मांग / होटल एवं पर्यटन व्यवसाय को सरकार अलग से पैकेज दे, खर्च के लिए बिना ब्याज मिले लोन

Government should give separate package to hotel and tourism business, loans without interest for expenses
X
Government should give separate package to hotel and tourism business, loans without interest for expenses

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

अलवर. कोरोना संक्रमण ने जिले के होटल एवं पर्यटन व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। लॉकडाउन के कारण होटल व्यवासियों को अब तक 150 करोड से अधिक का नुकसान हो चुका है। सरकार की ओर से मोडिफाइड लॉकडाउन कर ज्यादातर सेक्टर में छूट देकर अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश की है। लेकिन रेस्टोरेंट, होटलों में खाना खाने पर अभी भी रोक है। कोरोना के कारण शादियों का सीजन भी फीका रहा।  होटल व्यवसायियों का कहना है कि काेराेना  महामारी का सबसे बडा नुकसान होटल एवं टूरिस्ट इंडस्ट्रीज को हुआ है। इसे उभारने के लिए सरकार को अलग से पैकेज जारी करना चाहिए। हाेटल  मालिकों काे रनिंग कास्ट के लिए बिना ब्याज के लाेन दे, इससे यह उद्योग बच सके।
होटल एंड रेस्ट्रा एसोसिएशन के अलवर के अध्यक्ष धीरज कटारिया का कहना है कि होटल व पयर्टन के लिए यह बुरा वक्त है। एसोसिएशन ने इस सेक्टर को उभारने के लिए सरकार से 6 महीने तक बिजली के बिल के फिक्स टैक्स हटाया जाए। नगरीय कर नहीं लेने और व्यवसायियों को आर्थिक पैकेज दिया जाए। सरकार साथ देगी तब भी होटल व्यवसाय को पटरी पर आने में दो साल का समय लगेगा। राम बिहारी कौशिक पैलेस के मालिक रामबिहारी कौशिक का कहना है कि जब यह इंडस्ट्रीज पटरी पर नहीं आ जाती तब तक सरकार को होटल व रेस्ट्रा  चलाने के लिए सरकार को कम से कम दाे साल के बिना ब्याज के पैसा देना होगा। जब हालात सुधर जाएंगे तो सरकार का पैसा लौटा दिया जाएगा। होटल मालिकों को इस समय कैश की जरूरत है।
होटल एंड रेस्ट्रा एसोसिएशन के पूर्व महासचिव पवन खंडेलवाल का कहना है कि सरकार को इस सेक्टर को उभारने के लिए प्लान बनाकर काम करना होगा। इसके लिए बिजली के बिल सहित अन्य कर माफ करे। जिन लोगों ने लोन लिया है,उनकी कम से कम छह महीने तक ईएमआई माफ हो। बंद होटल व रेस्टोरेंट को शुरू करने के लिए पैसा की जरूरत है। इसके लिए सरकार पैकेज दे, जिससे लॉकडाउन के बाद काम चालू कर सकें। इस सेक्टर को उभरने में कम से कम एक साल का समय लगेगा।
जिले में 150 से अधिक है छाेटे बड़े हाेटल, ज्यादातर में काम बंद:
अलवर जिले में 150 से अधिक छोटे और बड़े होटल हैं। लॉकडाउन होने के बाद ये होटल पूरी तरह बंद हैं। इनमें करीब डेढ़ दर्जन  बड़े होटल हैं, जिनमें विदेशी पर्यटकों का आना जाना रहता था। इनमें अमन बाग पैलेस, सरिस्का पैलेस, टाइगर हैवन, नीमराना फोर्ट, केसरोली फोट, तिजारा फोर्ट, राम बिहारी कौशिक पैलेस, टाइगर डेन, सिलीसेढ़ लेक पैलेस, लेमन ट्री, रेड फॉक्स, अलवर बाग, डड़ीकर फोर्ट, टाइगर कैंप, रामाडा सहित जिले में कई बड़े होटल है। ज्यादातर होटलों से स्टाफ भी अपने-अपने घरों को रवाना हो चुका है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि मोडिफाइड लॉकडाउन के बाद ज्यादातर इंडस्ट्रीज तो चालू हो गई है लेकिन होटल और पर्यटन व्यवसाय के भविष्य को लेकर अनिश्चिता बनी हुई है। यूरोप व अमेरिका सहित विश्व के ज्यादातर देशों से पर्यटकों की आवाजाही पर रोक है। फ्लाइटें बंद है। ऐसे में दिसंबर तक विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बहुत कम रहेगी। दूसरी समस्या जो स्टाफ घर जा चुका है उसे बुलाने में वक्त लगेगा।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना