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  • Former Minister Dr. Rohitashv Sharma Once Again Lashed Out At The BJP State President, Saying That Merely Being The State President For Two three Years Does Not Make Him A Chief Minister.

निष्कासित होने के बाद BJP पर बरसे रोहिताश:पूर्व मंत्री ने कहा- नेतृत्व ने नरमी नहीं बरती तो UP विधानसभा चुनाव पार्टी हार सकती है, देश को डिक्टेटरशिप की ओर नहीं जाने देना चाहिए

अलवर2 महीने पहले
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पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ रोहिताश शर्मा ने पीएम को को दी सलाह। - Dainik Bhaskar
पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ रोहिताश शर्मा ने पीएम को को दी सलाह।

बीजेपी से निलंबित होने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ रोहिताश शर्मा ने पार्टी के नेताओं को आड़े हाथ लिया। उन्होंने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया पर जमकर निशाना साधा। वहीं नरेंद्र मोदी को नसीहत देते हुए कहा कि देश को डेमोक्रेट रहने देना सही है। डिक्टेटरशिप की ओर नहीं जाने देना चाहिए। नेतृत्व ने नरमी नहीं बरती तो यूपी का विधानसभा चुनाव पार्टी हार सकती है। एमपी व महाराष्ट्र में ऐसा हो चुका है। 2 दिन पहले ही शनिवार को पार्टी ने रोहिताश शर्मा को पार्टी से 6 साल के लिए निकाल दिया था। उधर, शर्मा ने कहा कि मैं बीजेपी में ही रहूंगा। मेरे खिलाफ षड्यंत्र हुआ है। पूनिया खुद को मुख्यमंत्री होने का भ्रम पालकर बैठे हैं। मैं आगे भी वसुंधरा मिशन 2023 के लिए काम करता रहूंगा।

भ्रम पाला
उन्होंने कहा कि पूनिया भैरोसिंह शेखावत के बाद सबसे बड़ा नेता खुद को बताने लगे हैं। वे मुख्यमंत्री बनने का भ्रम पाल बैठे हैं। कार्यक्रम में खुद की बनाई डॉक्युमेंट्री चलाते हैं। पिछले दिनों अलवर आए पूनिया ने थानागाजी में गुटबाजी करा दी। अलवर के कार्यक्रम में प्रॉटोकॉल के अनुसार पूर्व मंत्री व विधायकों को मंच पर बैठाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दलित विधायक व मंत्री को भी मंच से नीचे बैठाया गया। पिछले दिनों नागौर में पूनिया का स्वागत करने वाले नजर नहीं आए।

तो यूपी हार जाएंगे
डॉ शर्मा ने कहा कि नेतृत्व ने नरमी नहीं बरती तो यूपी का विधानसभा चुनाव पार्टी हार सकती है। जिस तरह एमपी व महाराष्ट्र में हो चुका है। जिसका असर आगे राजस्थान पर भी पड़ सकता है। राजस्थान में वसुंधरा राजे का नेतृत्व होता तो गहलोत सरकार गिर चुकी होती। गहलोत को काबू करना आसान नहीं है। दूसरे नेताओं के बूते की बात नहीं है।

प्रधानमंत्री को नसीहत
डॉ शर्मा ने कहा कि किसानों की दोगुनी आय करने का सरकार ने वादा किया था। अभी किसानों की हालत सुधरी नहीं है। एमएसपी को लेकर प्रधानमंत्री को किसानों की बात सुननी चाहिए। जो झुकता है, वह डिक्टेटर नहीं होता है। झुकना तो बड़प्पन है। पं दीनदयालय कहते थे- किसान देश की आत्मा है। उसे खुश रहकर ही बेहतर शासन की कल्पना की जा सकती है। बजट में खेती-किसानी को पहले नम्बर पर रखने की जरूरत है।

नेता बंगलों से बाहर आते तो घास हरी नहीं रहती
मंत्री रोहिताश शर्मा ने कहा कि मैंने पहले भी यह कहा था कि हमारे बड़े नेता बंगलों से बाहर नहीं आ रहे। यह प्रदेश के नेताओं के लिए कहा था। इनके बंगलों की घास हरी भरी है। जनता को बुलाते तो घास की हरियाली बरकरार नहीं रहती। केंद्रीय कैबिनेट में भी राजस्थान से बाबुओं को जिम्मेदारी थमा दी। यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। केंन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह जल संसाधन मंत्री होते हुए राजस्थान में एक पाइप लाइन नहीं बिछवा पाए।
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