफाइड लॉकडाउन लागू हाेने से मत्स्य औद्याेगिक क्षेेत्र में चहल पहल शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन कच्चे माल और श्रमिकों की कमी के कारण ज्यादातर इकाइयों ने पहले दिन काम शुरू नहीं किया। कुछ बड़ी औद्याेगिक इकाइयों काे छाेड़ दें ताे 90 प्रतिशत इकाइयों में काम नहीं शुरू नहीं हाे सका है। इसके अलावा करीब 250 में से 10 मिनरल पाउडर बनाने वाली इकाइयां खुली। जिन इकाइयों ने काम शुरू किया, उनमें पहले सैनिटाइजर किया गया। मत्स्य उद्योग संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि एमआईए में दस प्रतिशत से भी कम फैक्ट्रियां खुल पाई। मत्स्य उद्योग संघ के अध्यक्ष माेहन निहालानी सहित कई उद्यमी रीकाे कार्यालय भी पहुंचे। उन्हाेंने रीकाे के वरिष्ठ क्षेत्र अधिकारी आदित्य शर्मा से नियमों काे लेकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि कई औद्याेगिक इकाइयों में जरूरी उपकरण व संसाधन जुटाने का काम चल रहा है।
हैवल्स इंडिया लिमिटेड के सीनियर जरनल मैनेजर आरके काजला ने बताया कि हमारी फैक्ट्री खुल गई है। सोमवार को मशीन और उपकरणाें पर सेनेटाइजर का छिड़काव व सफाई का कार्य हुआ। इससे पहले श्रमिकों और अधिकारियों काे साेशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए इंफ्रारेड थर्मामीटर से जांच की गई। गाइड लाइन की पालना करते हुए काम भी शुरू हुआ । उन्हाेंने बताया कि लेबर अभी कम है पर लेकिन हमने काम शुरू कर दिया है। हमारे पास सभी तरह की व्यवस्थाएं यूनिट में हैं। इसी तरह मैट्साे इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एचआर संजय सेहगल ने बताया कि हमारी यूनिट खुल गई है। बस के पास भी मिल गए हैं। हमारे पास लेबर भी है, इसलिए हमें दिक्कत नहीं आ रही है।

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