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सांसद चुप, विपक्ष हंगामे में गुम:भाजपा के पूर्व केबिनेट मंत्री डॉ रोहिताश्व शर्मा ने कहा- कांग्रेस नेता इंदिरा गांधी की तरह भाजपा में भी नेताओं को ठिकाने लगाया जा रहा

अलवर12 दिन पहले
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पूर्व मंत्री डॉ रोहिताश्व शर्मा। - Dainik Bhaskar
पूर्व मंत्री डॉ रोहिताश्व शर्मा।

भाजपा सरकार में केबिनेट मंत्री रह चुके और हाल में भाजपा से निलम्बित किए जाने के बाद डॉ रोहिताश्व शर्मा ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को सीख दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए जनता की आवाज का संसद में उठना जरूरी होता है। मौजूदा समय में भाजपा के सांसद तो कुछ बोलते नहीं हैं और कांग्रेस के नेताओं की आवाज हंगामें में गायब हो जाती है। ऐसे में जनता की आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। तभी तो बिना बहस के बिल भी पास हो जाते हैं। यह लोकतंत्र के हित में नहीं है। मोदी में बहुत खासियत हैं। लेकिन लोकतंत्र के हित में मजबूत नेताओं को महत्व दिया जाना बहुत जरूरी है। ऐसा नहीं करके हम डिक्टेरशिप की ओर जाएंगे। देश के प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 हटाने और चीन बॉर्डर पर मोर्चेंबंदी के बड़े अच्छे कार्य किए हैं। लेकिन नेताओं से संवाद भी उतना ही जरूरी है। देश में महंगाई को कम करने व रोजगार के अवसर ज्यादा देने की जरूरत है।

सात साल में नेताओं को ठिकाने लगा दिया
रोहिताश्व शर्मा ने लोकतंत्र के लिए संसद में नेताओं की आवाज को उठाया जाना जरूरी बताया है। वहीं बड़े नेताओं को चेताया भी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भी 50 साल में अपने नेताओं को ठिकाने लगाने का काम किया था। लेकिन अब भाजपा ने तो 8 से 10 साल में काफी नेताओं को बट्टे से लगा दिया। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जो काम किया वैसा ही अब मोदीजी करने में लगे है। हमारे सांसद केबिनेट मीटिंग में मौजूद होते हैं लेकिन, उनकी चुप ही नजर आते हैं। ऐसे लगता है जैसे बोलने की स्वतंत्रता नहीं है। जनाधार वाले नेताओं को महत्व नहीं देना पार्टी के लिए अच्छा नहीं है।

6-6 मुख्यमंत्री होने के कारण परिणाम सही नहीं
डाॅ शर्मा ने राजस्थान में पंचायत राज के चुनाव परिणामों को लेकर कहा कि भाजपा के पक्ष में परिणाम नहीं आने का कारण नेतृत्व है। प्रदेश में भाजपा के 6-6 नेता मुख्यमंत्री के उम्मीदवार बने घूम रहे हैं। जिसमें से अब तीन नेताओं के क्षेत्रों में पार्टी की हार हो गई। जिसके लिए वे पहले बार-बार कहते रहे थे कि हमारे नेता जनता के बीच नहीं जाते हैं। केवल वर्चुअल मीटिंग करते हैं। कई चेहरे मुंख्यमंत्री बनना तो चाहते हैं। लेकिन पंचायत चुनाव में वे अपने ही क्षेत्रों में धराशायी हो गए हैं। चाहे प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया हों या जोधपुर में केंन्रदीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत हों।

टैक्सी ड्राइवर को ट्रक चलाने की जिम्मेदारी
प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया को लेकर शर्मा ने कहा कि किसी भी टैक्सी ड्राइवर को बड़ा ट्रक चलाने की जिम्मेदारी दे दी जाएगी तो कैसे सही चल सकेगा। पूनियाजी इतने सक्षम नहीं है कि पूरे प्रदेश को चला सकें। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व के परिणाम पहले हम देख चुके हैं। उनके नेतृत्व में रिकॉर्ड 163 सीट भाजपा ने जीती थी।

गहलोत सरकार नाकाम
डॉ शर्मा ने कहा कि गहलोत सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। लेकिन हमारे विपक्ष के नेता जनता तक पुरजोर तरीके से अपनी आवाज नहीं उठा पाए। दूसरी और गहलोत सरकार ने कुछ भी बड़े कार्य नहीं करने के बावजूद बार-बार महंगाई की आवाज को उठाया। जबकि विपक्ष को मजबूती से जनता के हकों की लड़ाई लड़ने की जरूरत थी। वर्तमान में ऐसा नेता प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के अलावा नजर नहीं आता है। जिनकी पूरे प्रदेश में बराबर पकड़ है।

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