गंदगी का अंबार:कई जगह कचरे के ढेर, नालियों की भी नहीं होती सफाई

अलवर20 दिन पहले
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स्कीम दाे स्थित नालियाें में गंदगी भरी रहती है, क्योंकि सफाई नहीं होती। - Dainik Bhaskar
स्कीम दाे स्थित नालियाें में गंदगी भरी रहती है, क्योंकि सफाई नहीं होती।
  • आवारा पशुओं के कारण भी आए-दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे

शहर की पाॅश काॅलाेनियाें में शामिल स्कीम नंबर दाे, लाजपत नगर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। नालियों की सफाई नहीं होती। आवारा पशुओं के कारण आए-दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को ये समस्याएं नजर नहीं आती। परेशान लोग शिकायतें करते-करते थक चुके हैं। लोगों का कहना है कि काॅलाेनी की दुर्दशा के लिए नगर परिषद के अधिकारी जिम्मेदार हैं।

ऐसी दुर्दशा कच्ची बस्तियाें और अविकसित काॅलाेनियाें में नजर आती है। यहां नालियां कचरे से लबालब भरी हुई रहती हैं। क्षेत्र के निवासी कहते हैं कि हमने कई दिनों से नालियाें की सफाई हाेती नहीं देखी। नालियाें में गंदगी भरी हुई है। मच्छरों के कारण बीमारियां फैल रही हैं। नालियों के आसपास उगी घास को भी नहीं हटाया जाता। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहते हैं। कॉलोनी के कई लोग डेंगू, मलेरिया और वायरल की चपेट में हैं। डेंगू से एक व्यक्ति की माैत भी हो चुकी है।

काॅलाेनी में दाे वार्ड पार्षदाें का क्षेत्र है। वार्ड नं. 50 की पार्षद नेहा राजू और वार्ड नं. 58 की पार्षद देवेंद्र काैर भी लोगाें की समस्याएं दूर नहीं कर पा रहे हैं। इस काॅलाेनी ने नगर परिषद काे पूर्व में दाे सभापति दिए हैं, फिर भी सफाई के हालत बदतर है।

जिम्मेदारों का दावा- सफाई होती है

सफाई निरीक्षक लक्ष्मण मीणा का कहना है कि सफाई कराई जाती है। संसाधनाें की कमी के कारण हमें दिक्कतें आ रही हैं। पार्षदाें के पास लेबर दी गई है। पार्षद नेहा राजू व देवेंद्र काैर का कहना है कि हमने जमादाराें से कह रखा है कि हमें सफाई चाहिए। लेबर का उपयाेग आप अपने तरीके से करें। इसके बावजूद सफाई से संतुष्ट नहीं हैं।

लोग बोले- मच्छर और बदबू से बुरा हाल हाे जाता है

काॅलाेनी के निवासी विशाल गांधी ने बताया कि नालियाें की सफाई नहीं हाे रही है। मच्छरों के कारण बीमारियां फैल रही हैं। कुछ दिन पहले मेरे ताऊजी की डेंगू व स्क्रब टाइफस के कारण माैत हाे गई। इसी काॅलाेनी के संजय अराेड़ा ने बताया कि नालियाें की सफाई हाेते हुए देखी नहीं है।

राेड की सफाई हाेती है। उसका भी कचरा नहीं उठता है। पूरी काॅलाेनी में यही हाल है। पारस अग्रवाल ने बताया कि घर के बाहर सड़क पर दाे मिनट खड़े नहीं रह सकते हैं। मच्छर काटने लगते हैं। बदबू भी रुकने नहीं देती है। शिकायताें के बाद भी कार्रवाई नहीं हाेती है।

वीना अराेड़ा ने बताया कि जिस काॅलाेनी में हम रह रहे हैं, उसका शहर में नाम है। लेकिन हम जानते हैं कि नगर परिषद की उपेक्षा के कारण हम किस माहाैल में जी रहे हैं। काॅलाेनी के मदन लाल अराेड़ा ने कहा कि काॅलाेनी के नालियाें की सफाई हाेते हमने कई महीनाें से नहीं देखी है। कचरे को भी नालियाें में डाला जा रहा है।

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