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चिंता में किसान:दर्जनों गांवों में टिड्डी दल ने कपास पर हमला किया, खेतों में अंडे छोड़े, जयपुर सीमा में घुसा

बहरोड़4 महीने पहले
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  • करीब 3 किमी के दायरे में टिडि्डयों की मौजूदगी, किसानों की परेशानी बढ़ी

हरियाणा के नारनौल से टिड्डियों के दल ने गुरुवार को राजस्थान की सीमा में प्रवेश किया। जिसने दर्जनों गांवों में कपास, बाजरा तथा ज्वार सहित तिल की फसल को नुकसान पहुंचाया। किसानों ने थाली व पीपे बजा खदेडा तो टिड्डियां नालोता गांव के पास से कोटपूतली में पहुंच गई। कृषि विभाग के अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी टिड्डियों के पीछे वाहन लेकर दौड़ लगाते रहे।

कृषि विभाग ने दवा का छिड़काव करवाने के बजाए, उन्हें भगाने के लिए डीजे बजवाया। दोपहर करीब 2 बजे टिड्डी दल ने हरियाणा के नारनाैल से प्रवेश किया। टिड्डी दल गांव बालपुरा, कुरैली, भगवाड़ी, कोहराना, अनंतपुरा, बनहड़, खोहरी, खापरिया, तसींग, खरखड़ा, गादोज, गूंती तथा नालोता होते हुए निकला। टिड्डियों के आने की खबर क्षेत्र में तेज गति से फैल गई। कृषि विभाग के अधिकारी गाड़ियां लेकर टिड्‌डी दल के पीछे दौड़े। किसान परिवार महिलाओं एवं बच्चों के साथ खेतों में दौड़ते रहे। हाथों में थाली, परात, लोहे के पीपे सहित बर्तन बजाकर टिडि्डयों को खदेड़ना शुरू किया।

इससे टिड्‌डी दल जयपुर के क्षेत्र में दाखिल हो गया व स्थानीय किसानों ने फसल को होने वाला नुकसान बचा लिया। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में टिड्डियों से निपटने के लिए संसाधन है। हालांकि मौके पर विभाग के कहीं इंतजाम नजर नही आए। एसडीएम संतोष मीणा ने कृषि अधिकारियों के साथ गांव तसींग, कृष्ण नगर, गादोज, गूंती गांवों का दौरा किया।

दो हफ्ते पहले जो दावे किए, वे कहीं नहीं दिखे
किसान राजेंद्र प्रसाद यादव, विजय सिंह यादव, बनवारी लाल, अमर सिंह ने बताया कि अचानक से आए टिड्डी दल ने फसल को नष्ट कर दिया। जिनके फसल पर बैठने पर पत्ते नष्ट हो गए। फसलों में नुकसान करने के साथ विभिन्न रंग की टिड्डियां हरे रंग के अंडे खेतों में छोड़ गई।

देर शाम तक किसान लोग खेतों में मौजूद रहकर फसल बचाने में लगे रहे। कृषि विभाग एवं प्रशासन ने टिड्डियों के दल से निपटने के लिए दो सप्ताह पहले पूरे इंतजाम होने का हवाला दिया। कृषि विभाग ने प्रशासन को बताया था कि टिड्डियों से निपटने के लिए 87 ट्रेक्टर माउंटेंड स्प्रेयर से टाईअप किया हुआ है। तीन दमकल की गाड़ियां तैनात हैं। रसायनों की व्यवस्था की हुई है। लेकिन गुरुवार को यह सब कहीं नजर नहीं आया। इसे लेकर किसानों में आक्रोश भी बना रहा।

रात में टिड्डी दिखें तो सूचना दें-कृषि विभाग
^जिले में टिड्डी का प्रकोप बढ़ रहा है। टिड्डियों पर दिन के समय कीटनाशी का स्प्रे किसी भी सूरत में संभव नहीं हा़े सकता है। यदि टिड्डी दल का रात्रि पड़ाव किसी गांव में होता है, तो किसान कृषि विभाग को तुरंत सूचित करें ताकि टिड्डी नियंत्रण के लिए सफल ऑपरेशन चलाया जा सके।
-पीसी मीणा, उपनिदेशक कृषि, अलवर

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