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  • In Alwar's Kotkasim, The Dream Of The Airport Is Incomplete For A Decade, Now Even ITI Is Not Able To Make It, The People Of Jaudia Have Spent 20 Lakhs From Their Pocket.

न स्किल न हवा में उड़ पा रहे:अलवर के कोटकासिम में 1 दशक से एयरपोर्ट का ख्वाब अधूरा, अब  आईटीआई भी नहीं बना पा रहे,  जौड़िया गांव वालों ने अपनी जेब से 20 लाख खर्च कर दिए

अलवर2 महीने पहले
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दो साल पहले जौड़िया में आईटीआई भवन का शिल्यास करते भाजपा नेता। - Dainik Bhaskar
दो साल पहले जौड़िया में आईटीआई भवन का शिल्यास करते भाजपा नेता।

40 लाख से अधिक आबादी वाले अलवर जिले के युवाओं को न स्किल मिल पा रही न हवा में उड़ने का सपना पूरा कर पा रहे हैं। जिले के कोटकासिम में 1 दशक से अधिक समय से एयरपोर्ट बनने का ख्वाब अधूरा है। अनेकों बार इसको लेकर केंद्र व राज्य सरकारों पर मंथन हो चुका। लेकिन एयरपोर्ट की नींव नहीं रखी जा सकी है। ठीक उसी तरह पिछले 2 साल में कोटकासिम के जौडिया गांव में 10 करोड़ की आईटीआई के भवन की नींव रखने के आगे कोई काम नहीं हो सका। जबकि इसमें ग्रामीणों के 20 लाख रुपए खर्च हो गए। सरकारों की लेटलतीफी के कारण अब यही भवन बनाने में 65 लाख और ज्यादा खर्च होंगे।

8 ट्रेड की बड़ी आईटीआई
साल 2019 में कोटकासिम क्षेत्र में एक 8 ट्रेड की बड़ी आईटीआई की घोषणा की गई थी। सरकार ने इसके निर्माण के लिए 10 करोड़ 70 लाख रुपए मंजूर किए थे। उसके 2 साल बीत जाने के बाद यहां आज तक एक ईंट नहीं लग सकी।
रास्ते की जमीन पर खर्चे 20 लाख रुपए
क्षेत्र के जौड़िया गांव में जब आईटीआई की घोषणा हुई तब ग्रामीणों को इतनी खुशी हुई कि उन्होंने जनसहयोग से 20 लाख रूपए एकत्रित कर आईटीआई के लिए रास्ते की जमीन खरीद की। लेकिन उसके बाद आईटीआई का काम अटका हुआ है। प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं।

ये एयरपोर्ट के लिए कोटकासिम में चह्नित जमीन।
ये एयरपोर्ट के लिए कोटकासिम में चह्नित जमीन।

जिले की तीसरी सबसे बड़ी आईटीआई

अलवर व बहरोड़ के बाद जिले की तीसरी सबसे बड़ी आईटीआई है। आसपास बड़े इंडस्ट्रियल एरिया हैं। जिसमें स्किल वाले युवाओं को रोजगार के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। लेकिन आईटीआई का भवन ही नहीं बन पा रहा है। समय पर आईटीआई शुरू हो जाए तो हर साल सैकड़ों क्षेत्री युवाओं को स्किल के आधार पर अच्छे रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

अब 65 लाख ज्यादा खर्च होंगे
मंहगाई बढ़ने से अब उसी आईटीआई भवन को बनाने में 65 लाख रुपए ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे। जिसके लिए वापस पीडब्ल्यूडी को स्वीकृति लेनी होगी। जून 2019 में 10 करोड़ 70 लाख रुपए की राशि मंजूर हो चुकी है। लेकिन 2 साल बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने की वजह से अब इसके निर्माण कार्य में होने वाले खर्च में 65 लाख की बढ़ोत्तरी भी हो गई। निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए पीडब्लूडी कार्यालय को ओर से कई बार उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है लेकिन विभागीय स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है। जिसके लिए सरकार को 11 करेाड़ 35 लाख रुपए का संशोधित प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उसकी मंजूरी के बाद ही निर्माण शुरू हो सकेगा। आईटीआई विकास समिति ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा है। समिति के अध्यक्ष सुधीर यादव ने कहा कि यहां जल्दी स्वीकृति दिलवाने के लिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। समिति के सचिव चंद्रशेखर ने कहा आईटीआई के लिए सब जरूरी प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद भी इसको निर्माण के लिए स्वीकृति नहीं मिल रही है। अगर जल्दी यहां कार्य शुरू होता है तो कोटकासिम क्षेत्र के बच्चों को इसका पूरा लाभ मिलेगा।

कोटकासिम आईटीआई के इंचार्ज प्रिसिंपल विजयसिंह
हमने संशोधित लागत का प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा है. जैसे ही वहां से वित्तीय स्वीकृति मिलती है, टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है

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