आसान नहीं बेटियों की डगर:आधा सत्र बीतने पर भी 34 हजार छात्राओं काे नहीं मिली साइकिलें, वजह-कंपनी की ढिलाई

अलवरएक महीने पहले
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अलवर. राजकीय नवीन स्कूल में तैयार हाे रही साइकिलें, जिनका वितरण छात्राओं को किया जाना है। - Dainik Bhaskar
अलवर. राजकीय नवीन स्कूल में तैयार हाे रही साइकिलें, जिनका वितरण छात्राओं को किया जाना है।
  • अलवर में नवीन स्कूल व जिले के विभिन्न ब्लाॅकाें में साइकिलों की कसाई का काम अधूरा

पहले काेराेना और अब सरकारी सिस्टम की ढिलाई के कारण बेटियाें की डगर आसान हाेती नहीं दिख रही है। मामला पात्र छात्राओं काे निशुल्क साइकिल वितरण से जुड़ा हुआ है। प्रदेश में राजधानी जयपुर सहित 17 जिलाें में निशुल्क साइकिलाें का वितरण शुरू हाे गया है, लेकिन अभी तक अलवर में 34 हजार 559 छात्राओं काे साइकिलाें का वितरण शुरू नहीं हाे पाया है। ये साइकिलें कब वितरित हाेंगी, इसकी जानकारी भी अधिकारियाें के पास नहीं है।

15 दिसंबर से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हाे रही हैं। मतलब आधा सत्र बीतने काे जा रहा है और अभी तक बेटियाें काे पैदल ही स्कूल का सफर तय करना पड़ रहा है। मार्च-अप्रैल में मुख्य परीक्षाएं हाेती हैं और बच्चे करीब एक महीने पहले स्कूल आना छाेड़ देते हैं।ऐसे में साइकिलें यदि वितरित नहीं की गई ताे इस सत्र में छात्राओं के काम नहीं आ पाएंगी। अलवर मुख्यालय पर साइकिलें कसाई का काम राजकीय नवीन उमावि में चल रहा है।ब्लाॅक स्तर पर अलग-अलग नाेडल केंद्र पर भी यह काम हाे रहा है। अब तक साइकिलें वितरित नहीं होने के पीछे कंपनी की ढिलाई ताे स्पष्ट दिख ही रही है। साथ ही कंपनी पर किसी स्तर के अधिकारी का दबाव नहीं हाेना भी साफ दिख रहा है। जिले में किसी मंत्री, अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने अब तक यह सुध नहीं ली है कि बेटियाें काे आखिर साइकिलें कब तक वितरित की जाएंगी?

गाैरतलब है कि कोरोना के कारण पिछले साल साइकिल वितरित नहीं की गई थी। इसलिए इस बार शैक्षणिक सत्र 2020-21 और 2021-22 की साइकिलाें का वितरण एकसाथ होना तय हुआ। भास्कर पड़ताल में सामने आया है कि कंपनी ने उन जिलाें में साइकिलें तैयार करके दी हैं, जहां छात्राओं की संख्या कम थी। अलवर जिला बड़ा हाेने के कारण यहां देरी हाे रही है।

सरकारी स्कूल छाेड़ दिया ताे नहीं मिलेंगी साइकिल : निदेशालय ने साफ कर दिया है कि 2020-21 में यदि काेई छात्रा 9वी कक्षा में थी और उसने 2021-22 में सरकारी स्कूल छाेड़कर निजी स्कूल में प्रवेश ले लिया है या वह ड्राॅपआउट हाे गई है, ताेऐसी स्थिति में वह साइकिल की पात्र नहीं हाेगी। निदेशक ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियाें काे निर्देश जारी किए हैं।

^साइकिलें कसाई का काम अभी चल रहा है। यह नहीं कह सकते कि कब तक वितरण हाेगा। हालांकि कंपनी काे कई बार कह चुके हैं। कसाई के बाद कमेटी द्वारा इनकी टेस्टिंग की जाएगी। इसके बाद वितरण किया जाएगा। हमारा प्रयास जल्द से जल्द साइकिलें वितरित करने का है ताकि छात्राओं काे इसका लाभ मिल सके।

-मुकेश किराड़, एडीईओ एवं प्रभारी

कहां कितनी साइकिलें मिलेंगी
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