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पूर्व केंद्रीय मंत्री का कोरोना प्रॉटोकॉल चर्चा में:अकेले कार चलाकर जाते हैं अस्पतालों का निरीक्षण करने, पीए के लिए लगा रखी दूसरी गाड़ी; माला पहनने से भी बच रहे

अलवर9 दिन पहले
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पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह खुद कार चलाकर जाते हुए। - Dainik Bhaskar
पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह खुद कार चलाकर जाते हुए।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र का काेरोना प्रॉटोकॉल चर्चा हैं। वे कोरोना गाइडलाइन का पूरा ध्यान रख रहे हैं। अकेले कार में चलते हैं। पीए भी दूसरी गाड़ी में आते हैं। राज्य सरकार के श्रम राज्य मंत्री भी उनकी गाड़ी में साथ जाने की बजाय अलग गाड़ी से चलते हैं। जबकि श्रम राज्य मंत्री के साथ गाड़ी में उनके पीए सहित कई नेता निकलते हैं।

यही नहीं पूर्व मंत्री इन दिनों माला पहनने से भी बच रहे हैं और पार्टी के नेताओं को भी कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने को चेता रहे हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने किशनगढ़बास के विधायक दीपचंद खैरिया को भी कहा कि आपको पूरी सावधानी रखने की जरूर है। असल में विधायक की उम्र के कारण ऐसा कहा था। हालांकि वे पार्टी के अन्य नेताओं को भी कोरोना गाइउलाइन का पूरा ख्याल रखने को कहते हैं।

दिल्ली से आए तो अकेले कार चलाकर
पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह शनिवार को दिल्ली से खुद कार चलाकर लेकर आए। भिवाड़ी में सीएचसी का निरीक्षण किया। एक एंबुलेंस का उद्घाटन किया। इसके बाद विधायक संदीप यादव के परिवार के शोक कार्यक्रम में पहुंचे।वहां से वापस अलवर आए। सब जगहों पर खुद अकेले कार से पहुंचे। गाड़ी भी खुद ही चलाकर लेकर आए। उनके पीए देवेन्द्र भी अलग कार से आए।

श्रम राज्य मंत्री की कार में कई लोग
जबकि श्रम राज्य मंत्री टीकाराम जूली की कार में कई लोग सवार थे। मंत्री के साथ अक्सर उनका ड्राइवर व पीए होता है। इसके अलावा जहां का कार्यक्रम होता है उसी क्षेत्र को कोई न कोई नेता उनकी कार में होता है। कई बार तो तीन से चार लोग भी एक बार में निलकते हैं।

पूर्व मंत्री जा रहे अस्पतालों में
पूर्व मंत्री जितेन्द्र सिंह इन दिनों कई जगहों पर निरीक्षण करने जाने लगे हैं। पिछले दिनों कई अस्पतालाें में पहुंचे हैं। कई जगहों पर एंबुलेंस सहित अन्य विकास के कामकाज का उद्घाटन भी किया है। सब जगहों पर अधिकतर समय अकेले ही पहुंचे हैं। कार्यक्रम के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग बना कर रखते हैं। इसके अलावा एक की बजाय दो मास्क लगाकर रख रहे हैं। असल में, कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह जरूरी है। इस तरह सख्त गाइडलाइन का पालन करके कोरोना को जल्दी मात दी जा सकती है।

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