पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Folk Songs, Puppets, Songs And Guitars Are The Real Strength Of The Movement Of Farmers Who Have Stayed On The Border For 18 Months A Month.

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

शाहजहांपुर बॉर्डर आंदोलन के 50 दिन:लोक गीतों और कठपुतलियों के सहारे मनोरंजन; फिल्मी हस्तियां के डायलॉग पर लगते हैं ठहाके, ढोल की थाप से गूंज उठती है हरियाणा की सरदह

अलवर3 महीने पहलेलेखक: धर्मेंद्र यादव
शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसानों के बीच गिटार से मनोरंजन करता युवक।
  • 2 दिसम्बर से 20 जनवरी तक किसानों का बॉर्डर पर आंदोलन का सफर यूं कट रहा है
  • बेमौसम बारिश और तेज ठंड में नहीं डिगा पाई किसानों का हौसला

शाहजहांपुर बाॅर्डर पर 50 दिन से डटे किसानों के लिए मनोरंजन के साधन बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ उनके हौसले को न ठंड डिगा पाई न बेमौसम बरसात और न सरकार के वादे। बॉर्डर पर कहीं लोक गीत गाए जा रहे हैं तो कठपुतली का प्रदर्शन हो रहा है। गीत गुनगुनाए जा रहे हैं तो कोई गिटार पर संगीत छेड़ रहा है। इन सबके बीच आंदोलन की जीत की उम्मीद लिए प्रदर्शनकारियों के 50 दिन गुजर गए, ये सोचकर वे खुद भी दंग हैं।

हालांकि खेतों के लिए उन्होंने पहले ही मैनेजमेंट कर दिया था इसलिए फसलों की अब उन्हें ज्यादा चिंता नहीं रह गई है। उन्हें उम्मीद है कि रबी सीजन में बंपर पैदावार होगी और कृषि कानून पर हमारी जीत के साथ ही लौटेंगे।

बिना मनोरंजन समय काटना हो जाता है मुश्किल

कभी यहां ढोल की थाप सुनाई देती है तो कभी यहां आदिवासी क्षेत्र के लोक गीत गाए जाते हैं। आए दिन नित नए मनोरंजन के तरीकों से उनका समय कटता है। खुद किसानों का यह मानना है कि इन मनोरंजन के साधनों के बिना बुजुर्ग किसानों का समय कटना मुश्किल हो जाता है।

शाहजहांपुर बॉर्डर पर ट्रैक्टर चलाकर पहुंची एक्ट्रेस निशा यादव।
शाहजहांपुर बॉर्डर पर ट्रैक्टर चलाकर पहुंची एक्ट्रेस निशा यादव।

फिल्मी अदाकार अपने डॉयलाॅग से कर देते हैं खुश
पिछले करीब एक सप्ताह से बॉर्डर पर बॉलीवुड के कलाकार भी आने लगे हैं। आसपास के क्षेत्र के वो फिल्म व धारावाहिकों में काम करने वाले अभिनेता व अभिनेत्री भी आ रहे हैं। उनका संबोधन भी किसान व आमजन के लिए खास होता है। वे भी अपने डॉयलॉग के जरिए किसानों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं।

महिलाएं ट्रैक्टर चलाकर आने लगीं
अब पिछले कुछ दिनों से महिलाएं ट्रैक्टर चलाकर आने लगी हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में दूसरी महिलाएं आती हैं। बॉर्डर पर आने के बाद इनके गीत व भजन शुरू हो जाते हैं। सबके गीतों में मोदी, अडानी व अंबानी का नाम सबसे अधिक होता है।

सभा के दौरान कठपुतली से किसानों का मनोरंजन।
सभा के दौरान कठपुतली से किसानों का मनोरंजन।

बुजुर्ग लोग भी अपने देशी गीतों में मस्त
बॉर्डर पर हरियाणा, राजस्थान, गुजरात व महाराष्ट्र के काफी बुजुर्ग किसान भी आंदोलन में आए हुए हैं। वे अपने क्षेत्र के देशी गीत व भजनों में मस्त रहते हैं। एक प्रदेश के लोग दूसरे प्रदेश के लोगों के लोकगीतों से भरपूर मनोरंजन करते हैं। बीच-बीच में कुछ युवा पहुंच जाते हैं। जो अपने गिटार से नए दौर के गीत ले आते हैं। उनको सुनने में भी किसान खूब दिलचस्पी लेते हैं।

इस तरह साझा हुक्का चलता है किसानों के बीच।
इस तरह साझा हुक्का चलता है किसानों के बीच।

हुक्का और अलाव के सहारे काटी रात
आंदाेलनकारी किसानों को सबसे बड़ा सहारा हुक्का व अलाव का रहा है। पिछले दिनों बारिश में तम्बू भीग गए। पानी भर गया। उन दिनों में किसानों को अलाव व हुक्के का सबसे बड़ा सहारा मिला। पूरी-पूरी रात अलाव के आगे निकाली है।

2 दिसम्बर से 20 जनवरी तक
कृषि कानूनों के विरोध में 2 दिसम्बर से शाहजहांपुर-हरियाणा बॉर्डर पर शुरू हुआ किसानों का पड़ाव 12 दिसम्बर से बड़े आंदोलन में तब्दील हो गया था। असल में इस दिन किसान दिल्ली-जयपुर नेशनल हाइवे के बीच में आ गए थे। जिसके कारण हाइवे जाम हो गया था। उसके बाद दिनों दिन किसानों का आंदोलन बढ़ता गया। 25 दिसम्बर से तो नेशनल हाइवे 48 दोनों तरफ से बंद कर दिया गया। किसानों के आंदोलन के चलते हाइवे अब भी जाम है। इतने दिनों के बीच में किसानों के लिए उनकी लोक कलाएं ही सबसे बड़ा मनोरंजन का साधन हैं।

सांसद हनुमान बेनीवाल व किसान अलाव के आगे चर्चा कर रहे।
सांसद हनुमान बेनीवाल व किसान अलाव के आगे चर्चा कर रहे।

आसपास के किसान भी आ-जा रहे
बॉर्डर पर आंदोलनकारियों के बीच हरियाणा व अलवर जिले के आसपास के किसान भी बीच-बीच में पहुंचते हैं। आवश्यक खाद्य सामग्री लेकर जाते हैं। ग्रामीण भोजन बनाने से लेकर परोसने में पूरी मदद करते हैं। गांवों से किसानों के लिए छाछ आती है। कच्ची सब्जी पहुंचती है। जिससे किसानों का भोजन तैयार होता है।

गर्म पानी, रोटी बनाने व कपड़े धोने की मशीनें पहुंची

आंदोलन का चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने और नई-नई मशीनों का बॉर्डर पर आने से भी किसानों के बीच उत्सुकता बनी रहती है। यहां करीब एक दर्जन से अधिक गर्म पानी की मशीने लगी हैं। रोटी बनाने व कपडे़ धाेने की मशीनें भी लगी हैं।

ये कपड़े धोने की मशीन।
ये कपड़े धोने की मशीन।

दूर-दराज के नेता पहुंच रहे
आंदोलनकारियों के बीच दूर-दराज क्षेत्रों के नेता भी पहुंचते हैं। दिन में कई बार उनके भाषण सुनते हैं। उनके साथ कार्यकर्ता व किसान भी आते हैं। सब अपने-अपने तरीके से केन्द्र सरकार पर प्रहार करते हैं। बॉर्डर पर आंदालन के रोजाना नए रूप सामने होते हैं। मुख्य रूप से यहां लोक गीत व कलाओं के जरिए किसानों का मनोरंजन होता है।

हरियाणा से राज्य सभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा किसान नेताओं से चर्चा करते हुए।
हरियाणा से राज्य सभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा किसान नेताओं से चर्चा करते हुए।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- कुछ रचनात्मक तथा सामाजिक कार्यों में आपका अधिकतर समय व्यतीत होगा। मीडिया तथा संपर्क सूत्रों संबंधी गतिविधियों में अपना विशेष ध्यान केंद्रित रखें, आपको कोई महत्वपूर्ण सूचना मिल सकती हैं। अनुभव...

और पढ़ें