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भास्कर पड़ताल:महिलाओं की गैंग, पहले दोस्त बनाती है, फिर दुष्कर्म के झूठे मामलों में फंसाकर वसूलती है मोटी रकम

अलवर12 दिन पहलेलेखक: मनोज गुप्ता/खुश सोमवंशी
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  • कार्रवाई की बजाय पुलिस बिचौलिया बन समझौते करवा रही

दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं रोकने के लिए कानून को लगातार सख्त किया जा रहा है, वहीं कुछ महिलाएं इस कानून का गलत इस्तेमाल कर रही हैं। भास्कर के हाथ कुछ ऐसे प्रमाण लगे हैं, जिनमें एक महिला ने पति की माैत के बाद ठगी का जाल बुन डाला। सबूत जुटाने के बाद भास्कर ने कई दिनाें तक पड़ताल की। रिपोर्टर हर उस व्यक्ति से मिला, जाे ठगी का शिकार हुआ। इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।

अलवर में कुछ महिलाएं लोगों को दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाकर लाखों रुपए ऐंठती हैं। ये महिलाएं लोगों को झांसे में फंसाकर दुष्कर्म का केस लगाती हैं, फिर लाखों रुपए में समझौता कर केस रफा-दफा करवा दिया जाता है। दुष्कर्म के झूठे केस में राजीनामे के बाद बेशक पीड़ित व्यक्ति आरोपों से मुक्त हो जाता है, लेकिन उसे पहले जैसा सम्मान पाने में वर्षों लग जाते हैं। उसका पूरा परिवार शर्मसार होता है। लोगों के ताने परिवार का जीना मुश्किल कर देते हैं।

हर जगह पुलिस की भूमिका कठघरे में
भास्कर ने करीब पांच दिन तक पूरे मामले की पड़ताल की और हर उस परिवादी से मिले, जाे इस महिला के चंगुल में फंसे और ठगी के शिकार हुए। जिस परिवादी से मिलते ताे वह एक नए परिवादी का नाम बता देता। हमारी पड़ताल आगे बढ़ती गई और नए-नए केस मिले, जिनमें ठगी का शिकार हुए लाेग 20 हजार से लेकर लाखाें रुपए दे बैठे थे।

सभी मामलों में एक बात समान नजर आई कि मामला कहीं भी दर्ज नहीं हुआ। सारे मामले पुलिस ने बिचौलिया बनकर निपटा दिए और जिन्हें आरोपी बनाया गया, वे सभी बरी हाे गए। हर किसी के पास खुद काे सही साबित करने के लिए महिला द्वारा दिया गया शपथ पत्र सबूत के ताैर पर मिला।

हरियाणा व राजस्थान है महिला का टारगेट एरिया
इस महिला ने हरियाणा के राेहतक, झज्जर, पलवल, रेवाड़ी सहित राजस्थान के अलवर जिले सहित कई स्थानों पर लाेगाें काे टारगेट किया। इसके अलावा फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर यूपी के बनारस, गुजरात के सूरत सहित कई इलाकों में अपना नेटवर्क फैलाया।

महिला की गैंग में शामिल है काेई महंत
कई लाेगाें से बातचीत के बाद यह भी सामने आया कि यह महिला गैंग के रूप में काम करती है। इसके करीब तीन से चार दलाल हैं, कुछ समझाैता कराने वाले व्यक्ति हैं और काेई महंत भी शामिल है, जाे इसके इनपुट के रूप में काम करता था। उस महंत के इशारे पर यह महिला महंतों काे फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर फंसाती थी और उनसे समझाैता करने के बाद पैसा ऐंठ लेती थी।

अगर काेई महिला किसी काे ब्लैकमेल कर पैसा ले रही है और उसकी शिकायत मिलेगी ताे निश्चित रूप से पुलिस कार्रवाई करेगी। कुछ मामलों में देखने में भी आया कि लाेग शिकायत नहीं करते हैं । इस मामले में अगर काेई शिकायतकर्ता आता है ताे जांच कर कार्रवाई हाेगी। उनका कहना है कि यदि लोगों के साथ कुछ गलत होता है तो उन्हें आगे आकर शिकायत भी करनी चाहिए। -तेजस्वनी गाैतम, एसपी

शनिवार काे अलवर पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया जिसमें युवक युवती ने मिलकर ब्लैकमेल करने का प्रयास किया परंतु पुलिस ने इस मामले की जांच में गंभीरता बरती तो सच सामने आ गया। भास्कर भी ऐसे मामलों का खुलासा कर रहा है जिसमें कई लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल किया गया, बदनामी के डर से वे पुलिस तक नहीं पहुंचे।

इसमें खास बात यह है कि इन मामलों में साधु संत भी शामिल है जिनसे लाखों रुपए लिए गए। पुलिस ने इसमें कार्रवाई के नाम पर समझौते का रास्ता अपनाया। मामला दर्ज नहीं किया। दैनिक भास्कर की टीम कई दिन की पड़ताल में हर उस व्यक्ति से मिली, जाे ठगी का शिकार हुआ, इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए...

केस-एक

अप्रैल में थानागाजी निवासी 18 और 22 वर्षीय दो भाइयों ने एक महिला से बात करना शुरू किया, वह अपना नाम दीपा बताती थी। मई-जून में लॉकडाउन खुला तो यह महिला बस से थानागाजी पहुंची और दाेनाें भाइयों काे एक जगह बुलाकर दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी। 10 लाख रुपए में समझौते से बात शुरू हुई और आखिर में 50 हजार रुपए में बात तय हाे गई।

बाद में दुष्कर्म में फंसाने की धमकी दे रही महिला ने शपथ पत्र पर लिखकर दिया कि अब मुझे काेई शिकायत नहीं है। इस मामले में ठगी की गवाह उस महिला के अलावा थानागाजी पुलिस रही, लेकिन किसी काे भनक नहीं लगी और ना काेई कार्रवाई हुई।

केस-दाे

राजगढ़ के एक नामी व्यक्ति की पुलिस में दुष्कर्म की शिकायत लिखवा दी। राजगढ़ पुलिस ने उस व्यक्ति काे बुलाया और मामला 3 लाख रुपए में निपटा दिया, लेकिन यहां यह महिला पुलिस काे ही चूना लगाकर चली गई। दरअसल, महिला ने जाे शिकायत दी, उसमें खुद का नाम गीता अलवर लिखवा दिया।

समझाैता हुआ तो पता लगा कि यह महिला गीता नहीं बल्कि दीपा है। उस व्यक्ति के पास महिला का दिया हुआ शपथ पत्र है। जिसे आरोपी बनाकर पुलिस ने धारा 151 में बंद दिखाया, उसकी पत्रावली एसडीएम कार्यालय से भी गायब है। पैसे के बंटवारे काे लेकर खींचतान भी हुई। महिला पैसे लेने राजगढ़ आई।

केस-तीन

मालाखेड़ा के पास एक ढाणी के आश्रम के महंत को भी इस महिला ने अपने चंगुल में फंसाकर करीब 10 लाख रुपए ऐंठ लिए। महंत ने बताया कि महिला ने मुझ पर दुष्कर्म का झूठा केस लगाकर 18 लाख रुपए मांगे। मैं कभी उस महिला से मिला ही नहीं था। इज्जत बचाने के चलते राजगढ़ थाने में डीएसपी की मौजूदगी में मामला 9 लाख रुपए में निपटा।

महंत ने पैसे देने के बाद महिला से राजीनामा का शपथ पत्र बनवाया, जिस पर लिखा था कि मैं दीपा देवी आयु करीब 40 साल अलवर की हूं। 17 जुलाई 2016 को महंत जी ने जो वारदात की, उसका मुझे पूरा बेनीफिट मिल चुका है। इसके बदले मैंने नौ लाख रुपए प्राप्त कर लिए हैं। इस दौरान हमारे बीच किसी प्रकार का मतभेद नहीं रहा है।

केस-चार
बनारस स्थित एक महंत भी इस महिला के चंगुल में फंसा। इस महंत ने बताया कि इस महिला की फेसबुक के जरिए रिक्वेस्ट आई जिसे उन्होंने असेप्ट कर लिया। महिला मुझे फंसाती रही, लेकिन मैं समय से ही संभल गया। फिर भी मेरे खिलाफ दुष्कर्म का झूठा मामला बनाने और पुलिस की धमकी देने लगी। महंत ने बताया कि वाे ताे मेरी पुलिस से जान-पहचान थी, इसलिए मामला सस्ते में निपट गया।

यह महिला पैसे लेने के लिए गुजरात तक गई। महंत ने बताया कि उनकी जन्मस्थली बनारस है और गुजरात के एक गांव में उनका आश्रम है। पुलिस से जानकारी करने के बाद 20 हजार रुपए में समझाैता करवा कर शपथ पत्र बनवाया और राजीनामा किया। यह शपथ पत्र पुलिस के पास है।

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