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  • In Alwar, The Biggest Gutkha Manufacturing Factory In The State, Doctors Are Telling That 100 To 125 Cancer Patients Are Coming Every Year In Alwar Alone, Of Which 90 Percent Are In The Mouth.

अलवर में है राजस्थान की सबसे बड़ी गुटखा फैक्ट्री:डाॅक्टर बोले- यहां हर साल 100 में से 90 लोगों की मुंह के कैंसर से जा रही जान; रोक के बावजूद धड़ल्ले से बिकता है सामान

अलवर19 दिन पहले
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विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर भी धड़ल्ले से बिकता है सामान। - Dainik Bhaskar
विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर भी धड़ल्ले से बिकता है सामान।

अलवर में हर माह 2 कराेड़ का माल पान-मसाला गुटखा बेचने वाली फर्म से सरकार करीब 1 कराेड़ रुपए टैक्स लेती है। इस गुटखे से अकेले अलवर जिले में हर साल 100 में से 90 लोगों की मुंह के कैंसर से मौत हो रही है। वहीं, राज्य में 30 प्रतिशत कैंसर का कारण गुटखा तम्बाकू है। अलवर के गुटखा खाने वाले मामा गुटखा और आकाश के नाम से ही दुकानदारों से मांगते हैं। भले ही कम्पनी अपने ब्रांड को तम्बाकू उत्पाद बता कर बेच रही है।

कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर बीके खत्री के अनुसार अकेले भारत देश में हर साल 45 हजार से अधिक मौत कैंसर से होती है। मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण गुटखा, तम्बाकू है। वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार अलवर में पान-मसाला के नाम से गुटखा बनाने वाली फैक्ट्री प्रदेश में सबसे बड़ी है। जो हर महीने करीब डेढ़ से 1 से सवा कराेड़ रुपए सरकार को टैक्स देती है। अलवर में बन रहा तम्बाकू पान-मसाला वाला गुटखा अलवर के अलावा एनसीआर, राजस्थान सहित उत्तरप्रदेश के जिलों में बहुतायत में बिकता है। जिसके जरिए अनगिनत लोग कैंसर के शिकार होते हैं।

तम्बाकू निषेध दिवस पर भी बिक रहा
चाहे लॉकडाउन हो या विश्व तम्बाकू निषेध दिवस। तम्बाकू धड़ल्ले से बिकता रहता है। इसके खाने वालों पर भी पाबंदियों का कई असर नहीं पड़ता। लॉकडाउन के उल्टा महंगा बिकने से बनाने व बेचने वालों ने ज्यादा पैसा कमाया है।

चालान हो रहे, लेकिन फर्क नहीं पड़ा
सरकार की ओर से तम्बाकू व गुटखा उत्पाद बेचने, चेतावनी जारी करने को लेकर गाइडलाइन है। जिसका उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाता है। सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद एक्ट 2003 कोटपा एक्ट के तहत प्रदेश में अब तक 7 हजार 385 लोगों का चालान किया गया है। जिससे सरकार को 3 लाख 70 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया है। जिला अस्पताल में तम्बाकू परामर्श केन्द्र है। जहां नि:शुल्क इस लत को निकोटीन गम दी जाती है।

एक्सपर्ट साफ चेता रहे तम्बाकू से मुंह खुलना कम

इएसआइसी अस्पताल में वरिष्ठ आंकोलॉजिस्ट कंसलटेंट डॉ आरसी जोशी ने बताया कि हमारे देश में तम्बाकू के सभी तरह के उत्पादों से करीब 10 लाख लोगों की मौत हो जाती है। कुल कैंसर के मरीजों में से 30 प्रतिशत से अधिक तम्बाकू सेवन करने वाले शामिल होते हैं। तम्बाकू फेफड़े, भोजन नली, मूत्रालय, आंत सहित शरीर के अनेक अंगों को खराब कर देता है। जिससे कैंसर होने का पूरा खतरा रहता है। तम्बाकू सेवन करने वालों को धीर-धीरे मुंह खुलना कम होता जाता है। बाद में यही बीमारी कैंसर मे बदल जाती है। लगातार तम्बाकू का सेवन करने वालों में 15 साल बाद कैंसर होने के चांस हो जाते हैं। अनेक कारणों से पहले भी संभव है।

राजस्थान में 1 करोड़ 11 लाख तम्बाकू-सिगरेट का सेवन कर रहे
सरकार के सर्वे के अनुसार अकेले राजस्थान में 15 से 19 साल के करीब 19 लाख किशोर व युवा सिगरेट व तम्बाकू रूपी गुटखा का सेवन करते हैं। 15 से अधिक उम्र के कुल करीब 1 करोड़ 11 लाख लोग सिगरेट व तम्बाकू का सेवान कर रहे हैं। इसके सेवन से 90 प्रतिशत में गले व मुंह व फेफड़ों का कैंसर होता है। 10 प्रतिशत हार्ट अटैक से भी मरते हैं।

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